दिल्ली के ग्रामीण इलाके से नंदकिशोर ने जगतपाल जी से बात की। उन्होंने बताया कि माहौळ अच्छा नहीं है। काम मिलने में दिक्क्त हो रही है। अगर सरकार काम दिलाने में कुछ मदद कर देती तो बेहतर रहता। कभी कभी काम नहीं मिलता है।सुबह आठ बजे जाना पड़ता है। कभी पैसा मिल जाता है कभी कभी देरी हो जाती है। प्रदूषण के कारण भी काम पर असर पड़ रहा है। इसमें जिम्मेदार सरकार और कंपनी है लेकिन भुगतना मजदुर को पड़ता है
