बरियारपुर मे 29 दिनो तक षौशाहार सप्ताह मनाई गई | विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेतिया बंबर में डॉ अपूर्व कुमार की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया | विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।   

बरियारपुर में पोषण आहार योजना का सुभ आरंभ हुआ | इस अवसर पर प्रखंड के बाल विकास योजना पदाधिकारी पूनम कुमारी , प्रीति प्रिया, पिंकी कुमारी और सुमित कुमार के साथ अनिल परियोजना आंगनबाड़ी सेविका सहायिका थे | विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।  

मय पंचायत की जीविका दीदी मेघा कुमारी से विशेष बातचीत में उन्होंने बताई कि सही पोषण देश रोशन विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर को सुने और बने रहे मोबाइल वाणी के साथ आपका अपना सामुदायिक मीडिया चैनल सबसे आगे सबसे पहले हर पल पल की खबर सुने 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी-बड़ी खबर को सुनें और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी-बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या यह प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें

• बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर के तत्वावधान में वेबिनार सह पोषण कार्यशाला का हुआ आयोजन • पोषण में कृषि विज्ञानं केन्द्रों की सहभागिता पर हुई चर्चा • पोषण वाटिका विषय पर आंगनवाड़ी सेविकाओं को दिया गया प्रशिक्षण पटना/ 18 सितंबर- राज्य में सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. कृषि को पोषण से जोड़ने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार प्रयासरत है. कृषि उत्पादों में पोषक तत्वों को समाहित करने के विषय पर किये जा रहे कार्यों एवं पोषण वाटिका के महत्त्व को समझते हुए कृषि पोषण एवं पोषण वाटिका पर सविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर के तत्वावधान में वेबिनार के माध्यम से शुभारंभ किया गया. ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।

राष्ट्रीय पोषण अभियान को गति देने के लिए पूर्णिया के जिलाधिकारी राहुल कुमार ने अपने समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में ज़िलास्तरीय वरीय अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय कन्वर्जेन्स एक्शन प्लान (सी.ए.पी.) की वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से बैठक की. बैठक में जिलाधिकारी राहुल कुमार ने देशव्यापी पोषण अभियान में गति देने के लिए विभागीय अधिकारियों सहित स्वास्थ्य विभाग, केयर इंडिया के साथ ही कई अन्य अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए. बैठक में जिलाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि पोषण अभियान में तेजी लाने के लिए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाता हैं. इस वर्ष भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करते हुए पूरे जिले में पोषण माह मनाया जा रहा हैं ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि शिशु के जन्म से छह माह पश्चात उन्हें पोषण देना शुरू कर दिया जाता है. अगर शिशु को सही समय पर सही पोषण न मिल सके तो वह कुपोषण का शिकार हो सकता है. शिशुओं में कुपोषण की मात्रा को कम करने के लिए सरकार द्वारा पूरे सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. पूरे माह के दौरान लोगों को विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से शिशुओं में कुपोषण से होने वाली खतरों की जानकारी देने के साथ साथ सही पोषण सम्बंधित जानकारियाँ दी जाती है. सही पोषण के मिलने से ही शिशुओं में कुपोषण की सम्भावना खत्म हो सकती है. इसलिए बाल कुपोषण को दूर करने के लिए पोषण की सही जानकारी का होना जरूरी है.ऑडियो पर क्लिक कर सुने पूरी रिपोर्ट।.

• अतिकुपोषित बच्चों की पहचान एवं उनके रेफ़रल पर होगा ज़ोर • पोषण वाटिका निर्माण को दी जाएगी गति • पोषण जागरूकता रथ किया गया रवाना • ग्रह भ्रमण से समुदाय स्तर पर कुपोषण प्रबंधन को लेकर फैलाई जाएगी जागरूकता • उचित पोषण व्यवहार को जनांदोलन बनाने की होगी क़वायद पटना/ 9 सितंबर: वर्ष 2018 के सितंबर माह से प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की गयी थी। देश भर से कुपोषण खत्म करने की दिशा मे शुरूआत किये गए राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत ही तृतीय पोषण माह आयोजित किया गया है। यद्यपि, कोरोना संक्रमण के कारण पोषण माह का आयोजन चुनौतिपूर्ण है, लेकिन सभी सहयोगी विभागों के समन्वय से इसे आसान बनाया जा सकता है। उक्त बातें सामाज कल्याण मंत्री, बिहार सरकार, राम सेवक सिंह ने बुधवार को आईसीडीएस द्वारा आयोजित पोषण माह कार्यक्रम के वर्चुअल शुभारम्भ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कुपोषण को दूर करने के लिए पोषण गतिविधियों जैसे अन्नप्राशन, गोदभराई एवं टेक होम राशन वितरण से समुदाय में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत खबर।

• जिले में एक से 30 सितम्बर तक पोषण माह है आयोजित • जागरूकता के साथ आयोजित होंगी कई स्वास्थ्य गतिविधियां • बच्चों, किशोर, किशोरियों तथा गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान मुंगेर: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने का काम लगातार जारी है। इसी क्रम में पोषण अभियान अंतर्गत पोषण माह का आयोजन 1 सितंबर से 30 सितंबर तक किया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने जिलाधिकारी व सिविल सर्जन को इस माह होने वाली गतिविधियों की सूची भेजा है और आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं। पत्र के माध्यम से भेजे गये निर्देश में कहा गया है कि कुपोषण की दर में सुधार लाने के लिए भारत सरकार द्वारा पोषण प्राइम मिनिस्टर ओवरआर्किंग स्कीम फॉर हॉलिस्टिक नॉरिशमेंट कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत अतिगंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन, स्तनपान को बढ़ावा, गृह आधारित नवजात की देखभाल, सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, राष्ट्रीय कृमिमुक्ति कार्यक्रम, विटामिन ए खुराक अभियान, आइएफए अनुपूरण, टीकाकारण व ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के आयोजनों को क्रियान्वित किया जाना है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत खबर।

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनको सही पोषण का मिलना जरूरी है. जन्म के बाद शिशुओं को 6 माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाता है. लेकिन 6 माह बाद उसे पोषण देने की जरूरत होती है. इसके लिए शिशुओं को स्तनपान के साथ साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है. शिशुओं को समय से सही आहार के मिलने पर ही बाल कुपोषण की समस्या का निदान हो सकेगा. लोगों के बीच पोषण की जानकारी और इसकी महत्वता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है. इस माह में आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग के सहयोग से पूरे माह पोषण गतिविधियाँ आयोजित कर पोषण पर अलख जगायी जाएगी. ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।