सोमवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित अम्बेडकर भवन में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजेश कुमार की अध्यक्षता में फोटो निर्वाचन सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में प्रखंड के सभी बूथ लेवल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गईं। बैठक में उपस्थित प्रखंड के सभी बूथ लेवल अधिकारियों को संबोधित करते हुए बीडीओ श्री कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फोटो निर्वाचन सूची का पुनरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक सुनिश्चित करने के लिए सभी बीएलओ अपने अपने चयनित क्षेत्रों में डोर टू डोर सर्वे करके जो युवा मतदाता का उम्र एक जनवरी 2023 तक 18 वर्ष पूरे होगा वैसे युवा मतदाताओं का नाम प्रार्थमिकता के साथ मतदाता सूची में जोड़ने का काम करें। साथ ही अपने अपने क्षेत्रों में ऐसे मतदाता को चिन्हित करें जिनकी मृत्यु हो गई हो उनका नाम मतदाता सूची से हटाए। उन्होंने कहा कि 3 एवं 4 दिसम्बर को विशेष अभियान दिवस के मौके पर सभी बीएलओ अपने अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे एवं विशेष अभियान दिवस में प्राप्त दावे आपत्तियों से संबंधित प्रतिवेदन संध्या 5 बजे तक जिला निर्वाचन कार्यालय को दूरभाष पर उपलब्ध कराएं। कोई भी युवा मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने से वंचित ना रहें इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करें। साथ ही मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करना हैं। इसके लिए संबंधित प्रपत्र के साथ मतदाता का आधार संख्या संलंग्न कर उसे अपडेट करें। प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि क्षेत्र के सभी मतदाताओं से अपील है कि जो युवा मतदाता हैं जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है और उनका उम्र 1 जनवरी 2023 को 18 वर्ष पूरा हो जाता है। वह विशेष कैम्प में आकर अपना नाम जुड़वाएं। उन्होंने बीएलओ को कहा कि महिला मतदाताओं को जागरूक करते हुए जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है उन्हें प्राथमिकता के साथ जोड़े इसके लिए डोर टू डोर सर्वे करते हुए वंचित मतदाताओं को इसकी जानकारी देकर सभी को मतदाता सूची में नाम जोड़ते हुए इस अभियान को सत प्रतिशत सफल बनाएं।
सरकार के द्वारा बनाए गए बिल्डिंग बेकार पड़ा हुआ है बिहार सरकार के द्वारा लाखों-करोड़ों परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रही है जिसको लेकर के कई तरह के योजनाएं सरकार के द्वारा चलाए जा रहे हैं जिसमें की खास करके नारी सशक्तिकरण को लेकर के बिहार सरकार के द्वारा जीविका को चलाया जा रहा है इस पर सरकार हर साल करोड़ों से अधिक रुपए खर्च कर रही है रोजगार मुहैया कराने को लेकर के बिहार सरकार के द्वारा पर गरीब परिवारों को रोजगार से जोड़ने को लेकर के दर्जनों से अधिक बिल्डिंग बनाया गया है पर वह बिल्डिंग आज अतिक्रमण का शिकार हो जिसमें कि सरकारों का कई लाख रुपया से अधिक खर्च है लेकिन उससे किसी तरह का कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है ताजा मामला मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत लाखों के खर्च से लोगों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से बनी दुकानें इन दिनों प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के चंगुल में जकड़ा हुआ हैं। इसे दुर्भाग्य कहा जाए या पदाधिकारियों की मनमानी जब से दुकानें बनकर तैयार हुई है। तब से लेकर आज तक दुकान का शटर तक नहीं खुला है। विदित हो कि 2009-10 में 13 लाख 47 हजार 500 की लागत से मार्केटिंग शेड का निर्माण स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत कराया गया था। दुकाने बनकर तैयार हुई तो लोगों को इससे उम्मीद जगी कि अब रोजगार करने का एक अच्छा प्लेटफार्म तैयार हुआ है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को लगा कि अब छोटे-मोटे व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगे। परंतु विभागीय उदासीनता के कारण दुकानों पर ग्रहण लग गया और धीरे-धीरे अवैध