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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से शालू श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि मानसिक बीमारी के कई लक्षण हो सकते हैं। जैसे - गंभीर चिंता या भय, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई,दोस्तों और परिवार से खुद को दूर रखना ,निरंतर उदासी या खराब मनोदशा।कुछ लोगों में लगातार उदासी या खराब मनोदशा होती है और यह किसी भी खुशी या आनंद के अनुभव को रोकता है।कुछ लोगों को बहुत चिंता या डर रहता है।लोग विशेष रूप से बिना किसी कारण के चिंतित या डरते हैं। मानसिक बीमारी वाले लोगों को ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से खुशबू श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से 42 वर्षीय विकास श्रीवास्तव से हुई।विकास श्रीवास्तव यह बताना चाहते है कि बहुत अधिक रोना या चुप रहना मानसिक बीमारी का लक्षण हो सकता है।खासकर यह लक्षण बिना किसी स्पष्ट कारण के हो सकता है।
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उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सचिन कुमार चौधरी से हुई। सचिन कहते है कि बच्चे तीन से चार वर्ष की उम्र से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे है।इस कारण उनकी पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है।इससे बच्चे मानसिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 55 वर्षीय मधुबाला श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से एक पुरुष से बात कर रही है। ये कहते है कि मानसिक बीमारी मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करती है। यह एक व्यक्ति के अंदर होता है, यह दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलती है।उदासी ,मनोदशा में उतार चढ़ाव , चिंता ,डर ,सोने में कठिनाई ,भावनात्मक बदलाव ,ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आदि मानसिक बीमारी के सामान्य लक्षण है।अगर किसी परिचित में मानसिक बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे है तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कई बार गुस्सा आना मानसिक स्वास्थ्य का लक्षण हो सकता है। जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है तो उसे गुस्सा आना आम बात है। कुछ शारीरिक बीमारी भी गुस्सा को बढ़ा सकती है। जीवन में समस्याओं या चुनौतियों के कारण भी व्यक्ति को गुस्सा आ सकता है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से 36 वर्षीय मंजू श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई।श्रोता यह बताना चाहते है कि मानसिक बिमारी को छुपाना नहीं चाहिए।बिमारी होने पर दूसरों को बताना चाहिए,इससे मरीज़ को फायदे हो सकते है।जैसे की उपचार प्राप्त करना ,सामाजिक समर्थन प्राप्त करना और दूसरों को शिक्षित करना।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से शिवम श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शिखा श्रीवास्तव से हुई।शिखा श्रीवास्तव यह बताना चाहती है कि अगर कोई व्यक्ति बहुत डरता है या चिंता करता है तो उनको मनोवैज्ञानिक या डॉक्टर से दिखाना चाहिए।यदि डर या चिंता बहुत है और ये दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है तो इसमें डॉक्टर की मदद बहुत जरूरी होती है।व्यक्ति को अपने चिंता के कारणों को डॉक्टर को बताना चाहिए।जिसके बाद डॉक्टर दवा देते हैं और आराम करने की सलाह देते हैं।साथ ही आदतों में बदलाव लाते हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से प्रभाकर श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के मध्यम से हमारे श्रोता से हुई। श्रोता यह बताना चाहती है कि बच्चों को भी मानसिक समस्याएं हो सकती है।बच्चों में मानसिक समस्याएं बड़ों की तरह ही होती है।लेकिन उनके कुछ लक्षण अलग होते हैं।कुछ मानसिक समस्याएं माता पिता से बच्चों में आती है।बच्चों के जीवन में तनाव मानसिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं।उदासी ,चिंता ,सुस्त रहना ,रोना ,आत्महत्या के विचार आदि मानसिक तनाव के लक्षण हैं।
