इलाका सील होने की वजह से वृद्ध महिला की पैर टूट जाने के,बावजूद इलाज नहीं होने के कारण पीड़ित महिला का रो-रोकर बुरा हाल है बेगुसराय:-(मो0 असजद अली)फुलवड़िया पंचायत दो अंतर्गत वार्ड संख्या-04 निवासी 85 वर्षीय मोसमात अजिना खातून ईलाज के अभाव में अपनी टूटी हुयी पैर को लेकर कराह रही है,एक ओर जहां आर्थिक तंगी के कारण उसे दो वक्त की रोटी मयस्सर नहीं हो पा रही है। वहीं दूसरी ओर दर्द के मारे उसके आंसू थमने का नाम ही नहीं ले पा रहा है।उसके मन मे बार-बार यह बातें कचोटते आ रही है कि कोई मसीहा आकर उसके इस परेशानी को दूर कर दे। 85 वर्षीया अजिना बरबस कहती है कि वे अपनी जिन्दगी में इतनी बड़ी मुसीबत कभी नहीं देखी थी।लगभग दो-ढाई दशक पूर्व उसके पति स्वर्गीय अली हुसैन का इंतकाल होने के बाद वे अपने एक बेटा ,(जो कि बरौनी जँ प्लेटफॉर्म पर फल बेचने का काम करता था)के सहारे जी रही थी।अचानक वैश्वीक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण पूरा देश लॉक डाउन हो जाने के कारण स्टेशन पर का काम-धाम भी बंद हो गया है। रुपये के अभाव तो था ही,इसी बीच प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एहतियात के तौर पर उसके घर के आसपास के इलाकों को सील कर दिये जाने के कारण उसे कोई चिकित्सक के यहाँ ईलाज कराने हेतू भी नहीं ले जा पा रहे हैं।आस-पड़ोस के लोग कभी मूव देकर तो कभी चुटपुँजिया दवाई देकर उन्हें ढाढ़स बढ़ा रहे हैं।ईलाज के अभाव में उसे यह नहीं पता चला है कि उसके पैर टूट हैं या पैर में मोचें आयी है।जिसके कारण उसके पैर फूलकर दर्द कर रहा है,दरअसल बीते तीन दिन पूर्व सील किये गये इलाके में कुछ युवा-वर्ग घूम-फिर रहे थे।इसी दरम्यान उक्क्त इलाके में ड्यूटी कर रहे पुलिस को युवा-वर्ग पर नजर पड़ी और दौर कर उसे पिटाई करना चाहा।संयोगवश युवा वर्ग उक्क्त मोसमात के घर के बगल वाली गली होकर भागने लगा,पुलिस द्वारा उसका पीछा किया गया।उस समय उक्क्त मोसमात अपने घर के आंगन में बैठी हुयी थी,उसे लगा शायद पुलिस द्वारा मेरी भी पिटाई की जाएगी।अचानक वह अपने घर मे भागने लगी,इसी दरम्यान उक्त बूढ़ी महिला का पैर कल्ट जाने के कारण पैर फूलकर असहनीय दर्द दे रहा है,और इलाका शील होने की बजह से पीड़ित महिला इलाज के अभाब में रोते, रोते बुरा हाल है।
बेगुसराय:-(मो0 असजद अली)बेगूसराय में लॉक डाउन के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।लोग अपने जान के साथ साथ औरों को भी जोखिमों में धकेलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ।जिले में ऐसा ही मामला सामने आया है जहां लापरवाह लोगों को जब पुलिस समझाने पहुंची तो वहां स्थानीय लोगों से झड़प हो गयी। लोगों ने रोड़ेबाजी शुरू कर दी इस दौरान पुलिस बैकफुट पर दिखी। पूरी घटना जिले के बखरी थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार बखरी अंतर्गत गोढ़ीयारी की है।सूत्रों की मानें तो गोढ़ीयारी निवासी मदन सहनी का लगभग 24 वर्षीय पुत्र राजन कुमार के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मी भी इस घटना में घायल हो गए है। मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित मछली खरीदने बाजार गया था, उसी दौरान युवक पास के दुकान पर सत्तू पीने चला गया।मौके पर पहुंची पुलिस गश्ती दल ने युवक को लॉकडाउन पालन की अपील की तो युवक भड़क गया। पुलिस ने भी सख्ती दिखाते हुए युवक की लाठी से पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से युवक घायल हो गया।घायल के सिर में चोटें आई और उसके शरीर से खून बहने लगा।लथपथ जख्मी देख स्थानीय लोग आग बबूला हो गए और देखते ही देखते स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच रोड़ेबाजी शुरू हो गई।घटना के बाद घंटों तक गोढ़ीयारी रणक्षेत्र में तब्दील रहा।नौबत यहां तक आ पहुंची कि स्थिति बिगड़ते देख पुलिस वापस भागने में ही अपनी भलाई समझी। घटना की जानकारी मिलते ही बखरी एसडीपी और थानाध्यक्ष मुकेश पासवान घटना स्थल पहुंचे। मौके से एक युवक को गिरफ्तार करते हुए मामलों को नियंत्रित करने में कामयाब हुए । फिलहाल घटनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।
