Which are the laws that protect women and children

I am speaking Govind Singh, Meena Kumari's husband, and we are working at the kiln, I am speaking from the kiln itself, due to the economic downfall, the children are taken along, due to which studies are missed, And this is the reason why there are no children sent home due to lack of accommodation, due to this the education of the children, our child's education has stopped, so I am worried, the government should make such a system so that Should they get any employment, provide any assistance to the children, or else we are unemployed, that is, I have passed 12th, my wife has passed 12th. Some business should be such that work can be done at home, there is no employment, no business, because of this they take their children along and they miss out on education, we are worried because of being educated, and many children are like this. , He is also with us right now, there is no such thing that he also has a job to study, still nothing can be done, that's why every child's life does not understand the problem due to the spread of unemployment,

सुरक्षा सखि ज़रीन खान, कैथूनीपोल से बोल रहे है कि आस पास महिलाओ पर अत्याचार की बोहोत खबरे आ रहे है | कुल्हरी नाम के किसी जगह से उनको खबर मिली है रात को किसी ने अपने बीवी को बोहोत ममर पीठ किया है दारु पी कर घर वापस आने के बाद | ज़रीना जी ने उनको हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के लिए बोला है |

मैं जरीना खान, थाना - कैथुनी पोल से महिला सुरक्षा सखी, कई पीड़िता ऐसी है जिनकी थानों पर भी सुनवाई नहीं होती है तो कृपया करके ऐसी महिलाओं के सहयोग के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर जारी कीजिए।

जरीना खान, थाना कैथुनी पोल से, कई बार महिलाये बाहर निकलने से बहुत डरती है तो इन चीजों के लिए पुलिस की पेट्रोलिंग वगैरह होना चाहिए जैसे पार्किंग व मंदिरों व स्कूलों व इन जगहों पर, अगर पुलिस पेट्रोलिंग होती रहेगी तो जैसे अपराध बढ़ने की संभावनाएं रहती है वह नहीं हो पाएगी, इन चीजों के लेकर महिला सुरक्षा सखी में सारी जानकारी हमें प्राप्त हुई है तो हम भी इसे ज्यादा से ज्यादा फैलाना चाहते हैं कि हर महिला सतर्क रहे और अपराध होने वाले संकेतों को पहचान सके.

मीना बोल रही है कोटा से, सुरक्षा महिला के लिए आज जो एक चिंता का विषय बना हुआ है, आज हम घर से नौकरी करने जाते हैं तो भी सुरक्षित नहीं है तो हमेशा डर लगता है कि आज हमारे साथ लूटपाट ना हो जाए कोई वारदात ना हो जाए, इस मुद्दे को लेकर आज मैं यहां सुरक्षा सखी मैं आई हूं जुड़ी हूं और बहुत सारे मुद्दे मुझे पता चले हैं जो शायद हमें जानकर भी अनजान थे, मुझे लग रहा है कि जिस तरीके से हमने अपना जीवन एक डर के साए में जिया है, आज हमें लग रहा है कि शायद हम अपने बच्चों को डर के साए में आगे नहीं चलने देंगे हम अपने बच्चों के लिए सुरक्षित व्यवस्था बनाएंगे, तो मैं कहना चाहती हूं कि सुरक्षा के बारे में सोचना आज बहुत ही जरूरी है और आज महिला सुरक्षा की बात आती है तो समुदाय से चालू होती है, इस समुदाय को सबसे पहले जागरूक होना बहुत जरूरी है

सुरक्षा सखि मोनिका कुमारी, केतनिपुर थाना से, यह बोल रहे है की लड़कियां घर से निकलने पर असुरक्षित महसूस करते है | चाहे वह कही ही जाये, मंदिर हो, या आस पास में कहीं हो, वह सुरक्षित महसूस नहीं करते है | रस्ते में छेड़खानी का सम्भावना बोहोत ज़्यादा होता है और अगर रास्ते में कभी छेड़खानी हो भी जाये तोह वह घरवालों को नहीं बोल पाती है | मोनिका जी विनती कर रहे है रस्ते में पुलिस या कोई भी सुरक्षा कर्मी को रखने के लिए ताकि लड़कियां सुरक्षित महसूस करे | लड़किया कुछ बोल नहीं पाती इसलिये अंदर ही अंदर डिप्रेशन में चली जाती है

बिनीता, वीयर से, सुरक्षा सखि है, और वह बच्चे और महिलाओं के सुरक्षा के बारे में बात करना चाहते है

मथुरा गेट थाना (भरतपुर) से, सुरक्षा सखी मनप्रीत यह बोल रहे है की उन्होंने पुलिस के साथ मीटिंग की है बच्चो की पढाई के बारे मैं | उन्होंने पुलिस से स्कूल के प्रिंसिपल से साथ मुलाकात करने के बारे में भी कहा है | और पुलिस ने कहा है कि वह स्कूल जायेंगे और प्रिंसिपल से मिलेंगे |

स्कूल में प्रतिदिन बच्चे के साथ में बत्तमीजी करता है, मारता है और गन्दी गन्दी बातें करता है. हम क्या करें ?