उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से हुई। श्रोता कहते है कि महिलाओं को उनके मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए अगर उन्हें मायके में हिस्सा मिला तो उनके भाइयों में विवाद हो सकता है। इसलिए महिलाओं को उनके ससुराल में ही जमीनी हक मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से हुई। श्रोता कहते है कि महिलाओं को उनके मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। महिलाओं को उनके ससुराल में ही जमीनी हक मिलना चाहिए।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रामजी चौधरी से हुई। रामजी कहते है कि महिलाओं को मायके में जमीन का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। दो भाई और दो बहन है तो ऐसे में विवाद बढ़ेगा। इसलिए बहन को मायके में जमीन का अधिकार नहीं होना चाहिए। पति के हिस्से में बहन का हिस्सा है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से 45 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाएँ हर काम करती है लेकिन उनका सम्मान नहीं रहता है। क्योंकि महिलाओं के नाम से जमीन नहीं है इसलिए महिलाओं को मज़दूर के भेष पर रखते है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से 45 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं के पास ऐसे जमीन होते है जो पट्टा सम्बंधित खाली जमीन होता है। और इसकी जानकारी महिलाओं को नहीं होती है कि पट्टा में नाम कैसे चढ़ेगा ।इसलिए जानकारी के अभाव में महिलाएँ जमीनी हकदार नहीं बन पा रही है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिला के पास जमीन है पर उसके नाम से नहीं है तो उस समस्या के लिए महिला को कहाँ जाना पड़ेगा ?
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से संस्कृति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि हमारे देश में कानून तो बना हुआ है पर महिलाओं को भूमि अधिकार तब ही मिलेगा जब हम अपनी सोच बदलेंगे। केवल कानून होने से कुछ नहीं होता। कानून तब काम करता है जब घर के लोग उसे मानते है। जब बेटी का नाम जमीन पर जोड़ते है तो लोग बेटी पर भरोसा दिखाते है इससे यह होता है कि महिला के साथ पूरा परिवार बदलता है और धीरे धीरे समाज भी। जब महिला मज़बूत होती है तब देश भी मज़बूत होता है
