पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड के पचमो पंचायत के पदनाटांड में सौर ऊर्जा से संचालित पेयजल आपूर्ति योजना स्थापित की गई है परंतु दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि उक्त पेयजल आपूर्ति योजना 6 माह से बंद पड़ा हुआ है ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है इस संबंध में ग्रामीण ग्राम जल सहिया का घेराव किया और खरी खोटी सुनाई इसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही ग्रामीण महिलाओं ने बोकारो जिला के उपायुक्त राजेश सिंह से अभिलंब पेयजल आपूर्ति योजना को बहाल करने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को पेयजल हो सके
कंडेर में खुला किसान सहायता केंद्र इस अवसर पर किसान संगोष्ठी का भी किया गया आयोजन। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
गोमिया प्रमुख ने बोकारो नदी में पुल का शिलान्यास किया। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
महुआटांड़ में मण्डा का पर्व सम्पन्न
पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद ने मांदर की थाप में थिरके
गोमिया के ललपनिया में डॉ भीमराव अंबेडकर की 130वी जयंती मनाया गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
पूर्व विधायक साइमन मराण्डी के निधन पर शोक संवेदना प्रकट किया योगेंद्र प्रसाद ने। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
टीटीपीएस अस्पताल में कोरोंना का टीका लगाया गया। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
गोमिया प्रखंड कार्यालय में शिक्षा समिति की बैठक की गई।ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड ललपनिया झारखंड सरकार की एक लोता विद्युत उत्पादन इकाई है परंतु झारखंड राज्य के गठन के पश्चात से ही यह प्रतिष्ठान विवादों का केंद्र बिंदु बना रहा है कभी फर्जी बहाली तो कभी विस्थापितों के समस्याओं की समुचित समाधान ना होना तो कभी मुक्त आश्रितों की नियुक्ति के वास्ते धरना प्रदर्शन या फिर असमय ही टी वी एन एल के प्रबंध निदेशकों का हटना इससे सत्ताधारी नेताओं की पैरवी व पहुंच अवश्य साबित होती रही है परंतु 20 साल में चार चार प्रबंध निदेशकों का असमय हटजाना प्लांट की सेहत पर बुरा असर अवश्य पड़ा है झारखंड के प्रथम ऊर्जा मंत्री लालचंद महतो के कार्यकाल से ही प्लांट के द्वितीय फेज के निर्माण की योजना अवश्य बनती रही है परंतु 20 वर्ष गुजर जाने के बाद भी प्लांट के द्वितीय फेस का निर्माण कार्य आरंभ ना होना निश्चय ही तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड प्रबंधन विस्थापितों ग्रामीणों रेलवे लाइन के विस्थापितों के लिए असहनीय पीड़ा अवश्य साबित हो रही है
