श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत पूजा से हुई पूजा बताती हैं मैं घर में कढ़ाई का दुपट्टो पर नग चुकाने का काम करती हूं 50 से 60 रुपे रोज कमा लेती थी अब तो दिवाली के बाद से कोई भी काम करने को नहीं मिल रहा है क्योंकि हर जगह कारखाने बंद हैं जिसे कहो भैया हमें काम दे देना हम कुछ घर में काम करेंगे तो वह कहते हैं कि अभी काम बंद है दिवाली के बाद से कारखाने बंद है इतना मंदा आ चुका है कि घर चलाना मुश्किल हो गया है और हमारे पास गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी नहीं है और सरकार हमारी कोई मदद भी नहीं करती है