मखाना डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।
सरसों का तेल हमारे चेहरे पर निखार लाता है।
सरसों का तेल महिलाओं की किन-किन समस्याओं को करता है दूर जाने
एक दिवसीय दौरे पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एमएस बिट्टा ने सोमवार को वाराणसी पहुंचे।एमएस बिट्टा ने श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेका। उन्होंने हिंदू आस्था के केंद्र ज्ञानवापी में स्थित व्यास जी के तहखाना में भी दर्शन पूजन किया।
इस विद्यालय में 60000 पदों पर बंपर भर्ती निकली है।
रोपवे का कैंट स्टेशन होगा भव्य और आकर्षक, त्रिशूल, नंदी और तीसरी आंख से निखरेगी स्टेशन की दिव्य शोभा
देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे स्टेशन की डिजाइन फाइनल हो गई है। स्टेशन का बाहरी आकार तय कर दिया गया है। बाहरी माडल में शिव और काशी की झलक दिखाई पड़ेगी। कैंट स्टेशन पर एल्युमिनियम कंपोजिट पैनल से डमरू, नंदी और त्रिशूल बनाए जाएंगे, जबकि काशी विद्यापीठ स्टेशन पर भोलेनाथ का बड़ा चित्र होगा।इसमें खास तरह के मेटल का प्रयोग होगा। चित्र में भगवान शिव बैठे हुए रहेंगे जबकि उनकी जटा से गंगा निकलेंगी। रथयात्रा स्टेशन पर संस्कृत में श्लोक लिखे जाएंगे। स्वीकृत माडल का दिल्ली में प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। पिछले दिनों बनारस पहुंचे पहले मोनोकेबल डेटाचेबल गोंडोला का माडल पीएम मोदी ने देखा। उन्होंने प्रोजेक्ट को मई तक धरातल पर उतारने के आदेश दिए हैं।गोंडोला के माडल का शुभारंभ हो चुका है, अब गोंडोला को रोप पर इंस्टाल किया जाएगा। प्रधानमंत्री को गोंडोला की तकनीकी खूबियां वीडियो के जरिए दिखाई गईं। गोंडोला की पहली खेप बनारस आ चुकी है, ऐसे कुल 148 गोंडोला आएंगे। रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की तरह रोपवे स्टेशन पर भी बनारस का धार्मिक स्वरूप दिखाया जाएगा। उद्देश्य है कि अगर कोई पर्यटक रोपवे स्टेशन पहुंचता है तो आकृतियों के जरिए वह काशी की पुरातन संस्कृति के बारे में जानकारी ले सके। रथयात्रा स्टेशन को एल आकार में बनाएंगे, क्योंकि यहां पर रूट में घुमाव है। रोपवे की कुल दूरी 3.85 किलोमीटर होगी, जो करीब 16 मिनट में तय की जा सकेगी। 35 से 45 मीटर की ऊंचाई से करीब 150 ट्राली कार चलेगी। इस योजना की लागत 807 करोड़ निर्धारित है।
पीएम सूर्य घर योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी को घोषित की गई एक नई योजना है जिसके अंतर्गत गरीब व माध्यम वर्गीय परिवारों के घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस योजना से करोड़ों लोगों के बिजली बिल मे कमी आएगी व लोग ग्रीन एनर्जी का फायदा ले पाएंगे। योजना के शुरुआत मे 1 करोड़ लोगो को पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसका लक्ष्य लोगों के घरों को बिजली बिल कम करने के अलावा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना भी है ताकि भविष्य मे अन्य स्त्रोतों के माध्यम से बनाई गई बिजली पर निर्भरता मे कमी की जा सके। इस योजना से पर्यावरण को फायदा मिलेगा। का लाभ भारत के गरीब व माध्यम वर्गीय परिवारों को मिलेगा। दूर दराज के क्षेत्र, व ऐसे राज्य जहां बिजली बहुत महंगी है, ऐसे लोगों को इस योजना का भरपूर फायदा मिलने वाला है।
शहर में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए डोलची बनाना, खेत में कुदाल चलाना, बीज बोना, जैविक खेती के तरीके सीखना एक नया अनुभव होता है। यह अनुभव उन्होंने बेटावर, बच्छांव स्थित विद्याश्रम दी साउथ प्वाइंट स्कूल परिसर में आयोजित पर्यावरण का जश्न कार्यक्रम में किया। इस अनोखे कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्राकृतिक खाद बनाना सीखा, ग्राम शिल्प के तहत मिट्टी के बर्तन, चारपाई बनाने की विधि जानी। स्कूल निदेशिका डॉ. नीता कुमार ने बच्चों का उत्साह वर्धन किया। इस दौरान प्रिंसिपल जयंती मिश्रा, हर्षिता वाडिया, मंजू सचदेवा आदि मौजूद थीं।
वाराणसी के रोहनिया विधायक डॉ. सुनील पटेल ने सुसवाही पंचायत भवन पर हवन-पूजन के साथ 1.41 करोड़ से चार मार्गों की इंटरलॉकिंग व नाली के कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें कंदवा में 31.33 लाख से 270 मीटर इंटरलॉकिंग व नाली, सुसवाही स्थित शिवविहार कॉलोनी में 34.93 लाख से 275 मीटर इंटरलॉकिंग व नाली, छित्तूपुर में 36.49 लाख से 275 मीटर इंटरलॉकिंग व नाली तथा कंदवा में मोकम का पुरा में 16.54 लाख से 150 मीटर इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण शामिल है। इस अवसर पर डॉ. उमेश पटेल, सुरेश कुमार, गोपाल पटेल, महेंद्र पटेल, परमानंद, अवधेश, राजकुमार, श्यामबली पटेल, विनोद पटेल, रहे।
मौसम में उतार-चढ़ाव जारी बुद्ध से तापमान बढ़ने का संकेत कल बूंदाबांदी 3 तक तेज बारिश की संभावना।
