उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के तुलसीपुर प्रखंड के ग्राम बदलपुर से वंदना मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि मुर्गी पालन के लिए पचास हज़ार रूपए लगता है

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के तुलसीपुर प्रखंड के ग्राम बदलपुर से सुनीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि भैंस पालन के लिए पचास हज़ार रूपए लगता है

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के तुलसीपुर प्रखंड से सनोज मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि भैंस पालन के लिए 50 हज़ार रूपए लगता है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग से गीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसानों का शहरों की ओर पलायन  कम आय, शिक्षा और  स्वास्थ्य समस्याओं  से उपजी समस्या है, जबकि गाँव में ही कृषि का विकल्प,जैसे- फूड प्रोसेसिंग, जैविक खेती, पशुपालन,इत्यादि खोजना एक दीर्घकालिक और बेहतर समाधान है। लेकिन,अचानक खर्चे के लिए पैसे चाहिए और इस जरूरत के लिए मौसमी पलायन भी जरूरी हो जाता है। कृषि का विकल्प गाँव में खोजना एक स्थायी समाधान हो सकता है। कम पानी वाली फसलों को लगाया जा सकता है। गाँव के पास ही कृषि से जुड़े छोटे उद्योग (जैसे- दूध डेयरी, अचार-पापड़, जूट लगा सकते हैं। मछली पालन, मधुमक्खी पालन, या जैविक खेती भी किसानों के लिए एक उत्तम विकल्प है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रमोद कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि भैंस पालन के लिए एक लाख रूपए की आवश्यकता है

इस आख़िरी कड़ी में पानी बचाने और ज़मीन को सँभालने के आसान तरीकों पर बात होती है। खेती और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की समझ इस एपिसोड का मुख्य संदेश है |

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