तरीके से लोगों के द्वारा दुकान के आगे दुकान रूपी ढांचा तैयार कर उसे अतिक्रमण कर लिया गया। आज स्थिति यह है कि दुकानें तो है पर दुकान के आगे दुकान बना देने से दुकानें विलुप्त हो गई है। शटर को जंग खा रहा है दीवारों के प्लास्टर गिर रहे हैं। रखरखाव एवं देखभाल के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है। दिन प्रतिदिन दुकान के आगे लोगों का अवैध होता जा रहा है। और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी मौन बैठे हुए हैं। या यूं कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए दुकान का स्थिति "अंधेर नगरी चौपट राजा" की कहानी को चरितार्थ कर रहा है। प्रखंड मुख्यालय के समीप बने इस शेड के आगे अवैध तरीके से दुकान लगा देने से आए दिन संग्रामपुर बाजार के मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। आए दिन दुकान के आगे एक नया दुकान तैयार हो रहा है। जिसे देखने वाला कोई नहीं है। इस संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजेश कुमार ने बताया कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए दुकानों की देखभाल सहित आवंटित करने का कार्य जीविका के अधीन है। वही इस संदर्भ में प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका निर्भय कुमार ने बताया कि हमें दुकानों के संबंध में किसी तरह का दिशानिर्देश वरीय पदाधिकारी से नहीं मिला है। इस विषय में वरीय पदाधिकारी से राय ली जाएगी। वही अंचलाधिकारी स्नेहा सत्यम ने बताया कि दुकान के आगे जो भी अतिक्रमण कर रखा है उन्हें नोटिस निर्गत कर शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। वही इस संदर्भ में उप विकास आयुक्त मुंगेर संजय कुमार ने बताया कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए दुकानें जीविका को सुपुर्द कर दिया गया है। संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय के समीप बने दुकानों की क्या स्थिति है दुकानें आवंटित हुई है या नहीं या अभी आवंटित होना है। इसकी जानकारी संग्रामपुर प्रखंड के प्रखंड परियोजना प्रबंधक सह जीविका कर्मी से पूछी जाएगी।
नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न जगहों पर जागरूकता अभियान चलाया गया मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड के अंतर्गत आज प्रखंड के विभिन्न जगहों पर मध्य निषेध दिवस के अवसर पर कई जगह प्रभात फेरी जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया जानकारी के अनुसार मध्य निषेध दिवस के अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार के नेतृत्व में संग्रामपुर थाना के पुलिस कर्मियों एवं प्रखंड के जीविका के द्वारा जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शराब से होने वाले नुकसान एवं व्यक्तिगत सामाजिक क्षति के बारे में लोगों को हर एक बात से अवगत कराया गया रैली में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि बिहार में पूर्णरूपेण शराबबंदी कानून लागू है सरकार और प्रशासन राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए ढूंढ है उन्होंने शराब से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि नशा व्यक्ति को बर्बाद कर देता है इससे जीवन रोग ग्रस्त हो जाता है वास्तव में मानव जीवन के लिए दूर रहना समाज और देश के हित में है और इससे दूर रहना समाज और देश के हित के लिए हितकारी है वही रैली संग्रामपुर ब्लॉक परिसर से लेकर के संग्रामपुर तक घुमाया गया वहीं पुलिस प्रशासन संग्रामपुर थाना से निकलकर के बस स्टैंड चौराहा तक जहां लोगों को नशा मुक्ति को लेकर के जागरूक किया गया इस इस रैली में जीविका दीदी के द्वारा विभिन्न प्रकार के नारा भी दिया गया नशे का जो हुआ शिकार उजला उसका घर परिवार नशे से दोस्ती जीवन में से मुक्ति इत्यादि नारा लगाकर के लोगों को जागरूक किया वही मौके पर अधिकारी स्नेहा सत्यम थाना अध्यक्ष रंजन कुमार एसआई भैरव कुमार अब्दुल कलाम एसआई मदन मोहन पासवान सहित थाना के पुलिस बल एवं जीविका दीदी एवं जीविका कर्मी मौजूद थे
