सर्वेश तिवारी, गिरिडीह, झारखंड।झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार सोशल मीडिया पर एकतरफा कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को निष्पक्षता से अपने दायित्व का निर्वाह करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस महामारी के विषम परिस्थिति में सोशल मीडिया में अगर कोई घोर आपत्तिजनक पोस्ट डालता है तो उस पर आवश्यक कार्यवाही होनी चाहिए। लेकिन सिर्फ एक वर्ग और समुदाय को चिन्हित कर कार्रवाई होती है तो यह सरकार का पूर्वाग्रह दिखता है। श्री प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि यह महामारी का समय है,और इस समय पर राजनीति और तुष्टीकरण की बात सोचना भी नहीं चाहिए। प्रतुल ने कहा कि पूरे राष्ट्र में आपदा से संबंधित कानून लागू है। अधिकारियों को पार्टी के एजेंट के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए। अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए सिर्फ एक समुदाय से जुड़े लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया के पोस्ट पर एकतरफा कार्यवाही नहीं करनी चाहिए। राज्य सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वह सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। सरकार और प्रशासन को भड़काऊ पोस्ट, मीम एवं कार्टून के बीच के अंतर को भी समझना चाहिए। प्रतुल ने कहा कि जहां एक ओर सरकार सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई कर जेल भेज रही है। तो दूसरी तरफ कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में यह दिखाया गया है कि हिंदपीढ़ी में 2 मामले सामने आने के बाद कर्फ्यू का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों का स्वस्थ रहना सर्वोपरि है। और हेमंत सरकार को अभिलंब चिन्हित एरिया में कड़ाई से कर्फ्यू लागू करना चाहिए और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।