कल्याणपुर प्रखंड के सोमनाहा पंचायत अंतर्गत वार्ड 4 में नल जल कई दिनो से बंद रहने से आम लोगो को पीने के पानी के लिए दिक्कत हो रही थी।इसके लिए अधिकारियों से शिकायत की गई थी।स्थानीय वार्ड सदस्य ,वार्ड सचिव ने पहल कर नल जल चालू कराकर पानी की समस्या का निदान कर दिया है।
Transcript Unavailable.
बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर से मोबाइल वाणी के माध्यम से ललिता देवी पूछ रही हैं की गेहू की खेती कैसे होता है
उत्तर बिहार के जिलों में अगले चार दिनों तक हल्के से मध्यम बादल रह सकते है।इस दौरान मौसम शुष्क रहने का अनुमान लगाया गया है।इस अवधि में अधिकतम तापमान में विशेष बदलाब होने की संभावना नहीं है।कृषि विवि के मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री व न्यूतम 17 से 19 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।पूर्वानुमान की अवधि में सापेक्ष आद्रता सुबह 75 से 85 प्रतिशत व दोपहर में 50 से 55 प्रतिशत रहने की संभावना है।इस अवधि में औसतन 3 से 5 किमी प्रति घंटा की गति से पछुआ हवा चलने की संभावना है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
कल्याणपुर प्रखंड के सोमनाहा पंचायत अंतर्गत वार्ड 4 में पिछले 5 दिनों से नल जल बंद है।जिससे पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है।इस बाबत स्थानीय श्याम कुमार ने बताया की नल जल बंद रहने से पानी की समस्या लोगो को हो रही है।बिजली का रिचार्ज नही होने से बिजली कट गई है।जिसके कारण नल जल बंद है।वही चापाकाल खराब रहने से आम जनों को परेशानी है।
प्रखंड के भागीरथपुर में मजदूर नेता दिवगंत श्यामलाल राय के याद में चौथे वर्षगाठ पर शहादत दिवस मनाया गया। जिसमें सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित होकर उनके द्वारा किए गए कार्यों को चर्चा किया और उनके नाम का गगन भेदी नारा लगाया ।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
Transcript Unavailable.
विकासशील इंसान पार्टी के 5 वां स्थापना दिवस पर महिला जिला अध्यक्ष पुष्पा सहनी ने समस्तीपुर शहर स्थित आवास परिसर में केक काट कर 5 वां स्थापना दिवस मनाई गई ।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
Transcript Unavailable.
नागरिकों को राजनीतिक दलों के चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं है’ सरकार की तरफ से पेश हुए उसके वकील यानी सॉलीसिटर जनरल आर. रमन्नी ने यह बात सुप्रीम कोर्ट में कही है’। सवाल उठता है कि जब सबकुछ ठीक है तो फिर चंदे से जुड़ी जानकारी जनता से साझा करने में दिकक्त क्या है? राजनीतिक शुचिता और भ्रष्टाचार पर वार करने वाले राजनीतिक दल की सरकार अगर कहे कि वह जनता को नहीं बता सकती की उसकी पार्टी को चंदा देने वाले लोग कौन हैं, तो फिर इसको क्या समझा जाए।
