नमस्ते साथियो जयपुर वाणी पर आपका स्वागत है, आशा करते हैं आप जयपुर वाणी के प्रोगाम सुनते होंगे और साँझा भी करते होंगे | हाल ही में अपने सुना या पढ़ा होगा की मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से कारन आज 17वीं मौत की खबरें प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट किया गया है कि मृतक ने भागीरथपुरा की एक होटल में चाय-नाश्ता भर किया, उसके बाद बीमार पड़े, किडनी फेल हुई और मौत। एक गिलास साफ पानी नहीं मिलने से किसी की जिंदगी चली गई, वहीं दूसरी तरफ इंदौर में पेयजल सप्लाई का 65 फीसदी हिस्सा वर्ष 2018 में जलहानि के रूप में दर्ज हुआ। जयपुर वाणी के श्रोता को साँझा करना चहहगय की जल हानि को दो तरह से देखा जाता है। भौतिक हानि में मुख्य रूप से पाइप लाइन जोड़ों, संयोजन जलाशयों में रिसाव तथा सम्प से ज्यादा पानी बहने के कारण हैं, जबकि अभौतिक हानि की श्रेणी में पानी की चोरी, असंबद्ध कनेक्शन, गलत मीटर रीडिंग, पानी की खुली टोंटियां आदि से होने वाली हानि को जोड़ा जाता है। 2013-14 में भोपाल में पानी की बर्बादी 30 प्रतिशत थी, जबकि इंदौर के लिए उस वर्ष कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। 2014-15 में भोपाल में जल हानि 30 प्रतिशत रही, वहीं इंदौर में यह 65 प्रतिशत दर्ज की गई।2015-16 में भोपाल में पानी की बर्बादी बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई, जबकि इंदौर में यह 70 प्र तिशत तक पहुंच गई। 2016-17 में भोपाल में जल हानि 38 प्रतिशत बनी रही और इंदौर में यह 69 प्रतिशत रही। 2017-18 में भोपाल में भी जल हानि 38 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि इंदौर में यह 65 प्रतिशत रही। हाल की स्तिथि को देखते हुए इंदौर में प्रदूषित जल मामले को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में पांच जनहित याचिकाओं की सुनवाई एक साथ की है । कोर्ट ने छह जनवरी को सरकार से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा था। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि पानी लोगों का एक मौलिक अधिकार है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल मामले से पूरे देश में सबसे साफ शहर की छवि को नुकसान पहुंचा है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। इधर बीमार होने का मामला थम नहीं रहा है। मंगलवार को 38 नए बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हम सब यही प्रयास कर सकते हैं की हम हमारे आस पास जल संसाधानो की अच्छे से देख रेख करे, गन्दा पानी आने पर जल अभियंतिकी विभाग को सूचित करे, सीवर और नाले के भराव पर नगर निगम से बातचीत करे, आपस में इन मुद्दों को समझे और प्रतिक्रिया दिखाए | इस समाचार को जानकर, आप अपने सुझाव हमे नंबर 3 दबा कर दे सकते हैं, यदि आपने भी अपने क्षेत्र में पानी और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों को समाधान की और लाया है तोह अपनी कहानी हम से जरूर साँझा करे | हम जल्द आपको मिलेगी नए सदेश के साथ धन्यवाद |
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