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खगड़िया के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष का गोगरी सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण ***********†************************** खगड़िया जिला के गोगरी प्रखंड में खगरिया जिला के जिला अधिकारी आलोक रंजन घोष के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया जिसमें कई सारे कमियां भी पाई गई है जिस बात को लेकर के जिला अधिकारी के द्वारा यहां के शिक्षा अधिकारियों को जमकर क्लास लिया गया और उसे सही करने का निर्देश दिया आलोक रंजन घोष के द्वारा बताया गया कि बिहार सरकार के दिशा-निर्देश पर खगरिया जिला के तमाम अनुमंडल स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र का जांच किया जाना है और यह गोगरी प्रखंड का पहला एक्शन है इसमें कई सारे कमियां पाई गई है और इस कमियों को भरपाई के लिए यहां के प्रबंधक से बात कही गई है जिला अधिकारी के द्वारा यहां पर उपस्थित मरीजों से भी बातचीत किए गए और उसके समस्याओं को समाधान करने के लिए भी बात कही गई मैं मोबाइल वाणी न्यूज़ रविंद्र कुमार धन्यवाद

गोगरी के उसरी खादी भंडार में पुलिस के द्वारा छापामारी की गई 2 दर्जन से भी अधिक शराब की बोतलें जब्त की गई खगरिया जिला के गोगरी प्रखंड के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र श्री के खादी भंडार में 2 दर्जन से भी अधिक शराब के बोतल छापामारी के दौरान जब किया गया है बताया जा रहा है कि कुछ व्यक्ति फोर व्हीलर गाड़ी में शराब की बोतल रखकर शराब का सेलिंग क्या करता था मिली सूचना के आधार पर गोगरी पुलिस के द्वारा छापामारी कर दिया गया जिसमें 2 बोतल देसी शराब का कार्टून बरामद किया गया है मैं मोबाइल में रविंद्र कुमार धन्यवाद

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किसान विरोधी काला कानून के खिलाफ केंद्रीय किसान यूनियनों के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन मुंगेर के अनिश्चितकालीन धरना 10 दिसंबर से लगातार चौथा दिन जारी रहा,धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में मजदूर किसान पहुंचकर धरना स्थल से जुलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए शहर के मुख्य चौक चौराहा होते हुए धरना स्थल पर सभा में तब्दील हुए धरना की अध्यक्षता करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन जिला सचिव भरत मंडल ने कहा की दिल्ली की धरती पर संघर्षरत किसान रोजाना इतिहास गढ़ रहे हैं। केन्द्र की भाजपा सरकार शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों के दमन के हर तरीके आजमा चुकी है। सड़कों में गड्ढ़े खोदे गये, बड़े-बड़े पत्थरों के अवरोध खड़े किये गये, किसानों पर लाठियां बरसायी गयीं, उन पर आंसू गैस के गोले दागे गये और कंपकपाती ठण्ढ़ में उन पर पानी की बौछारें की गयीं। बच्चे-बुजुर्ग सहित तमाम किसानों ने पानी की बौछारों के आगे सीना तानकर कहा कि ‘कितनी पानी की बौछारे करोगे? इससे तो ज्यादा पसीना हम खेतों में बहाते हैं।’ राजसत्ता के दमन-उत्पीड़न की ये तमाम कार्रवाइयां किसानों केसामने अदम्य प्रतिरोध के धारा में तिनके की तरह बह गयी हैं।किसान आंदोलन को तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी मांगें हैं - बिजली विधेयक 2020 रद्द करो। जिला कमेटी सदस्य रविंद्र मंडल ने कहा आंदोलन के दबाव में भाजपा सरकार ने कूटनीतिक तौर पर कुछ संशोधन के प्रस्ताव दिये थे। लेकिन किसानों ने उसे पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने दृढ़तापूर्वक एक स्वर से मांग की है कि ‘ संशोधन नहीं, काला कानून निरस्त करो। *किसान उत्तम दास ने कहा इस नये कृषि कानून का मकसद है, पहला, खाद्य अनाज सहित तमाम रोजमर्रे की वस्तुओं को बहुराष्ट्रीय पूंजी को सौंप देना। वे औने-पौने दामों पर किसानों की फसल खरीदगे और काफी महंगे दामों पर आम लोगों को बेचेंगे। नतीजतन किसान तो बर्बाद होंगे ही, आम लोगों की जिन्दगी भी तबाह होगी। दूसरा, फसलों के दाम पाने की अब तक जो भी बची-खुची सरकारी व्यवस्था है, वह खत्म हो जायेगी। *किसान रंजीत राम ने कहा कांट्रेक्ट खेती या अनुबंध खेती लागू कर किसानों को जर खरीद गुलाम बना देगा दोस्तो, किसानों का यह संघर्ष सिर्फ किसानों का ही नहीं है, यह संघर्ष दो खेमों का है। एक खेमा है थैलीशाह मालिकों का, तो दूसरा है गरीब विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर को सुने और बने रहे मोबाइल वाणी के साथ आपका अपना सामुदायिक मीडिया चैनल सबसे आगे सबसे पहले हर पल पल की खबरें सुनाएं 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुनें और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप इस स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद

मुंगेर से अबोध ठाकुर का रिपोर्ट

हवेली खड़गपुर के ग्रामीण इलाकों के किसान रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास में 4 एकड़ खेती है अभी उसमें गेहूं लगा हुआ है उन्होंने कहा कि किसान का मांग सही है और सरकार को पूरा करना चाहिए सरकार तीनों बिल को वापस ले ले सिर्फ पंजाब के किसान का ही मांग नहीं है पूरे देश का किसान का मांग है

हवेली खरगपुर के ग्रामीण इलाकों में किसानों ने बताया कि वह भारत सरकार जो किसान बिल पास किए हैं उनके खिलाफ में हैं और किसान के साथ हैं उनका मांग है कि किसान को न्याय मिलना चाहिए और सरकार को किसान भी वापस लेना चाहिए

मुंगेर से अबोध ठाकुर की रिपोर्ट

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