उत्तर प्रदेश के नवाब रामपुर से लेडीस चप्पल बनाने वाले मजदूर से हुई बातचीत मो ताजीम बताते हैं कि लॉकडाउन से पहले 30 से 40 जोड़ी चप्पल बना लेते थे जिसकी मजदूरी 500 रुपए हो जाती थी अब 18 जोड़ी 24 जोड़ी लेडीस चप्पल ही बन पाती है लॉकडाउन के बाद से तो कारखाने बंद है अभी तलक काम नहीं चल रहा है जिस जोड़ी की मजदूरी 20 रुपए होनी चाहिए उसकी मजदूरी सिर्फ 10 रुपए है सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए मो ताजिम बताते हैं मेरे पिता जी डायबिटीज के पेशेंट हैं सरकारी अस्पताल में धक्के बहुत हैं इस वजह से प्राइवेट अस्पताल में दिखाना पड़ता है हमें सरकारी सुविधा नहीं मिलती हैं बस एक सुविधा मिलती है जो के राशन कार्ड से गेहूं और चावल