बेगुसराय:-(मो0 असजद अली)लॉक डाउन के बावजूद भी अपराधियों का मनोबल कम नहीं हो रहा है। शराब तस्करों से विवाद के बाद एक व्यक्ति के गले में फंदा लगाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद शव को गांव में फेंक कर अपराधी फरार हो गए।इस मौते के पीछे सबसे बड़ी बात जो सामने आयी है कि बिहार में शराबबंदी की धज्जियां उड़ाते हुए धडल्ले से शराब बेची जा रही थी। बेगूसराय के छौड़ाही थाना क्षेत्र के नारायण पीपर के पनसल्ला गांव में देखने को मिला जहां अपराधियों ने एक व्यक्ति को गले में फंदा लगाकर हत्या कर दी। इस हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक व्यक्ति की पहचान नारायण पीपर निवासी शिबू शर्मा उर्फ एसपी शर्मा के रूप में की गई है। बताया जाता है कि गांव के किसी व्यक्ति के साथ इसी बात को लेकर विवाद हुआ उसके बाद उसे रात में ले जाकर गले में फंदा लगाकर हत्या कर शव को फेंक दिया। मृतक के पुत्र का आरोप है कि गोवाबड़ी में शराब तस्कर के द्वारा शराब बेची जा रही थी। वहीं शराब पीने के बाद पैसा को लेकर शिबू शर्मा और शराब तस्कर के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ उसी विवाद से नाराज होकर शराब तस्कर ने शिबू शर्मा को घर से उठाकर ले जा कर गले में फंदा लगाकर हत्या कर दिया और शव को गांव में फेंक दिया। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया ।फिलहाल छौड़ाही थाने के पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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पटना(महताब आलम)- कोरोना के लक्षणों पर नजर रखने के लिए दूसरे राज्य से आ रहे लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के चयनित स्थलों पर 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा जा रहा है. इन 14 दिनों में किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें बेहतर उपचार हेतु जिला के नामांकित अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है.क्वारंटाइन सेंटर में लोगों की हो रही है नियमित जांच: - क्वारंटाइन सेंटर में रुके लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी नियमित जांच की जा रही है. इसी क्रम में जिला के बिक्रम प्रखंड स्थित अख्तियारपुर पंचायत के मध्य विद्यालय स्थित क्वारंटाइन सेंटर में 6 लोगों की जांच की गयी. इस पूरी प्रक्रिया में केयर इंडिया की टीम प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य टीम को अपना सहयोग प्रदान कर रही है. अख्तियारपुर स्थित सेंटर में अभी 6 लोग मौजूद हैं और सभी की पूरी जांच की गई है।लक्षण दिखने पर किया जायेगा रेफर:- प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि शेखर ने बताया रुके लोगों की नियमित जांच एवं सभी जरुरी टेस्ट किये जा रहे है और उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है. उनके रहने एवं भोजन की पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गयी है. इस सेंटर पर 12 लोगों के रुकने की व्यवस्था है और अभी यहाँ 6 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है . सभी 6 लोग 1 अप्रैल से यहाँ हैं और अभी इनमे संक्रमण के किसी भी लक्षण की पुष्टि नहीं हुई है. किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण अगर नजर आते हैं तो उस परिस्थिति में व्यक्ति को पटना बेहतर उपचार के लिए रेफर किया जायेगा. सेंटर पर रखा जा रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान:- केयर के प्रखंड प्रबंधक चन्दन कुमार ने बताया सेंटर में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. सभी लोगों के बिस्तर के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी रखी गयी है. यह भी ध्यान रखा जा रहा है की सेंटर में रहने वाले लोग एक साथ न बैठें और दूरी बनाकर ही आपस में बातचीत करें. इनकी साफ़ सफाई पर भी नजर रखी जा रही है और दिनभर में 4 से 5 बार हाथों की सफाई करवाई जा रही है. सेंटर को समय समय पर पूरी तरह से स्वच्छ किया जा रहा है और संक्रमण का खतरा कम से कम हो इसकी हर संभव कोशिश की जा रही है.
