सरकार के द्वारा बनाए गए बिल्डिंग बेकार पड़ा हुआ है बिहार सरकार के द्वारा लाखों-करोड़ों परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रही है जिसको लेकर के कई तरह के योजनाएं सरकार के द्वारा चलाए जा रहे हैं जिसमें की खास करके नारी सशक्तिकरण को लेकर के बिहार सरकार के द्वारा जीविका को चलाया जा रहा है इस पर सरकार हर साल करोड़ों से अधिक रुपए खर्च कर रही है रोजगार मुहैया कराने को लेकर के बिहार सरकार के द्वारा पर गरीब परिवारों को रोजगार से जोड़ने को लेकर के दर्जनों से अधिक बिल्डिंग बनाया गया है पर वह बिल्डिंग आज अतिक्रमण का शिकार हो जिसमें कि सरकारों का कई लाख रुपया से अधिक खर्च है लेकिन उससे किसी तरह का कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है ताजा मामला मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत लाखों के खर्च से लोगों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से बनी दुकानें इन दिनों प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के चंगुल में जकड़ा हुआ हैं। इसे दुर्भाग्य कहा जाए या पदाधिकारियों की मनमानी जब से दुकानें बनकर तैयार हुई है। तब से लेकर आज तक दुकान का शटर तक नहीं खुला है। विदित हो कि 2009-10 में 13 लाख 47 हजार 500 की लागत से मार्केटिंग शेड का निर्माण स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत कराया गया था। दुकाने बनकर तैयार हुई तो लोगों को इससे उम्मीद जगी कि अब रोजगार करने का एक अच्छा प्लेटफार्म तैयार हुआ है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को लगा कि अब छोटे-मोटे व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगे। परंतु विभागीय उदासीनता के कारण दुकानों पर ग्रहण लग गया और धीरे-धीरे अवैध तरीके से लोगों के द्वारा दुकान के आगे दुकान रूपी ढांचा तैयार कर उसे अतिक्रमण कर लिया गया। आज स्थिति यह है कि दुकानें तो है पर दुकान के आगे दुकान बना देने से दुकानें विलुप्त हो गई है। शटर को जंग खा रहा है दीवारों के प्लास्टर गिर रहे हैं। रखरखाव एवं देखभाल के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है। दिन प्रतिदिन दुकान के आगे लोगों का अवैध होता जा रहा है। और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी मौन बैठे हुए हैं। या यूं कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए दुकान का स्थिति "अंधेर नगरी चौपट राजा" की कहानी को चरितार्थ कर रहा है। प्रखंड मुख्यालय के समीप बने इस शेड के आगे अवैध तरीके से दुकान लगा देने से आए दिन संग्रामपुर बाजार के मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। आए दिन दुकान के आगे एक नया दुकान तैयार हो रहा है। जिसे देखने वाला कोई नहीं है। इस संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजेश कुमार ने बताया कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए दुकानों की देखभाल सहित आवंटित करने का कार्य जीविका के अधीन है। वही इस संदर्भ में प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका निर्भय कुमार ने बताया कि हमें दुकानों के संबंध में किसी तरह का दिशानिर्देश वरीय पदाधिकारी से नहीं मिला है। इस विषय में वरीय पदाधिकारी से राय ली जाएगी। वही अंचलाधिकारी स्नेहा सत्यम ने बताया कि दुकान के आगे जो भी अतिक्रमण कर रखा है उन्हें नोटिस निर्गत कर शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। वही इस संदर्भ में उप विकास आयुक्त मुंगेर संजय कुमार ने बताया कि स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए दुकानें जीविका को सुपुर्द कर दिया गया है। संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय के समीप बने दुकानों की क्या स्थिति है दुकानें आवंटित हुई है या नहीं या अभी आवंटित होना है। इसकी जानकारी संग्रामपुर प्रखंड के प्रखंड परियोजना प्रबंधक सह जीविका कर्मी से पूछी जाएगी।
