Transcript Unavailable.

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से श्रीदेवी सोनी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि पर्यावरण नष्ट होता चला जा रहा है। जनसँख्या वृद्धि से पर्यावरण संसाधन का दोहन हो रहा है। चाहे प्रदुषण हो ,जल की कमी ,भू- जल स्तर का घटना हो। मनुष्य ही हैं जो स्वयं पर्यावरण से प्रभावित होते हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से श्री देवी सोनी , मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहती है कि महिलाओं के साथ हिंसा बढ़ गया है। हिंसा नहीं होना चाहिए। महिलाओं को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से श्रीदेवी सोनी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वर्तमान समय में पर्यावरण समय के साथ चुनौतियों का सामना कर रहा है। आने वाली पीढ़ी के लिए यह एक गंभीर समस्या है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर हर धर्म के लोगों द्वारा कार्य किया जाता है। पहले पर्यावरण को बचाया जाता था पर अब ऐसा नहीं रहा। लगातार जलवायु में परिवर्तन होते जा रहा है।

Transcript Unavailable.

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से वीर बहादुर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि यह एक बड़ी विडंबना है कि महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। महिलाओं को किसी भी निर्णय में भाग लेने नहीं दिया जाता है। मुख्य कारण यह है कि महिलाओं को लोग शिक्षा से वंचित रखते है। शिक्षा के अभाव में महिलाएँ शोषण का शिकार होती है। समाज में महिलाओं को पुरुष के बराबर नहीं समझा जाता है। यह कार्यस्थल में देखने को मिलता है कि सामान काम का वेतन सामान नहीं मिलता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से श्री देवी सोनी , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि प्रदूषकों के साथ समस्याओं में से एक वायु प्रदूषण है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों से पता चलता है कि वायु प्रदूषण हर साल दुनिया भर में अनुमानित 4.2 से 7 मिलियन लोगों की जान लेता है, जैसा कि कई कारखानों में होता है। यह हवा में है, यह कारखानों में है कि धुआं निकलता है और कारखानों से निकलने वाला कचरा हमारी हवा में पाया जाता है और हवा के साथ मिल जाती है। ऐसा तब होता है जब दस में से नौ लोग उस हवा में सांस लेते हैं जिसमें प्रदूषकों का स्तर अधिक से अधिक प्रदूषित हो जाता है ।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता को सबसे गंभीर सामाजिक समस्याओं में से एक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि महिला द्वारा घर के साथ-साथ विभिन्न पारिवारिक व्यावसायिक परिवेशों में भी इसका अनुभव किया जाता है। क्योंकि लड़कियों और महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम सक्षम माना जाता है। लड़कियों और महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कम योग्यता और कौशल होना माना जाता है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लैंगिक असमानता प्रचलित है। ग्रामीण समुदाय के कुछ घरों में, लोग इस बात की सराहना नहीं करते हैं कि लड़कों की तुलना में लड़कियों का जन्म की ख़ुशी मनाई जाए।

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से श्रीदेवी सोनी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि बहुत महिलाएँ चाहे वो शहर की हो या ग्रामीण इलाके की लेकिन वो अभी भी शिक्षा से वंचित है। उनमे शिक्षा के प्रति जागरूकता ही नहीं है । शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के साथ अक्सर भेदभाव किया जाता है। महिलाओं के खिलाफ दहेज़ ,शोषण बढ़ रहा है। महिलाएँ अपने अधिकारों को खुद ही समझ नहीं पा रही है

Transcript Unavailable.