सुरक्षा सखि मोनिका कुमारी, केतनिपुर थाना से, यह बोल रहे है की लड़कियां घर से निकलने पर असुरक्षित महसूस करते है | चाहे वह कही ही जाये, मंदिर हो, या आस पास में कहीं हो, वह सुरक्षित महसूस नहीं करते है | रस्ते में छेड़खानी का सम्भावना बोहोत ज़्यादा होता है और अगर रास्ते में कभी छेड़खानी हो भी जाये तोह वह घरवालों को नहीं बोल पाती है | मोनिका जी विनती कर रहे है रस्ते में पुलिस या कोई भी सुरक्षा कर्मी को रखने के लिए ताकि लड़कियां सुरक्षित महसूस करे | लड़किया कुछ बोल नहीं पाती इसलिये अंदर ही अंदर डिप्रेशन में चली जाती है