भरतपुर जिले के डीघ थाना अंतर्गत दांतलोठी गांव से गोविन्द सिंह का कहना है की उनकी 3 बच्चिया है, जिसमे बड़ी बच्ची का स्कूल वाले स्कूल में नाम नहीं लिख रहे है, गरीबी के कारण वह बच्चे को पहले स्कूल में एडमिशन नहीं करा सके थे, घर पर ही उन्होंने और उनकी पत्नी ने मिलकर बच्ची को पढ़ाया है, उसे किताब पढ़ना आता है. लेकिन स्कूल के लोग बच्ची का एडमिशन नहीं ले रहे है.
पाली जिले के सुमेरपुर ब्लॉक के नेत्रा गांव से सुमित्रा का कहना है की, कोई लड़का उन्हें अलग अलग 10 से 15 नंबर से कॉल करके परेशान कर रहा है. न तो बोल रहा है, पता नहीं है कौन, उसका रात 1 बजे से लगातार फ़ोन करके परेशां कर रहा है.
