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बाल विवाह मुक्त झारखण्ड अभियान की पहली कड़ी में यह बताया गया कि बाल संरक्षण का मलतब बच्चों को हिंसा, बुरे विचार,शारीरिक,मानसिक या किसी तरह के शोषण और बेइज्जती से बचाना। इनसे प्रभावित बच्चों को सहारा और मद्दद प्रदान करना भी बाल संरक्षण का एक हिस्सा होता है. इस कार्य के लिए कई सारे आसरे गृह भी मौजूद हैं।सयुंक्त राष्ट्र के बाल संरक्षण अधिवेशन के मुताबिक 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों की गिनती बच्चो में की जाती है। समाज में कई तरीकों से बच्चों के साथ शोषण किया जाता है जैसे- बाल मजदूरी जंहा लोग बच्चो से इस लिए काम करवाते हैं क्योकि बच्चों को कम मजदूरी देना पड़ता है।साथ ही कानून एक्ट की भी जानकारी दी गई। बच्चों की सुरक्षा संबंधित कई सारी जानकारियों के बारे में बताया गया। दोस्तों क्या आपको भी लगता है की बाल विवाह एक हिंसा है। अगर हाँ तो क्यों और यदि ना तो क्यों नहीं।

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बाल विवाह अभिशाप है इसे रोकना ही विकास है, और हम इसे बदल सकते हैं।मोबाईल वाणी और चेतना विकास की ओर से बाल विवाह मुक्त झारखंड बनाने के लिए प्लान इण्डिया एक अभियान चला रही है।जिसमे हमें बाल विवाह और उससे जुड़े कई विषय पर जानकारी मिलेगी।जो दो अक्टूबर से बीस नवम्बर तक चलेगी। उसी अभियान के तहत एक प्रतियोगिता भी हो रही है। ये प्रतियोगिता भी बाल विवाह पर आधारित है। इसमें कोई भी श्रोता बाल विवाह पर लोक गीत,कविता या नारा रिकॉड करवा सकते हैं । बीस नवम्बर यानि प्रतियोगिता ख़त्म होने पर झारखंड मोबाईल वाणी पर छः भाग्यशाली विजेता का नाम भी घोषित किया जायेगा। और उन्हें मिलेगा 50 रुपये का मुफ्त मोबाईल रिचार्ज

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जैसा की हम सभी जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है । और यहाँ के लगभग 70 प्रतिशत लोग आज भी अपनी जीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं । साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का अहम योगदान है। दोस्तों ,हमारे देश में मौसम के आधार पर विभिन्न तरह की फसलें उगाई जाती है और इन्हीं में से एक है रवि फसल। रवि फसल की बुवाई किसानों द्वारा हर वर्ष अक्टूबर -नवम्बर के महिनों में की जाती है। इस मौसम में किसान मुख्य रूप से जौ,गेहूँ,चना,मसूर और सरसो की फसल लगाते हैं। श्रोताओं, किसानों के लिए खेती एक जुआ के सामान होती है जिसमें अक्सर किसानों को कई तरह के प्राकृतिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।हालांकि सरकार द्वारा इन समस्याओं से निपटने हेतू कृषकों के लिए कई योजनाएँ भी बनाई जाती है। दोस्तों ,हम आपसे जानना चाहते हैं कि रवि फसल की खेती करते समय कृषकों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है...? क्या सरकार द्वारा कृषकों के लाभ के लिए बनाई गई योजनाओं का पूरा लाभ उन्हें सही समय पर और आसानी से मिल पाता है...? क्या लैम्स द्वारा किसानों को रवि फसल के लिए सस्ते दरों में बीज उपलब्ध कराइ जाती है...? आपके पंचायत में क्या रवि फसलों की सिचाई के लिए सुविधा है ?साथ ही क्या किसानों को हुई रवि फसल में नुकसान का भरपाई पंचायत स्तर से भी किया जाता है...?

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