बिहार राज्य सीतामणी जिला से हमारे श्रोता जानना छह रहे है कि वो जिस कंपनी में काम करते है वहा पर अचानक उनका वेतन कम क्यों कर दिया गया है ?
बिहार राज्य सीतामणी जिला से हमारे श्रोता जानना छह रहे है कि वो जिस कंपनी में काम करते है वहा पर अचानक उनका वेतन कम क्यों कर दिया गया है ?
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कम्पनी अपने मज़दूरों कि सैलरी इस तरह कम नहीं कर सकती, लेकिन देश भर में मज़दूरों के साथ ऐसा ही हो रहा है और ख़ास कर प्रवासी मज़दूरों के साथ। श्रम क़ानूनों अंतर्गत अगर कम्पनी किसी मज़दूर या मज़दूरों कि सैलरी या दिनों में किसी भी तरह की कमी नहीं कर सकती क्योंकि इससे मज़दूरों कि सेवा की शर्तों में बदलाव होगा। अधिनियम के अनुसार, इस तरह के बदलाव से पहले संबंधित मज़दूरों को 21 दिनों के नोटिस के बिना प्रस्तुत किए बिना किसी भी तरह के परिवर्तन को प्रभावित नहीं किया जा सकता है। लेकिन अगर आपकी कम्पनी ने न्यूनतम वेतन के आधार पर एक रोज़गार अनुबंध या रोज़गार की शर्तों को बनाया है और मज़दूरों ने उसे स्वीकार किया है तो बात दूसरी है, और आपके नियोक्ता इसके चलते "प्रचलित राष्ट्रीय न्यूनतम मजबूरी प्रति घंटा की दर" पर भुगतान कर सकते हैं, जिसमें मज़दूरों की सैलरी कम हो सकती है। मज़दूरों के साथ लॉक डाउन के बाद ऐसा होना शुरू हो गया है, क्योंकि कंपनियां लॉक डाउन में हुऐ अपने नुकसान को मज़दूरों कि सैलरी से भरना चाहती हैं। लेकिन मज़दूरों का पूरा हक़ बनता है कि वे इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाए, एकजुट होकर यूनियन के साथ इसका विरोध करें, नहीं तो मज़दूरों का शोषण इसी तरह होता रहेगा।
Aug. 4, 2020, 3:22 p.m. | Tags: skd int-PAJ wages workplace entitlements