दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से सोनू से हुई। सोनू बताते है कि वो मानेसर के ऑटो लाइन में काम करते है। ठेकेदार द्वारा ये एक ऑटो सेक्टर कंपनी में दो माह छह दिन काम किया। दो महीना का पैसा मिल गया पर उसके बाद ये अपने घर चले गए। घर से आने के बाद जब छह दिन बकाया पैसा के लिए ठेकेदार से संपर्क किये तो ठेकेदार का कोई अतापता नहीं है
