सीओ व थानाध्यक्ष ने 4:00 बजे ही दुकानों को करवाया बंद.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
जिले में कोरोना ने भयावह रूप अख्तियार कर लिया है। वही बरियारपुर प्रखंड में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या पाँच के पार हो चुकी हैं।जिला पदाधिकारी ने फ़रमान जारी किए हैं कि जहाँ कहि भी अगर कोरोना संक्रमित व्यक्ति पाये जाएंगे।वहाँ बैरियर केटिंग करना अनिवार्य है।परंतु प्रखंड में एक भी स्थान पर बैरियर केटिंग नही की गई हैं।जिसे देख स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है।वही आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन का काम बस दाह संस्कार करना ही रह गया है जीवन बचना का नही।
जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर एक तरफ प्रशासन द्वारा लोगों से सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के पालन की अपील किया जा रहा है। दूसरी तरफ सब्जी मंडियों में उमड़ रही भीड़ नियमों की अनदेखी करती नजर आती है। बरियारपुर प्रखंड में रोजाना कालीस्थान में सब्जी मंडी लगती है। सुबह व शाम सब्जी खरीदने को लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। लेकिन यहां लापरवाही जारी है। दुकानदार हों या ग्राहक, कोई भी कोविड के नियमों के अनुसार शारीरिक दूरी का पालन करते नजर नहीं आते हैं। ग्राहक तो बिना मास्क के ही दिख जा रहे हैं। सुबह में चौक- चौराहों पर पुलिस की ड्यूटी नहीं रहने पर पूरे मंडी में लोग बिना मास्क के ही नजर आते हैं। दोपहर होते ही मंडियों में भीड़ भी कम हो जाती है और दस बजते-बजते पुलिस कर्मियों के ड्यूटी पर तैनात होते ही लोग पॉकेट में रखे मास्क को निकालकर पहनना शुरू कर देते हैं। सब्जी मंडियों में उमड़ने वाली भीड़ के कारण अन्य राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुल मिलाकर देखा जाय तो सब्जी मंडियों में कोरोना के नियमों की अनदेखी की जा रही है, लोग अब भी लापरवाह बने घूम रहे हैं।
बरियारपुर प्रखंड के मुख्य बाजार में टीनबटिया चौक पर आज बरियारपुर पुलिस द्वारा संघन वाहन जाँच अभियान चलाया गया।जहाँ आने जाने वाले दो पहिया वाहनों की कागजात, हेलमेट व मास्क आदि की जाँच की गई।वाहन जाँच का नेतृत्व ए एस आई असलम खां कर रहे थे।इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आज वाहन जाँच के क्रम में दो बाइक चालकों को बिना हेलमेट के पकड़ा गया।जिससे दंडस्वरूप ₹1000 जुर्माना वसूल कर उन्हें मुक्त किया गया।
बरियारपुर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में आज 50 लोगों को कोविड वैक्सीन का टीका लगाया गया।इस आशय की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि आज स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 50 लोगों को कोविड बचाव के टीके दिए गए।वहीं स्वस्थ्य कर्मियों द्वारा सभी को सलाह दी गई कि कोई भी 14 दिनों तक किसी प्रकार की सुई न ले।टीका देने के आधे घंटे तक स्वस्थ्य कर्मियों द्वारा सभी की सेहत पर नज़र रखी गई।
बरियारपुर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में आज 251 लोगों की कोरोना जाँच की गई।जिसमें 18 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए।इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि आज स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में एंटीजन 173,आरटीपीसीआर 68 व ट्रूनेट 10 के सैम्पल लिए गए।जिसमें एंटीजन जाँच में 18 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए।स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सभी को सलाह दी गई कि सब शोसल डिस्टेंसिंग व मास्क का पालन करें।
बरियारपुर प्रखंड के मुख्य बाज़ार को निर्धारित समय पर बन्द करने हेतु अंचलाधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार,प्रधान लिपि अंशु कुमार के साथ सदलबल ने मुख्य बाज़ार में पैदल मार्च कर दुकानों को बंद करवाया।इस संबंध में ग्रामीणों ने देखा कि 4 बजकर 20 मिनट पर अंचलाधिकारी व सदलबल ने बाज़ार की दुकानों को बन्द कराने में संकल्पित दिखे।
बरियारपुर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आज 154 लोगों का कोविड जाँच किया गया।जिसमें एंटीजन 83,आरटीपीसीआर 61 व ट्रूनेट 10 के सैम्पल लिए गए।इन संबंध में जानकारी देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि आज 154 लोगों की कोविड जाँच की गई।जिसमें एंटीजन में जाँच में 11 लोग संक्रमित पाये गए।
राष्ट्रीय विधवा दिव्यांग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश वर्मा ने केंद्र सरकार व बिहार सरकार से वस्तु स्थिति का अवलोकन करते हुए एक विशेष पैकेज की घोषणा की मांग की है। उन्होंने कहा करोना जैसे महामारी में ज्यादातर गरीब लोग ही झुलस रहे हैं। इसे बचाने के लिए सरकार को कम से कम एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। इस आशय की घोषणा बरियारपुर बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में कि उन्होंने की।
बरियारपुर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बुधवार को 40 लोगों को कोविड वैक्सीन का टीका लगाया गया।इस आशय की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कुल 40 लोगों को कोविड का टिका लगाया गया।वही स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उन्हें सलाह दी गई कि 14 दिनों तक कोई किसी प्रकार की सुई ना ले।टीका देने के आधे घंटे तक स्वस्थ्य कर्मियों द्वारा उनकी सेहत पर नज़र रखी गई।
