जिला पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड से मनोज कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि कृषक साल में एक बार धान कि खेती करते है और बाकी समय खाली जमीन छोड़ देते है लेकिन अब इनके जमीनो पर उधोग जिंदल कंपनी कि नजर पड़ गई है इसके कारन लोग अपने जमीनो को बेचना सुरु कर दिए है शहरी लोग इनके जमीनो को कई गुणा ज्यादा दाम देकर खरीद रहे है जो लोग अपना जमीन बेच रहे है वे उन पैसे को खर्च करने के बाद भूमि हिन् बन कर अपने क्षेत्र को छोड़ कही अपना वन भूमि बनाने पर मजबूर हो जाएंगे यदि सरकार द्वारा इनकी कोई मदद नहीं किया गया तो कई गांव विस्थापन हो जाएंगे।
