जिला गिरिडीह से श्री रामचन्दर जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि 2010 से पंचायती राज लागू हुआ है और मुखियाकरण का माहौल बना परन्तु यहाँ के जो मुखिया हैं वे विचौलिये से ही काम करवाते हैं। और उनसे ही अपना फ़ायदा भी लेते हैं। वे कहते हैं कि ग्रामीणों को यहां तक पता नहीं होता हैं कि कौन सी योजना और किस प्रकार की योजना किसके लिए हैं । गांव घर में वैसे लोगों आज भी झोपड़पट्टी है, जो पहले था। लोगों के घरों में बारिश का पानी कल भी छत से गिरता था और आज भी गिरता है। पंचायतों में आज तक कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। उनका कहना है कि अगर इस तरह का रवैया रहा, तो बदहाली को दूर करने ले लिए सरकारी विभाग को या तो गांव-गांव में महीने में एक बार मुखिया के उपस्थिति में कैंप लगवाना चाहिए। और लोगो तक योजनाओ की जानकारी पहुचानी चाहिए। जिससे गरीब लोगो को फायदा मिल सके।
