जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में 'बचपन मनाओ-बढ़ते जाओ' कार्यक्रम सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में दबाएं नंबर 3.

नमस्कार आदाब श्रोताओं, मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उन लोगों के लिए है, जो पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा निकाली गई अपरेंटिस के रिक्त पदों पर कार्य करने के लिए इच्छुक हैं. अपरेंटिस के पदों पर कुल 1154 रिक्तियां निकाली गई हैं। इन पदों पर वेतन मान नियमानुसार दिया जायगा। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिष्ठान अंकों के साथ दसवीं एवं आई टी आई पास किया हो। साथ ही आवेदन कर्ता की आयु 15 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए । इन पदों के लिए आवेदन शुल्क सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के लिए 100 रूपये तथा अन्य वर्ग के लोगों महिलाओं एवं दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बिल्कुल निःशुल्क है। इच्छुक उम्मीदवार को अपना आवेदन ऑनलाइन भरना होगा । आवेदनकर्ताओं का चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जायगा । अधिक जानकारी के लिए आवेदन कर्ता इस वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं, वेबसाइट है www.ecr.indianrailways.gov.in । याद रखिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 14-02-2025 है। तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।

मोबाइल वाणी और माय कहानी की खास पेशकश भावनाओं का भवर में दोस्तों, कहते हैं प्यार के कई रंग होते हैं, कुछ रोमांटिक, कुछ दोस्ताना। पर चाहे प्यार कैसा भी हो, प्यार के साइड इफेक्ट्स हर जगह देखने को मिल जाते हैं. इस में से सब से बड़ा साइड इफ़ेक्ट तो तब देखने मिलता है जब वो प्यारा इंसान हम से दूर हो जाता है और हमारे ज़िन्दगी में एक खालीपन का अहसास छोड़ जाता है। आज के समय में जब प्यार में ब्रेक अप एक आम बात हो चुकी है , कई बार हम मानसिक स्वास्थ्य पर इसके असर को नज़रअंदाज कर देते हैं. पर इसका मतलब ये नहीं है की परेशानियां टल गई है। क्यूंकि मानसिक विकार किसी की गलती नहीं इसलिए इससे जूझने से बेहतर है इससे जुड़ी पहलुओं को समझना और समाधान ढूंढना। तो चलिए आज जानते हैं कि ब्रेकअप जैसी परिस्थिति का सामना कैसे करें । साथियों, जैसा कि हम सब जानते हैं कि ब्रेकअप से उबरना कोई आसान काम नहीं है लेकिन यह इतना मुश्किल भी नहीं की इससे उबरा न जा सके . क्या आपने कभी ब्रेकअप का सामना किया है ?अगर हाँ तो उस स्थिति में आप ने खुद को कैसे संभाला था ?और ऐसी स्थिति में किसने आप की सबसे ज़्यादा मदद की थी और और कैसे ?और अगर आपके किसी दोस्त या बेहद करीबी किसी ने ब्रेकअप का सामना किया तो उनके ब्रेकअप की स्थिति से उभरने ने में आप की क्या भूमिका रही है ?अपनी राय और प्रतिक्रिया जरूर साझा करें अपने फ़ोन में नंबर 3 दबाकर। साथ ही इसी तरह की और भी जानकारी सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://www.youtube.com/@mykahaani

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"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा आंवला का भंडारण करने सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .

आगामी 5 फरवरी से पीजी की परीक्षा संभावित

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साथियों , बेटियों के बारे में जितना भी बोलें,कम ही होगा । इसलिए बेटियों को सम्मान देने और उनके महत्व पर प्रकाश डालने के उद्देश्य से भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।इस दिन जगह - जगह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें सेव द गर्ल चाइल्ड, चाइल्ड सेक्स रेशियो और बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण बनाने सहित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में 'बचपन मनाओ-बढ़ते जाओ' कार्यक्रम सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में दबाएं नंबर 3.

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में 'बचपन मनाओ-बढ़ते जाओ' कार्यक्रम सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में दबाएं नंबर 3