मुंगेर (संवाददाता):- मुंगेर मुख्यालय से महज कुछ ही दूरी पर लोग सरकार के नौकरशाह की उदासीनता से काफी परेशान हैं। मुंगेर शीतला मंदिर निमतल्ला रोड से जामा मस्जिद तोपखाना बाजार होते हुए गोइंका की ओर जाने वाली सड़क पर इतनी धूल उड़ती है कि आस-पास के रहने वाले लोग सहित इस मार्ग से होकर गुजरने वाले राहगीर भी इस समस्या से काफी परेशान हैं किन्तु मुंगेर नगर निगम के पदाधिकारी की नजर इस समय पर अभी तक नहीं पर पाई है।निमतल्ला रोड में अरमान मोटर्स के मालिक अरमान बताते हैं कि रोजना इस सड़क पर इतनी ज्यादी धूल उड़ती है कि उन्हें डर है कि यहां रहने वाले लोग बहुत जल्द बीमार पड़ने लगेंगे। क्योंकि इस सड़क से अगर एक भी चार पहिया या दो पहिए गुजरती है तो काफी धूल उड़ती है जो लोगों के श्वास द्वारा उसके शरीर में प्रवेश कर शरीर के अंदरूनी अंग को क्षति पहुंचाने का काम कर रही है।अगर नगर निगम के के द्वारा इस सड़क पर पानी छिड़काव कराने की ब्यवस्था की जाती तो सड़क पर इतनी धूल नहीं रहती। उन्होंने मोबाइल बाणी के माध्यम से जिलाधिकारी से आग्रह की है कि वह इस सड़क पर ध्यान देकर इस सड़क का नए सिरे से निर्माण कराने का आदेश संबंधित विभाग को दें।
सरकार के द्वारा लाख प्रयास करने के बावजूद भी बिहार में शराब बिक्री का अवैध धंधा एवं सेवन करने का रुकने का नाम नहीं ले रहा है चाहे सरकार जितने भी प्रयास कर ले लेकिन पीने वाले दम नहीं मारने वाले या फिर जो इस धंधे में रंग चुके हैं इस धंधे को कर करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं उसको रोकने के लिए सरकार के द्वारा हर तरह प्रयास किया जा रहा है जिसको लेकर के बीते दिन मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब एवं शराबियों के खिलाफ लगातार चलाये जा रहे अभियान के तहत सोमवार की देर शाम संग्रामपुर पुलिस ने शराब के नशे में धुत्त दो शराबी को गिरफ्तार कर मंगलवार की सुबह न्यायालय भेज दिया। जानकारी के अनुसार संध्या गश्ती पर निकले संग्रामपुर थाना एसआई शेखर सौरभ के द्वारा थाना क्षेत्र के झुंझुनिया गांव से दो शराबी शराब के नशे में धुत्त पकड़े गए। जिसे ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच करने पर शराब पीने की पुष्टि की गई। दोनों शराबियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मंगलवार की सुबह न्यायिक हिरासत में मुंगेर भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार शराबी की पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र के झुंझुनिया गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार एवं मिथलेश ठाकुर के रूप में कई गईं। वही संग्रामपुर पुलिस की लगातार कारवाई से थाना क्षेत्र में शराबी एवं शराब कारोबारी में हड़कंप मचा हुआ है। थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण और शराबियों के विरुद्ध थाना क्षेत्र में लगातार अभियान जारी रहेगी।
आरोग्य दिवस पर गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांच से जिलाभर में सुरक्षित मातृत्व को मिल रही गति - गर्भवती महिलाओं को चिकित्सीय सलाह के अनुसार लेनी चाहिए आयरन व कैल्सियम की दवा - गर्भवती महिलाओं को प्रोटिनयुक्त आहार का सेवन जरूर करना चाहिए मुंगेर, 21 नवम्बर। जिला भर में सुरक्षित प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से पूरी तरह से सुदृढ़ है। अब जरूरत है गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के जागरूक होने की। इसके लिए लोगों को समझना होगा कि सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए प्रसव पूर्व प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसमें जांच से लेकर सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। सदर अस्पताल के साथ- साथ अनुमंडल और पीएचसी स्तर के सरकारी अस्पतालों में भी वैसी ही तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं । आरोग्य दिवस के दिन बुधवार और शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्र में भी गर्भवती माता की जांच की जा रही है। जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिले। यहां पर प्रसव पूर्व जांच से लेकर प्रसव कराने तक की बेहतर व्यवस्था है। सुरक्षित मातृत्व के लिए एएनसी जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। एएनसी जांच का मकसद मातृ- शिशु मृत्यु दर में कमी लाना होता है। हालांकि, एएनसी जांच के लिए प्रत्येक माह की 9वीं व 21 वीं तिथि को शिविर लगाया जाता है। लेकिन, सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाएं एएनसी जांच के लिए कभी भी चिकित्सकों से संपर्क कर सकती हैं। गर्भधारण से लेकर 12वें सप्ताह तक पहली जांच जरूरी : एसीएमओ डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि सुरक्षित मातृत्व को लेकर सदर अस्पताल में बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व चार जांच होती है। पहली जांच गर्भधारण से लेकर 12वें सप्ताह तक, दूसरी जांच गर्भधारण के 14 वें से लेकर 26वें सप्ताह तक, तीसरी जांच गर्भधारण के 28वें से 34वें सप्ताह तक और आखिरी जांच 36वें सप्ताह से लेकर प्रसव होने के पहले तक कराई जाती है। इसे एएनसी जांच कहते हैं। इस जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं को जो भी सलाह दी जाती उस पर अमल करने की जरूरत है। इससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलता है । इसके अलावा महिलाओं को अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान रखना होगा ताकि वो एनीमिया की चपेट में आने से बचें । इसके लिए गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्सियम की दवा भी चिकित्सीय सलाह के अनुसार लेनी चाहिए। एएनसी जांच के दौरान आयरन और कैल्सियम की गोली कब लेनी है, इसकी सलाह डॉक्टर से अवश्य ले लें। डॉक्टर जैसी सलाह दें, उसका पालन करें। प्रसव को लेकर आवश्यक तैयारी जरूरी : उन्होंने बताया कि प्रसव का समय नजदीक आए तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे कि सबसे पहले एम्बुलेंस या फिर किसी गाड़ी वाले का नंबर को पास में रखें। अगर दर्द शुरू हो तो तुरंत गाड़ी वाले को फोन कर बुलाएं। इसके अलावा दो- तीन ऐसे लोगों को तैयार रखें, जो कि जरूरत पड़ने पर रक्तदान कर सकें। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रोटीनयुक्त आहार का जरूर सेवन करना चाहिए। दूध, अंडा, मछली, मांस के साथ हरी सब्जियों का भरपूर सेवन करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को एक साथ दो जान की परवाह करनी पड़ती है। पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार लेने से दोनों का ध्यान रखा जाता है। जो गर्भवती महिलाएं मांसाहार का सेवन नहीं करती हैं, उन्हें दूध, हरी सब्जियों और फल के सेवन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। परिवार नियोजन सुविधाओं के लाभार्थियों को दी जाती है प्रोत्साहन राशि : जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया कि सभी एएनएम् एवं आशा को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन की सभी सुविधाओं का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि की भी जानकारी प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में पुरुष नसबंदी का लाभ उठाने पर लाभार्थी को ₹3000/- व उत्प्रेरक को ₹400/- रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है । महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को ₹2000/- व उत्प्रेरक को ₹300/-, प्रसव उपरांत बंध्याकरण पर लाभार्थी को ₹3000/- व उत्प्रेरक को ₹400/-, प्रसव उपरांत कॉपर-टी लगाने पर लाभार्थी को ₹300/- व उत्प्रेरक को ₹150/-, गर्भपात उपरांत कॉपर-टी लगाने पर लाभार्थी को ₹300/- व उत्प्रेरक को ₹150/-, गर्भनिरोधक सूई (अंतरा) का लाभ उठाने पर लाभार्थी को ₹100/- व उत्प्रेरक को ₹100/- की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
रविवार को सुबह 7:00 बजे नशा मुक्ति जागरूकता हेतु मैराथन दौड़ का अयोजन किया गया। मैराथन दौड़ किला परिसर स्तिथ अंबेडकर चौक से प्रारंभ होकर लालदारवाजा, दलहट्टा, बासुदेवपुर, माधोपुर, पुराबसराय, गांधीचौक, होते हुए पुनः किला परिसर में समाप्त हुई। आईटीसी के द्वारा प्रतिभागियों के लिए लस्सी की व्यवस्था की गई थी एवम प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन हेतु आईटीसी पदाधिकारी सहित नीड्स संस्था के सदस्य एवम कुछ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हुए।
विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर आईटीसी मिशन सुनहरा कल के तहत नीड्स संस्था एवम वाश इंस्टीट्यूट के द्वारा नंद कुमार हाई स्कूल के प्रांगण में एक कार्यकर्म का अयोजन किया गया। जिसमें 15 विद्यालय के कुल 450 बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवम शौचालय प्रयोग हेतु जागरूक किया गया।
शिशु जन्म के बाद का 28 दिन उसके जीवन व विकास के लिए अतिमहत्वपूर्ण - जिला भर में 15 से 21 नवंबर तक मनाया जा रहा है नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह - नवजात शिशु के बेहतर देखभाल तकनीक के प्रति लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी मुंगेर नवजात शिशु के जन्म के बाद अगले 28 दिन का समय उसके जीवन व विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। बचपन के किसी अन्य अवधि की तुलना में नवजात शिशु के मृत्यु की संभावना इस दौरान सबसे अधिक होती है। इसलिये ऐसा माना जाता है कि नवजात के जीवन का पहला महीना आजीवन उसके स्वास्थ्य व विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाने व अगले छह माह तक शिशुओं के बेहतर देखभाल के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 15 से 21 नवंबर के बीच नवजात सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इस वर्ष "सुरक्षा, गुणवत्ता और पोषण देखभाल, प्रत्येक नवजात शिशु का है जन्मसिद्ध अधिकार" की थीम नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह का आयोजन जिला भर में किया जा रहा है। जागरूकता से ही नवजात मृत्यु के मामलों में कमी संभव : नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह को महत्वपूर्ण बताते हुए अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (एसीएमओ) डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि जन्म के पहले 28 दिनों में नवजात शिशु मृत्यु के अधिकांश मामले घटित होते हैं। हाल के वर्षों में नवजात शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी आई है। वर्ष 2019 - 20 में जारी एनएफएचएस 05 की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में नवजात शिशु मृत्यु दर शहरी क्षेत्र में 27.9 व ग्रामीण इलाकों में 35.2 के करीब है। इसलिये जोखिम के कारणों की पहचान, उसका उचित प्रबंधन नवजात शिशु मृत्यु दर के मामलों को कम करने के लिये जरूरी है। इसलिये नवजात के स्वास्थ्य संबंधी मामलों के प्रति व्यापक जागरूकता जरूरी है। स्वच्छता, टीकाकरण व उचित पोषण जरूरी - जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ राजेश कुमार रौशन ने बताया कि प्री-मैच्योरिटी, प्रीटर्म व संक्रमण व जन्मजात विकृतियां नवजात शिशु मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। नवजात के स्वस्थ जीवन में नियमित टीकाकरण, स्वच्छता संबंधी मामलों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जन्म के एक घंटे बाद नवजात के लिये मां का गाढ़ा पीला दूध का सेवन जरूरी करायें। उचित पोषण के लिये छह माह तक मां के दूध के अलावा किसी अन्य चीज के उपयोग से परहेज करें। बच्चों के वृद्धि व विकास को बढ़ावा देने के लिये उचित पोषण महत्वपूर्ण है। ठंड में नवजात की सेहत का रखें खास ख्याल-- उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। शिशुओं को इस समय अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिये नियमित अंतराल पर स्तनपान कराना जरूरी है। इसके अलावा एक दो दिन के अंतराल पर बच्चे को गुनगुना पानी से नहलाएं, त्वचा की अच्छी से मालिश करें। बच्चे के कपड़ों को हमेशा साफ रखें। शरीर के तापमान को बनाये रखने के लिये त्वचा से त्वचा का संपर्क जरूरी है। इसके लिये कंगारू मदर केयर तकनीक शरीर के सामान्य तापमान को बनाये रखने के लिये सुरक्षित, प्रभावी व वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तरीका है।