बिहार राज्य के मधुबनी से रामानंद ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि पता चला है कि भारत -नेपाल के करीब 65 किलोमीटर लम्बे सिमा पर से ढाई सौ पीलर गायब हो चुके हैं,जबकि इन पिलरों की कुल संख्या 555 बताई जा रही है। इस बात की जानकारी तब मिली जब सर्वे ऑफ़ इंडिया और सर्वे ऑफ़ नेपाल संयुक्त रूप से भारत-नेपाल सिमा पर लगे पेड़ों का सर्वेक्षण करना शुरू किया।इस सर्वे टीम में भारतीय सर्वेक्षण टीम के अधिकारी और नेपाल के अधिकारी शामिल हैं।सर्वेक्षण के दौरान कई पीलर गायब हैं तो कई क्षतिग्रस्त हैं।आखिर ये पीलर कैसे गायब हुए और उनका क्या हुआ इसका खुलासा नहीं हो पाया है,जबकि एसएसबी के जवान बॉर्डर पर 24 घंटे डियूटी दिया करते हैं। भारत-नेपाल सिमा पर पीलर को 4 भागों में बांटा गया है।मेन पीलर जिसकी संख्या 30 है, माइनर पीलर जिसकी संख्या 465 है तथा सब पीलर जिसकी संख्या 55 है।
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बिहार के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से रामाशीष जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि खजौली प्रखंड कार्यालय के प्रधान सहायक एवं अन्य सहायकों को इतनी भी जानकारी नहीं है कि प्रखंड में कुल कितने वार्ड हैं। इस बात का खुलासा प्रखंड के लिए आये पत्र से हुआ है।यह पत्र लोहिया स्वच्छता अभियान सर्वेक्षण से सम्बंधित है। इस पात्र में कनौली पंचायत के 14 वार्डों में सर्वेक्षण कर्ता नियुक्त किया गया है,जबकि पंचायत में मात्र 13 वार्ड ही है। अब सवाल यह है कि 14 वां वार्ड कहाँ से आएगा?
जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि एक अप्रैल 2011 से इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन धारियों को जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक हो चुकी है उनको प्रति माह 500 की दर से पेंशन का भुगतान किया जाना है।राज्य के प्रत्येक पंचायत में उपरोक्त तिथि के पश्चात 80 वर्ष उम्र पार कर चुके है ,कई हजार पेंशनधारी जीवित है।पर उन्हें भी अन्य पेंशनधारियों की भांति चार सौ रुपये ही पेंशन मिल रहा है।राज्य के जिला पदाधिकारियों द्वारा सर्वेक्षण करा कर ऐसे पेंशधारियों को प्रति माह 500 की दर से पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जिला मधुबनी से रामानंद जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड में बाढ़ से हुई खरीफ़ फसल की बर्बादी का आकलन सर्वेक्षण के माध्यम से शुरू हो चूका है।जिसके तहत घर घर जाकर प्रखंड स्तरीय कृषि सलाहकार और कोऑर्डिनेटर दोनों मिलकर सर्वेक्षण करना आरम्भ कर चुके है।आज प्रातः नौ बजे नकटी गावं में प्रखंड के कृषि सलाहकार शम्भू पाठक और कोऑर्डिनेटर बलराम कुमार ने संयुक्त रूप से किसानो से भेंट की और उनके साथ खेतों में जाकर फोटो खिंचवाया ,उस दौरान उनके पैरो को जोकों ने पकड़ लिया जिससे भान हुआ कि यह पानी महीनों से जमा हुआ है ,जिसकी निकासी की कोई वयवस्था नहीं है। जिस वजह से किसान इस वर्ष रोपा नहीं कर पाए अत: किसान मारे मारे फिर रहे है।और किसान धान की फसल से हतोत्साहित हो चुके है।
जिला मधुबनी प्रखंड मधवापुर से राजकिशोर यादव जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की बेनीपट्टी के मोहम्मदपुर बिजली आपूर्ति कर्मचारी कभी भी मीटर देख कर बिजली बिल नहीं बनाते है।ऑफिस में अपने अंदाज से बिजली बिल बनाते है। मीटर में कुछ और दिखता है और बिजली बिल में कुछ और यूनिट का बिल बना हुआ रहता है।ऐसी शिकायतें की सँख्या मोहम्मदपुर बिजली एक्सचेंज में हर रोज भीड़ के रूप में देखि जाती है।यही हाल 1970 के जमीन के सर्वे में भी देखने को मिला है ।कर्मचारियों व अफसरों द्वारा ऑफिस और घर में बैठ कर अपने अंदाज से सर्वे की रिपोर्ट बनायीं गयी।इस तरह से अफसरों की मनमानी कब तक चलेगी।ऐसी बातो पर सरकार को जल्द ध्यान देना चाहिए।
जिला समस्तीपुर ,वारिशनगर ने कृष्णनंदन जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की मुख़्यमंत्री के सात निश्चयो में से शहरी क्षेत्र के तीन निशचयो हेतु आधारभूत संरचना एवं घर घर का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य ये है की कितने घरो में पेयजल का कनेक्शन ,शौचालय ,पक्की सड़क एवं नाली नहीं है। सर्वे हेतु नागरिकों से अपेक्षा है की घर का कोई जिम्मेदार नागरिक ही सर्वेयर को सही सही जानकारी उपलब्ध कराये। यह जरुरी इसलिए भी है की इस जानकारी के आधार उपरोक्त सुविधा उपलब्ध कराने हेतु चार साल का कार्य योजना बनाकर योजना क्रियान्वित की जाएगी। सर्वे 15 जून सुबह से शुरू हो रही है जो 22 जून तक चलेगा .दोस्तों आप भी अपने क्षेत्र की सामुदायिक ख़बरें हमसे साझा करने के लिए निशुल्क नंबर पर 08800984861 मिस्ड कॉल करे .
