उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं जैसे महिलाओं को शिक्षा, नौकरी आदि में पुरुषों के बराबर सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन जब संपत्ति के अधिकार की बात आती है तो महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने से लोग कतराते है। लोगों का कहना हैं कि महिलाओं को घर में रहना चाहिए उन्हें संपत्ति का अधिकार नहीं मिलाना चाहिए।क्षेत्र के अन्य लोगो का कहना हैं कि अगर महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाता है, तो भाई-बहन के रिश्ते में दरार आ जाएगी, लेकिन अगर महिलाओं के पास संपत्ति होगी, तो वे भी सशक्त होंगी और अपने काम काज में जुटी रहेंगी । जिस तरह से महिलाएं खेती में जुटी रहती हैं, उसी तरह वे कभी भी अपनी संपत्ति का आदान-प्रदान कर सकती हैं और कहीं भी किसी बड़ी नौकरी की तरह अपना जीवन यापन कर सकती हैं। लेकिन महिलाओं के संपत्ति के अधिकार पर लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। जब समानता का अधिकार सबके लिए लागु हो रहा है तो फिर संपत्ति का अधिकार क्यों नहीं। महिलाओं को जागरूक होने की जरुरत है

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार रोकने के लिए चौबीस घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत दर्ज किया जा सकता है

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की समस्याओं का एक कारण क्षेत्रीय विभिन्नताएं भी है। भारत एक बहुत बड़ा देश है, लेकिन क्षेत्रीय विभिन्नताओं के कारण, महिलाओं के लिए समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। आज भी आदिवासी महिलाएं शिक्षा के बारे में जागरूक नहीं हो रही हैं।कहीं - कहीं लोग बच्चियों को शिक्षा देने से कतराते नज़र आ रहे हैं। महिलाएं अपने हक़ की लड़ाई नहीं लड़ पा रही हैं। शहरी क्षेत्रों में, स्कूली शिक्षा की कुछ गुणवत्ता काफी दिखाई देती है, लेकिन ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में, महिलाएं अभी भी शिक्षा से वंचित हैं। अगर वे वंचित हैं, तो समाज का उत्थान कैसे होगा? महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए शिक्षित होना जरुरी है। महिलाएँ शिक्षित होंगी तभी एक सुसज्जित समाज का निर्माण होगा।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से लेकर रामप्रकाश सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि बारिश नहीं होने से किसानों की फसल बर्बाद होने की आशंका है। हर ग्राम पंचायत में सरकारी ट्यूबवेल लगाए गए हैं लेकिन जल निगम पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है बारिश न होने से किसान की फसल फंसी हुई है और बारिश न होने से सारी समस्याएं बढ़ रही हैं और गर्मी गर्म हो रही है और सारी समस्याएं ऐसी ही हैं। हम इस उम्मीद के साथ बैठे थे कि हमारी फसल तैयार हो जाएगी, इसलिए मोबाइल आवाज से मेल खाने के लिए धन्यवाद।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि सरकार तो कहती है कि महिलाओं को समानता का अधिकार दिया जा रहा है लेकिन अभी महिलाओं को जब संपत्ति का अधिकार नहीं मिलेगा तो कहां समानता का अधिकार दिख रहा है, सर्वे में देखने को मिला कि कुछ लोग महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने से कतराते हैं, जबकि कुछ महिलाओं ने कहा कि हमे संपत्ति का अधिकार नहीं चाहिए क्योंकि संपत्ति का पैतृक सम्पत्ति में अधिकार लेने से भाई-बहन के संबंधों में दरार पड़ सकती है, फिर पैतृक संपत्ति को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा चल रही है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाए की ना दिया जाए। कुछ लोगों का मानना है कि हां और कुछ लोगों का मानना है कि नहीं, लेकिन जब तक महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं मिलता, तब तक पुरुषों के साथ समानता कहां है? जिस तरह महिलाएं शिक्षा, रोजगार और नौकरियों आदि में भी तेजी से भाग ले रही हैं। इर सी तरह महिलाओं को भी संपत्ति के अधिकार में पूरी तरह से भाग लेना चाहिए। इसके लिए जागरूक महिलाएं और हम आप कुछ महिलाओं को हिस्सा देने से कतरायें ना इससे महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सके

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की, बरसात के मौसम में पानी का संरक्षण करना आसान है। अगर हम पानी बचाते हैं तो आने वाले समय में लोगों को पानी के संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। जहाँ भी घर हो, वहाँ घर से गिरने वाले पानी को पाइप के माध्यम से जमीन में होल करके वहाँ से आने वाला पानी उसमें जमा हो और धीरे-धीरे पानी का संरक्षण होगा और आसपास के क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होगी और जल स्तर भी बढ़ेगा क्योंकि आने वाले समय में लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए। महिलाएं घर में भी काम करती हैं, खेतों में काम करती हैं उन्हें अधिकार मिलना ही चाहिए

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उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की समान शिक्षा महिलाओं को समान अधिकार देने की बात करती है, जबकि जब संपत्ति की बात आती है तो लोग महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने से कतराते हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए, जबकि कुछ महिलाओं ने भी अपनी राय व्यक्त की है। जवाब में कुछ महिलाओं का कहना है कि अगर हमें संपत्ति का अधिकार नहीं चाहिए, तो कुछ का कहना है की हमें संपत्ति का अधिकार मिलेगा, तो हम सशक्त होंगे। जिस तरह महिलाओं को बैंक खाता खोलने और भूमि के उत्तराधिकार का अधिकार है, उसी तरह सरकार को पैतृक संपत्ति के उत्तराधिकार का अधिकार होना चाहिए।इसके लिए सरकार महिलाओं को किसी भी तरह की छूट दी जानी चाहिए ताकि महिलाओं को भी अपनी पैतृक संपत्ति का अधिकार मिल सके, लेकिन पुरुष वर्ग अभी भी महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने के लिए अनिच्छुक है। इसके लिए महिलाओं को जागरूक होने और समाज से अपने अधिकारों की मांग करने की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को भी सशक्त बनाया जा सके और सभी लोग इसमें आगे आ सकें।