Which are the laws that protect women and children
I can't tell my name, I am from Bhutala village, my police station seems to be Gogunda, and at my place a man has usurped the land of three people and is building a house there, when we say something, he fights with us. , we can't even speak to him, so I want you to speak in our police station and give him what he is entitled to, but before saying this you must contact me on call, and don't tell my name, my Very scared of him here, he is a very bad man, thank you.
मेरा नाम अन्नू राजपूत है और मेरा गांव का नाम भुताला है हम यह चाहते हैं कि हमारे यहां पर एक बहुत बड़े ऐसी कंपनी का ओपन हो जहां पर हर लड़की हर महिलाएं काम कर सके, उनको रोजगार प्राप्त हो. थैंक यू।
जिंदगी में कुछ भी अपने को संघर्ष करते रहना चाहिए, हर महिला को अपने अपने काम पर ध्यान देना चाहिए, पर महिलाये ही ऐसा क्यों करें की उन्हें अंदर ही रहना चाहिए, हम देखते है की अपने आस पास बहुत सारी प्रॉब्लम शेयर करती है, हर महिला को हर प्रॉब्लम होती है, कोई सरकार ऐसा क्यों नहीं करती है की उसकी समस्या दूर कर दी जाये, ऐसा क्यों नहीं होता है की उसी के गांव में ऐसी कोई चीज खोल दी जाये, जिससे हम महिला अगर वह गरीब है तो काम ले, वह अपना काम करके अपना रोजगार बढ़ा सके, पर ऐसा क्यों नहीं है, ऐसी कोई चीज़ नहीं है जिससे महिला काम कर सके, अगर किसी को जॉब चाहिए तो उदयपुर जाइये, बाहर जाइये, मतलब बाहर जाना पड़ेगा, और घर से यह छूट नहीं होती है की बाहर जाये, ऐसी कोई चीज़ गांव में ही खोल दी जाये जहाँ सिर्फ महिलाये और लड़किया ही काम कर सकें, और लड़किया ही काम करेगी तो उसकी आजीविका बढ़ जाएगी, और पढ़ने में अपना पैसा लगा देगी, यदि लड़की काम करेगी तो वह ओपन से पढ़ाई करके अपनी आजीविका चला सकेगी, छोटे से ही यदि काम करना लग जाएगी तो बड़ी होकर बहुत सारीं चीजे काम कर सकती है, तो मेरी यही दरख्वास्त है की प्रत्येक गांव में ऐसी चीज होनी चाहिए जिससे लड़किया काम कर सकें, हम यह चाहते है जो हमने यह बात की है पहले वह हमारे तक आये, हम जाने की हमने अपनी बात कैसे शेयर की है, किस पर्सन से बात हो रही है उसके बाद ही यह बात रिलीज़ हो प्लीज।
मैं जरीना खान, थाना - कैथुनी पोल से महिला सुरक्षा सखी, कई पीड़िता ऐसी है जिनकी थानों पर भी सुनवाई नहीं होती है तो कृपया करके ऐसी महिलाओं के सहयोग के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर जारी कीजिए।
स्कूल में प्रतिदिन बच्चे के साथ में बत्तमीजी करता है, मारता है और गन्दी गन्दी बातें करता है. हम क्या करें ?
भरतपुर जिले के डीघ थाना अंतर्गत दांतलोठी गांव से गोविन्द सिंह का कहना है की उनकी 3 बच्चिया है, जिसमे बड़ी बच्ची का स्कूल वाले स्कूल में नाम नहीं लिख रहे है, गरीबी के कारण वह बच्चे को पहले स्कूल में एडमिशन नहीं करा सके थे, घर पर ही उन्होंने और उनकी पत्नी ने मिलकर बच्ची को पढ़ाया है, उसे किताब पढ़ना आता है. लेकिन स्कूल के लोग बच्ची का एडमिशन नहीं ले रहे है.
Transcript Unavailable.
पाली जिले के सुमेरपुर ब्लॉक के नेत्रा गांव से सुमित्रा का कहना है की, कोई लड़का उन्हें अलग अलग 10 से 15 नंबर से कॉल करके परेशान कर रहा है. न तो बोल रहा है, पता नहीं है कौन, उसका रात 1 बजे से लगातार फ़ोन करके परेशां कर रहा है.
