बुराड़ी, दिल्ली से महेश कुमार स्वामी साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि चूँकि निजी क्षेत्रों में बहुत काम दृष्टिबाधितों के काम करने से उनका संगठन बनाना मुश्किल है, हाँ! अगर सभी दिव्यांगजन मिलकर संगठन बनायें, तो कुछ हो सकता है।