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो बच्चियों को निःशुल्क बेहतर इलाज के लिए भेजा गया अहमदाबाद - मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत हृदय रोग से पीड़ित दोनों बच्चियों का निःशुल्क होगा ऑपरेशन - जिलाभर के जरूरतमंदों को आरबीएसके टीम के सहयोग से मिल रही है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुंगेर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक अच्छी पहल है। जिसका लाभ राज्य के सभी जिले के बच्चों को मिल रहा है। इसी योजना के अंतर्गत और मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत हृदय रोग से पीड़ित हवेली खड़गपुर के रहने वाले शंभू महतो की बेटी सुहानी कुमारी और धरहरा प्रखंड के रहने वाले राम यादव की पुत्री सपना कुमारी को हृदय रोग के सफल इलाज के लिए सदर अस्पताल से स्क्रीनिंग के लिए इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पटना भेजा गया। फिर वहां से सफल ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजा गया। जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया कि जिला भर में हृदय में छेद के साथ जन्में तीन बच्चे मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत अहमदाबाद में हुई सफल सर्जरी के बाद आज बिलकुल सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का समुचित इलाज हो रहा और पीड़ित बच्चे स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला भर में पीएचसी से लेकर जिला स्तर के अस्पतालों में तैनात आरबीएसके टीम क्षेत्र भ्रमण कर ऐसे बच्चों को ना सिर्फ चिह्नित कर रही है बल्कि, उसका निःशुल्क समुचित इलाज भी सुनिश्चित करवा रही । शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए कार्य करती है आरबीएसके की टीम : आरबीएसके मुंगेर की जिला समन्वयक डॉ बिंदू ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष तक के बच्चों को किसी प्रकार की गंभीर समस्या होने पर आईजीआईएमएस, एम्स और पीएमसीएच परिसर स्थित आईजीआईसी भेजा जाता है। टीम में शामिल एएनएम बच्चों का वजन उनकी लंबाई व सिर एवं पैर आदि की माप व नाप तौल आदि करती हैं। फार्मासिस्ट रजिस्टर में स्क्रीनिंग किये गये बच्चों का ब्योरा तैयार करते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी बच्चों को चार मुख्य समस्याओं पर केंद्रित किया जाता है। इनमें डिफेक्ट एट बर्थ, डिफिशिएंसी डिजीज, डेवलपमेंट डीले तथा डिसेबिएलिटी आदि शामिल हैं। इससे जुड़ी सभी तरह की बीमारी या विकलांगता को चिह्नित कर इलाज किया जाता है। सक्रियता के साथ प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर टीम कर रही है कार्य : आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ बिंदू ने बताया कि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके इसके लिए हमारी टीम इलाके का भ्रमण कर जरूरतमंदों को चिह्नित कर उन्हें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती है। यही नहीं जरूरतमंदों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने से लेकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तक हमारी टीम जरूरी सहयोग भी करती है। ताकि लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में हमारी टीम तैनात है। जिसमें दो चिकित्सक, एक एएनएम और फर्मासिस्ट शामिल हैं। उन्होंने तमाम जिले वासियों से अपील की है कि जिनका भी बच्चा हृदय रोग से पीड़ित हैं वह अपने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र आकर हमारी टीम को सूचना दें। उनके बच्चे का पूरी तरह निःशुल्क समुचित इलाज करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चियों का इलाज सात निश्चय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत बिल्कुल मुफ्त होगा। इसमें मरीज बच्चा और उसके एक अभिभावक को सरकार अपने खर्चे पर अहमदाबाद ले जाकर उचित इलाज करवाती है। इन बच्चियों को जन्म से ही दिल में छेद था जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा था। सुहानी के पिता शंभू महतो ने बताया कि बार-बार बुखार तथा जल्द ही थकान होने लगती थी। उन्होंने ने बताया कि अहमदाबाद इलाज के लिए जा रही सुहानी की स्क्रीनिंग आइजीआइसी में हुई थी। जहां उनके दिल में छेद होने की पुष्टि हुई। इलाज के बाद इनका फॉलोअप भी किया जाएगा ।
