झारखंड राज्य के बोकारो ज़िला के जरीडीह प्रखंड से सुरेंद्र कुमार महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय का समय प्रातः नौ बजे रहती है लेकिन शिक्षक अपने समयनुसार विद्यालय नहीं आते हैं। जिस कारण छात्रों को गुणवक्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती है। साथ ही कई विद्यालय में यह भी देखने को मिलता है, कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने से अधिक मध्यान भोजन पर ध्यान देते हैं। जिससे यह ज्ञात होता है कि शिक्षक विद्यालय केवल मध्यान भोजन तथा वेतन पाने के लिए ही आते हैं। परीक्षा के समय छात्रों से थोड़ी खर्चे की मांग की जाती है और कहा जाता है की परीक्षा में तुम्हें पास कर दिया जाएगा। इससे यही ज्ञात होती है कि छात्रों का भविष्य उज्जवल होने की जगह अंधकारमय होता जा रहा है।