दिल्ली से नंदकिशोर ने साझा मंच के माध्यम से एक श्रमिक से बात की। सहजाद ने बताया कि वो चार लोग भवन निर्माण के काम करने के लिए गए थे उन्हें पहले बोलै गया था कि काम के बाद उन्हें दिहाड़ी मिल जाएगा,काम ख़तम होने पर जब शाम में उन्होंने अपना दिहाड़ी माँगा तो उन्हें कह दिया गया की पैसा अगले दिन मिलेगा,जब अगले दिन सहजाद ने अपना दिहाड़ी माँगा तो उनसे कह दिया गया कि जब सारे मजदूर आ जाएंगे तब ही आपका पैसा मिलेगा वर्ण नहीं मिलेगा। बता रहे है कि दिहाड़ी नहीं मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तथा मालिक द्वारा उन्हें धमकी भी दिया गया है कि उन्हें उनका पैसा तब ही मिलेगा जब काम पूरा ख़तम हो जायगा और सारे मजदूर आए जाएंगे