बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड से संवाददाता संतोष कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि जब भी हम किसी शादी,या किसी भी समारोह में जाते हैं तो तोहफ़ा ले कर जाते है या पैसों से भरा लिफ़ाफ़ा ले कर जाते हैं।लेकिन यदि किसी के साथ कोई दुर्घटना हो गयी हो या कोई बीमार हो या किसी वजह से कोई रिश्तेदार या दोस्त अस्पताल में भर्ती हो,और हम उनसे मिलने अस्पताल जाते हैं तो साथ में फल या जूस लेकर जाते हैं ,लेकिन उस समय मरीज या उनके परिजनों को पैसों की सबसे ज्यादा जरुरत होती है।तो यदि हम उनसे मिलने पैसों से भरा लिफ़ाफ़ा लेकर जायें तो उनकी बहुत बड़ी मदद हो सकती है।यदि हम ये प्रथा शुरू करें तो बहुत से लोगो को उनकी परेशानियों से उबरने में हम सहायता कर सकते हैं और इस सहायता से मरीजों और उनके परिजनों को शर्मिंदगी भी नहीं होगी,और न ही वे कर्ज़ के बोझ से दबेंगे।
