मुज़फ़्फ़रपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड के बरियारपुर पंचायत की सीएम दीदी सुमन देवी जीविका के माध्यम से समूह की दीदी को चमकी बुखार एवं कोरोना पर जागरूक कर रही हैं।

मुज़फ़्फ़रपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड के मोरसनडि ग्राम निवासी बच्चा कुमार ने मधुमक्खी पालन का तरीका बताया और बताया कि किस प्रकार किसान मधुमक्खी पाल कर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।

मोतीपुर प्रखंड के ठिकहा ग्राम निवासी विणा देवी जो कि जीविका में सीएम पद पर कार्य करती हैं समूह के माध्यम से कोरोना महामारी से संबंधित समाज मे जागरूकता फैलाने का कार्य करती हैं।

बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल के बीच मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नित्य नए फैसले लिए जा रहे है जिससे कोरोना जांच में तेजी आए तथा संक्रमण पर काबू पाया जा सके। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने जिला पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जिले में आरटी पीसीआर से प्रतिदिन 300 जांच तथा ट्रूनेट मशीन से 50 जांच करने का निर्देश दिया है।

बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि जिले को कालाजार मुक्त बनाने के प्रयास में जिला स्वास्थ्य समिति के वेक्टर रोग नियंत्रण विभाग के द्वारा जिले में 2 सितंबर तक कालाजार रोगियों की खेाज होगी तथा खोज के बाद मरीज के गृह प्रखंड के प्राथमिक/सामुदायिक केंद्र में ही उसका मुफ्त में ईलाज होगा। यह जानकारी जिला वेक्टर बार्न रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि देश को 2020 तक कालाजार रोगियों से मुक्त देश बना देना है। कालाजार के ईलाज के दौरान मरीज को मुख्यमंत्री राहत कोष से 6600 तथा नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से 500 समेत कुल 7100 रुपये मिलते हैं।

बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि यह समय कोरोना के साथ बरसात के समय में होने वाली बीमारियों का भी है। बरसात में होने वाली बीमारी में डेंगू का नाम प्रमुखता से आता है। डेंगू और कोरोना दोनों के शुरुआती लक्षण बुखार से ही शुरु होते हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक पोस्टर जारी किया है। जिसमें कोरोना वायरस के समय में डेंगू को नजरअंदाज नहीं करने का सुझाव और कुछ उपाय दिए गये हैं। वहीं इस संबंध में जिले के भिबीडीसीओ पुरुषोत्तम कुमार कहते है कि यह समय कोरोना के साथ डेंगू और चिकनगुणिया का भी है।

कोरोना काल मे डॉ. मनोज कुमार भारती से सुने क्या सावधानियां और सतर्कता से हम इस महामारी से बचते हुए इसे फैलने से रोक सकते है। ऑडियो पर क्लिक कर जरूर सुने यह महत्वपूर्ण जानकारी।

बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना को चुनौती देने के लिए मास्क अनिवार्य है। लेकिन मास्क को लेकर जागरूक होना भी कम अहम नहीं। मौसम बरसात का है इस कारण मास्क को लेकर हमें और सावधान रहना है। मौसम में नमी और उमस होने से पसीने की समस्या मास्क को नम बना देती है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।बीवीडीसीओ डॉ सतीश कुमार इससे बचाव को लेकर अगाह कर रहे हैं।

बिहार राज्य के जिला मुजफ्फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि बच्चों एवं किशोरों को कृमि से मुक्त करने के लिए 16 सितम्बर से 29 सितम्बर को जिले के 1 से 19 साल तक के बच्चों को एल्बेण्डाजोल की गोली खिलाकर कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा. कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी जैसे आशा कार्यकर्ता एवं ए.एन.एम अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर बच्चों को निशुल्क दवा का सेवन कराएंगी. इसको लेकर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर विस्तार से दिशानिर्देश दिया है.

बिहार राज्य के जिला मुज्जफरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना संक्रमण काल में कई स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं. यद्यपि, कोरोना रोकथाम के साथ इन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को नियमित करने में राज्य के समस्त स्वास्थ्य कर्मीयों की भूमिका काफ़ी अहम रही है. संक्रमण के कारण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गति में आयी कमी को पुनः कायम करने के लिहाज से 16 सितंबर से 29 सितंबर तक सघन डायरिया नियंत्रण कार्यक्रम, कृमि मुक्ति कार्यक्रम एवं विटामिन ए अनुपूरण पखवाड़े का संयुक्त रूप से आयोजन किया जा रहा। ऑडियो पर क्लिक कर पुरी खबर सुनें और मोबाइल वाणी के टॉल फ्री नंबर 8800458666 पर भी कॉल कर सुन सकते हैं।