दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष ,श्रमिक वाणी के माध्यम से यशवंत विश्वकर्मा से बात कर रहे है। यशवंत बताते है कि ठेकेदार सही से श्रमिकों को वेतन नहीं देता है। पूरा वेतन नहीं दिया जाता है। अगर ठेकेदार को कंपनी से 20 हज़ार मिलते है तो वो श्रमिकों को केवल 10 हज़ार देती है। कंपनी अगर श्रमिकों को सुविधाएँ देती है जैसे यात्रा की व्यवस्था ,पीएफ ,ईएसआई आदि ,यह ठेकेदार श्रमिकों को नहीं देती है। कंपनी को श्रमिकों की सीधी भर्ती लेनी चाहिए