"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीबदास साहू मानसून आने से पूर्व मिट्टी तैयार करने के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 32 वर्षीय गुड़िया की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से हुई। ये कहते है कि ज़्यादा रोना या बहुत चुप रहना दोनों ही मानसिक बीमारी के लक्षण हो सकते है। बार बार रोना ,उदास रहना और किसी भी काम में मन नहीं लगना डिप्रेशन के सामान्य लक्षण है।चिंता के कारण भी व्यक्ति को रोना आ सकता है। तनाव और घबराहट की स्थिति में व्यक्ति का मूड बहुत तेज़ी से बदलता है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से खुशबू श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई। श्रोता यह बताना चाहती है कि मन के बिमारी का इलाज चिकित्सा या परामर्श से किया जाता है। दवाईयों का भी उपयोग किया जाता है।थेरेपी का मुख्य उद्देश्य मरीज़ की सोच और व्यवहार में सकारत्मक बदलाव लाना है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से शिखा श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विकास कुमार से हुई।विकास कुमार जिनकी उम्र चालीस साल है यह बताना चाहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसी चीज़ है जो सुनने और समझने या व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है।यह किसी भी कारण से हो सकती है।जैसे की वास्तविक जीवन के अनुभव से जैविक कारण, पार्यवरण के जहरीले रसायनों,खाद प्रदार्थों का सेवन। मानसिक बिमारी के तमाम लक्षण है उदासीन,बेचैनी,ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से डॉ सुजीत कुमार भारती से हुई। डॉ सुजीत कहते है कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहना है तो चिंता मुक्त रहे। लोगों से हँस कर बात करें। अपने काम पर ज़्यादा से ज़्यादा ध्यान दें।ज़्यादा न घूमे न ही बेकार का बहस करें। आज कल मोबाइल के कारण लोग ज़्यादा चिंतित रहते है। मोबाइल से दूर रहे। चिंता से दूर रहे। ऐसे में स्वस्थ रहेंगे
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 26 वर्षीय शिवम श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सत्यम श्रीवास्तव से हुई।सत्यम कहते है कि स्कूल और परिवार में झगड़ों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इससे उनमें चिंता ,अवसाद और आत्महत्या के विचार आ सकते है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 35 वर्षीय ज्योति श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रिंकी श्रीवास्तव से हुई।रिंकी कहती है कि मन की बीमारी होती है। इसे मानसिक बीमारी या मानसिक विकार भी कहा जाता है। यह शारीरिक बीमारी की तरह होती है जिसका इलाज संभव है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 25 वर्षीय सौरव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से खुशी से हुई।खुशी कहती है कि जब व्यक्ति मानसिक तनाव अनुभव करता है तो वो समझ नहीं पाता कि उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए या नहीं।चिंता और उदासी हालातों के साथ बदल सकता है। हालाँकि भावनाओं और मानसिक तनाव के लक्षणों का असर दैनिक जीवन में पड़ रहा है तो उन्हें मदद लेनी चाहिए। अकसर लोग मानसिक स्थिति को छुपाने का प्रयास करते है ताकि उनका रिश्ता बना रहे।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 31 वर्षीय शिखा श्रीवास्तव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से ज्योति से हुई।ज्योति कहती है कि जब व्यक्ति को दिन प्रतिदिन के तनाव से निपटने में कठिनाई हो रही है साथ ही दैनिक कार्यों को करने में कठिनाई होने पर व्यक्ति को मनोचिकित्सक से मिलना चाहिए।सामाजिक जीवन में संकट का अनुभव करने पर परामर्शदाता से ज़रूर मिलना चाहिए
मानसिक स्वास्थ्य के बारे में आपका क्या ख्याल है ?आपके हिसाब से क्या हमारे समाज में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों के अंदर जागरूकता का स्तर कैसा है ?कितना जरुरी होता है ज़िन्दगी के इस पहलूँ पर ध्यान देना ?
