बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि लॉकडाउन के बीच हम सभी अपने घरों में सुरक्षित हैं, फिर भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि हम बाजार जाते समय असावधानी बरतते हैं। जिससे न चाहते हुए भी कोरोना संक्रमण के शिकार हो जाते हैं और फिर संक्रमण का चेन बनना शुरु हो जाता है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हम बाजार जाएं ही नहीं। बस हमें जाने के पहले कुछ सावधानियों को बरतना होगा। डब्ल्यूएयओ ने भी इस संबंध में एक पोस्टर जारी किया है। जिसमें उन्होंने हाथ की सफाई और एक -दूसरे से शारिरिक दूरी पर बल दिया है। ऑडियो क्लिक कर हर प्रकार की छोटी बड़ी खबरें सुनें।
मोबाइल वाणी के माध्यम से आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि मुजफ्फरपुर प्रशासन द्वारा यह अपील की गई है कि नेपाल के कोसी बैरक का 56 फाटक में से 46 फाटक को आज खोल दिया गया हैं मुज़फ़्फ़रपुर के उतरी छोर के सभी ब्लॉक बाढ़ के पानी से पहले ही प्रभावित हो चुकी है और अब मुजफ्फरपुर के दक्षिणी क्षेत्रों के ब्लॉक मुशहरी, सकरा,मुरौल, कुढ़नी,बांद्रा,पारू सभी जगह 2 दिनों में बाढ़ का पानी आने की पूर्ण संभावना है अतः आप सभी अपनी जरूरत के समान को इकठ्ठा कर के रखे और पानी आने की सूचना पर ऊँचे जगह पर चले जाए।अपने नजदीकी प्रतिनिधि और पदाधिकारी से संपर्क करे।
बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों के बीच आइसोलेशन, क्वारंटीन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे शब्दों को लेकर असमंजस की स्थिति है। लेकिन तकनीकी रूप से इन तीनों के अलग मायने हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग उन सभी लोगों को क्वारंटीन की सलाह देती है, जो विदेश अथवा किसी दूसरे राज्य की यात्रा करके आए हो या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हों।
खांसने या छींकने से होता है कोरोना, सुरक्षित रुप से लपेटे डेड बॉडी से नहीं मुजफ्फरपुर : एसकेएमसी हॉस्पिटल में मंगलवार को हुई कोरोना से मौत पर उनके परिजनों की बेरुखी का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें परिवार वालों ने शव को लेने से इंकार कर दिया था। बाद में अस्पताल प्रशासन ने राज्य स्वास्थ्य समिति के गाईडलाइन के अनुसार शव का अंतिम संस्कार किया। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राज्य स्वास्थ्य समिति ने शवों के निस्तारण पर दिशा-निर्देश भी दिए थे, जिसमें कुछ खास मानकों को ध्यान में रखकर शवों का अंतिम संस्कार की जानकारी दी थी। इस प्रक्रिया में शवों से कोरोना फैलने की संभावना बिल्कुल नगण्य है। ऑडियो क्लिक कर हर प्रकार की छोटी बड़ी खबरें सुनें।
मुजफ्फरपुर : कोविड -19 के संक्रमण की रोकथाम और उस पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता वाहनों के माध्यम से प्रचार- प्रसार की कवायद का आगाज किया गया। जिलाधिकारी डॉ० चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को समाहरणालय परिसर से प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से तीन प्रचार वाहन नगर निगम क्षेत्र में और शेष तीन नगर पंचायत कांटी ,मोतीपुर और साहेबगंज में इन प्रचार वाहनों के द्वारा अगले दस दिनों तक सघन प्रचार -प्रसार किया जाएगा। ऑडियो क्लिक कर हर प्रकार की छोटी बड़ी खबरें सुनें।
बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना का प्रकोप जिस तरह लोगों को अपने आगोश में ले रहा है, ठीक उसी तरह इससे निजात पाने के लिए पूरे विश्व में इस बीमारी के खात्में के लिए टीके और दवाओं पर शोध हो रहे हैं। यह सर्वज्ञात है कि किसी भी बीमारी से लड़ने में मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी मुख्य भूमिका निभाती है। ऐसे में अपने देश में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति देशवासियों के लिए वरदान से कम नहीं है। इसकी दो मुख्य वजहें हैं एक तो कि इस पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ते दूसरी कि यह कि यह अपना काम तेजी से बिना किसी साइड इफेक्ट के करती है। ऑडियो क्लिक कर हर प्रकार की छोटी बड़ी खबरें सुनें।
मुजफ्फरपुर : प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार ने आज कोविड-19 संक्रमण को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ एक समीक्षात्मक बैठक की। उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को कोरोना संक्रमण की संख्या में हो रही वृद्धि के मद्देनजर मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में युद्ध स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। कहा कि हर स्तर पर पुख्ता प्रबंधन करते हुए प्लानिंग- वे में कार्यों का निष्पादन करें। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक्सक कर के सुनें।
मुज़फ़्फ़रपुर : जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने का हुनर सीखना हो, तो स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) खुशबू कुमारी से सीखिए। एक तरफ पूरे घर-परिवार की देखभाल, तो दूसरी ओर कोरोना संक्रमण के खतरे से लोगों को आगाह करने और सबका डेटा जुटाने की मुहिम। खुश्बू कुमारी रोज पैदल चलकर जिस समर्पण के साथ अपनी डयूटी को अंजाम देती हैं, वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा है। मुजफ्फरपुर के छितरपट्टी और नारायणपुर इलाके में खुशबू कोरोना योद्घा के रूप में अपनी पहचान बना चुकीं हैं। संक्रमण के खतरों के बीच लोगों में जागरुकता फैलाने का अनवरत अभियान जारी रखे हुई हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें।
मोतीपुर प्रखंड के इब्राहिमपुर पंचायत के वीआरपी सरयुग प्रसाद ने बताया कि किस प्रकार SRI विधि से होती है धान की खेती।
बिहार राज्य के मुजफरपुर जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से स्वास्थ्य पर जुल्फिकार जानकारी देते हुए बता रहे है कि कोरोना के साथ मानसून ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोरोना संक्रमण काल में खुद का तो ध्यान रखना ही होता है, साथ ही अपने बच्चों की देखभाल भी बड़ी चुनौती है। कोरोना संक्रमण को लेकर अपने बच्चों के मन से कोरोना के प्रति डर को हटाना होगा, उन्हें जागरूक करना होगा, वहीं उन्हें मानसून में होने वाले संक्रमण और मच्छर जनित रोगों से भी बचाना होगा।