छपरा- : कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जिले में लॉकडाऊन जारी है. शहर के नगरपालिका चौक, थाना चौक, दरोगा राय चौक, गांधी चौक पर पुलिस की मौजूदगी है. इस सभी चौक चौराहों पर लॉक डाउन पूरी तरह सफल दिख रहा है. इन रास्तों से होकर गुजरने वालो की चेकिंग भी पुलिस लगातार कर रही है. लेकिन शहर के इन हिस्सों को छोड़कर अन्य चौक चौराहों पर लोग या तो मटरगस्ती कर रहे है या फिर दो चार लोग एकत्रित होकर सड़क पर ही तीन पत्ती का आनंद ले रहे है. जिससे वहां भीड़ एकत्रित हो जा रही है.कुछ इलाकों में पुलिस की सुस्ती भी दिखाई दे रही है. नगरपालिका चौक पर पुलिस सक्रिय है लेकिन इसी चौक से योगिनियां कोठी से साढ़ा ढाला जाने वाली सड़क पर कई जगहों पर बिना वजह लोग भीड़ जमाकर खड़े रह रहे है. बड़ों की उपस्थिति में बच्चे सड़को पर ही क्रिकेट खेल रहे होते ह जिलाधिकारी विदेश या दूसरे राज्यों से आये लोगों के दरवाजे पर चस्पाया जा रहा होम क्वारेंटाइन का पोस्टरशहर का मुख्य इलाका साहेबगंज, मौना चौक, साढा ढाला से पुलिस की सुस्ती दिख रही है. यही वजह है कि इन जगहों पर लोग ज्यादा चुस्त दिख रहे है.मौना चौक एवं साढ़ा ढाला में इन दिनों सब्जियों की दुकान लगाने पर पाबंदी है. लेकिन चौक पर पुलिस की प्रतिनियुक्ति नही होने के कारण सब्जियों की दुकानें लगनी शुरू हो गयी है. इन दुकानों के साथ साथ अन्य दुकानें भी खुलने लगी है. मौना चौक से खनुआ नाला पर बनी सड़क में लोग जगह जगह एकत्रित हो रहे है. जो न सिर्फ लॉक डाउन को पूरी तरह फ्लॉप बना रहा है बल्कि प्रशासन के लिए एक समस्या भी खड़ा कर रहा है. इन जगहों पर लॉक डाउन का पालन हो रहा है ना सोशल डिस्टेंसिंग का लोग घरों से किसी न किसी बहाने निकल कर सड़कों और घूम रहे है.
बेगुसराय(असजद अली) भारत सरकार और बिहार सरकार के लगातार लोक डाउन निर्देश के बावजूद बेगूसराय जिला के बैंकों में प्रबंधन की लापरवाही के कारण रोज सोसल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाई जा रही है।जो ना केबल बैंक आने बाले ग्राहकों व बैंक कर्मियों के लिए बल्कि क्षेत्र के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। लेकिन बैंक प्रबंधन की इस लापरवाही के प्रति प्रशासनिक महकमाही के कारण रोज सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जो न केवल बैंक आने वाले सैक भी उदासीन बना है। बरौनी के मिर्चिया चौक स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा के बाहर रोज सैकड़ों ग्राहकों की कसम कस भीड़ लगती है। इस दौरान बैंक प्रबंधन द्वारा बैंक के मेन गेट को बंद कर एक बार में मात्र 4 से 5 ग्राहकों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। लेकिन इस दौरान ग्रिल के बाहर सैकड़ो ग्राहकों को ना तो बैठने की व्यवस्था की जाती है,और ना ही उन ग्राहकों के बीच सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करने के लिए कोई निर्देश या जुगत की जाती है। ऐसे में बैंक के मेन गेट खोलने पर हर ग्राहक बैंक के अंदर पहले घुसने की जुगत में मुख्य द्वार पर धक्का-मुक्की करते सहज ही देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं इस दौरान बाहर खड़े न सिर्फ सामान्य ग्राहकों को बल्कि महिला दिव्यांग बीमार या वृद्ध ग्राहकों को भी बैंक के गिरिल के बाहर खुले छत पर धूप में घंटों बैठने वा इधर उधर टहलने को मजबूर होना पड़ता है। इस संबंध में पूछे जाने पर बैंक प्रबंधक तो मिलने से इंकार कर दिया लेकिन बैंक के एक कर्मी ने बताया कि बैंक में कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा के लिए बैंक के अंदर एक बार में मात्र 4 से 5 ग्राहकों को ही प्रवेश कराया जाता है। जिसे अंदर भी दूरी बनाकर रखने को कहा जाता है लेकिन बैंक के बाहर जमा हो रहे ग्राहकों की सुरक्षा व सुविधा के लिए हुए जवाब दे बैंक अपने को नहीं समझ रहा है।
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मांगों की सूची सरकार को दी जा चुकी है। सुनें
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