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बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड से संवाददाता संतोष कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि जब भी हम किसी शादी,या किसी भी समारोह में जाते हैं तो तोहफ़ा ले कर जाते है या पैसों से भरा लिफ़ाफ़ा ले कर जाते हैं।लेकिन यदि किसी के साथ कोई दुर्घटना हो गयी हो या कोई बीमार हो या किसी वजह से कोई रिश्तेदार या दोस्त अस्पताल में भर्ती हो,और हम उनसे मिलने अस्पताल जाते हैं तो साथ में फल या जूस लेकर जाते हैं ,लेकिन उस समय मरीज या उनके परिजनों को पैसों की सबसे ज्यादा जरुरत होती है।तो यदि हम उनसे मिलने पैसों से भरा लिफ़ाफ़ा लेकर जायें तो उनकी बहुत बड़ी मदद हो सकती है।यदि हम ये प्रथा शुरू करें तो बहुत से लोगो को उनकी परेशानियों से उबरने में हम सहायता कर सकते हैं और इस सहायता से मरीजों और उनके परिजनों को शर्मिंदगी भी नहीं होगी,और न ही वे कर्ज़ के बोझ से दबेंगे।
बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से संवाददाता रामाशीष सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से देश में खुल रहे वृद्ध आश्रम और विधवा आश्रम के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जहाँ एक और मनुष्य आसमान की ऊँचाइयाँ छु रहा है,अंतरिक्ष की गहराइयों की खोज कर रहा है,वहीं दूसरी ओर मनुष्यों का नैतिक पतन भी हो रहा है।देश में वृद्धा आश्रम और विधवा आश्रम की जरुरत बताई जा रही है।भारत को श्रवण कुमार का देश कहते हैं लेकिन आज आधुनिकता के रंग में लोग अपने बूढ़े माता-पिता के साथ नौकरों की तरह बर्ताव करते हैं।आज बच्चों के पास दोस्तों के साथ घूमने,पार्टी करने,मॉल में शॉपिंग करने का समय है,लेकिन अपने माता-पिता के साथ बिताने के लिए कुछ समय नहीं है।यही कारण है कि आज वृद्ध आश्रम और विधवा आश्रमों की संख्या बढ़ती जा रही है लोग अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होने के लिए अपने माता -पिता को वृद्ध आश्रम में रहने पर मजबूर कर देते हैं।सही मायने में अब वो समय आ गया है जब हमें आधुनिकता के साथ-साथ भारतीयता को भी बचाना होगा।
जिला मधुबनी के प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की पत्रकारिता की आत्मा मिशन है।आज पत्रकारिता मिशन से प्रोफेशन बन गया है।मिशन से प्रोफेशन के दौर में पहुंची पत्रकारिता के लिए वयवसायिक नैतिक महत्व सबसे ऊपर है।पत्रकारिता कितनी भी प्रोफेशनलिज्म हो जाए पर पत्रकारिता का मूल मन्त्र या उसकी आत्मा मिशन ही रहेगी
बिहार राज्य के मधुबनी जिले से संवाददाता रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से शिक्षा की महत्ता के विषय में बताते हैं की शिक्षा से ही मनुष्य जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।पशुता से मनुष्यता,असभ्य से सभ्य तथा असंस्कृत से सुसंस्कृत करने वाले मूल तत्व को ही शिक्षा कहते हैं।इस मौलिक अवयव के बिना मनुष्य जीवन अपरिभाषित,अधूरा एवं निरर्थक है।मनुष्य जीवन को सार्थक,सफल तथा उत्कृष्ट बनाने के लिए शिक्षा रुपी अमृत की घूंट अमूल्य है।कहा गया है की शिक्षा से ही मनुष्य अमरत्व को प्राप्त कर सकता है तथा विद्या ही सर्व दृष्टि प्रदान करती है,वह दृष्टि जिसके अनुरूप यह विचार उत्पन्न होता है की विकसित मनुष्य ही परम एवं शास्वत,सुबुद्धित एवं सुसंस्कृत है।अतः इस सुसंस्कृत मष्तिष्क को सुसज्जित करने वाले मूल तत्व शिक्षा की पहचान सर्वविदित है।इस प्रकार शिक्षक का अस्तित्व भी सर्वत्र अविवादित है और इस अविवादित पहचान को सदा मर्यादित एवं प्रशिक्षित रखने का दायित्व भी शिक्षकों पर है।
बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से लोगो को बताया की स्वामी विवेका नन्द ने कहा है की संसार में सबसे बड़ी ख़ुशी इस बात पर निर्भर करती है की आप दूसरों को क्या दे सकते हैं इस से नहीं की क्या हैं ले सकते हैं।
मधुबनी से प्रमोद झा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज्य के अवधारणा को राजनगर प्रखंड के विभिन्न पंचायतो में इन दिनों धीरे-धीरे धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए तत्पर हो गए है। इस कड़ी में कोइलख पंचायत के मुखिया शेखर सुमन एवं ग्राम कचहरी के सरपंच मनोज कुमार झा अपने पंचायत में विभिन्न समस्याओ के उचित समाधान के लिए जहाँ तत्पर दिख रहे है,वही निर्मल ग्राम के तहत कोइलख पंचायत के मुखिया द्वारा विभिन्न वार्डो में शौचालय निर्माण का कार्य तीव्र गति से शुरू हो गयी है। इधर ग्राम कचहरी के सरपंच मनोज कुमार झा समझौता के आधार पर पंचायत के लोगो को उचित न्याय देने के लिए कमर कस लिए है।
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