हजारीबाग,दारू से कुनाल कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कह रहे है कि भारतीय नारी आज हर छेत्र में तरक्की कर रही है। हर वह काम को अंजाम दे रही है जो पुरष किया करते है। मगर आज भी वो घर के चार दिवारी बड़े पैमाने में भेद भाव की सीकर बनी हुई है। महिला ससक्ति करना में भले ही भारत की तस्बीर पहले से बेहतर नजर आती है मगर वो तस्वीर आज भी अधूरी है। भोत से सर्वेक्षण के जरिये ये पता चला है कि आज भी महिलाए को अपने छोटे मोटे फैसले लेने का हक़ नही है। हर 10 लड़की में 4 लड़की ऐसी है जिन्हें अपने सादी के फैसले में सामिल नही किया जाता है। इनमे से कियो को आज भी डॉक्टर से दिखने से पहले परिवार की इजाजत लेनी पड़ती है। कई लडकिय तो ऐसी है जीने अपने ही परिवार के साथ बहार जाने तक की अनुमति नही है। यह है हमारे देश होनो वाली हिंसा जो लडकियों के साथ आये दिन किया जा रहा है।

जिला हजारीबाग के दारू प्रखंड से कुनाल कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि हर छेत्र में सफल होने के वावजूद भी आज अधिकतम महिलाओ को परदे में रहना पद रहा है। महिलाए अपने काबिलियत को हर छेत्र में आज साबित कर रही है फिर भी उनके साथ घरेलु हिंशा हो रही है। आज भी देश में बहोत बदलाव की जरुरत है। महिलाओ के लिए कुछ करने की जरुरत है जिससे वो भी सम्मान के साथ खुद के देश में रह सके।

जिला हजारीबाग के दारू प्रखंड से कुनाल कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है की घरेलु हिंसा में मुख्य रूप से लडकियो के साथ अधिकांश रूप से भेद भाव किया जाता है। महिला शासक्ति करण के मामले भले ही भारत की तस्वीर पहले की भाती बेहतर नजर आती है लेकिन भारतीये परिवारो के आर्थिक स्थिति पर किये गए अलग अलग तस्वीर नजर आएगी।अधिकांश लडकियो को आज भी अपने अधिकार के फैसले लेने का अधिकार नहीं दिया जाता है।इस तरह से लड़कियो के साथ भेद भाव किया जाता है।

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हजारीबाग: निहाल कुमार हजारीबाग जिले के दारू गाँव से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एड़ियों को कैसे स्वस्थ्य रखा जाता है इसके बारे में जानकारी दिया है उन्होंने बताया है कि एक छोटा चम्मच पेट्रोलियम जेली एवं निम्बू का रस का मिश्रण तैयार करें फिर तैयार मिश्रण को अपने फटे एड़ियों में मालिश करें। साथ ही मोटे मौजे का प्रयोग करें और रात भर मौजा पहने रहें।