पूर्व केंद्रीय मंत्री सह यूनाईटेड डेमोक्रेटिक एलायंस (यूडीए) के राष्ट्रीय संयोजक यशवंत सिन्हा ने शुक्रवार को परिसदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना कहा कि एक वर्ष के 15 वर्ष के शासनकाल में बिहार सभी मोर्चे पर निचले पायदान पर पहुंच गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
पूर्व सांसद अरुण कुमार ने कहा कि फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की मुबंई में हत्या कर दी गई। ऐसे में हमलोग सुशांत सिंह की याद में सुलतानगंज में फिल्म सिटी का निर्माण करा रहे हैं। इसके लिए बिहार के बड़े साहित्यकार, कलाकार, उपन्यासकार आदि के गांव की मिट्टी कलश में भर कर सुलतानगंज ले जा रहे हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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मुंगेर क्षेत्र के वासुदेव पुर निवासी श्यामला नंद जो जनरल स्टोर का दुकान चला कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है इस वैश्विक महामारी कोरोना काल में इनकी स्थिति और भी दयनीय हो जाने से यह मुद्रा लोन के लिए अप्लाई किया बैंकों का चक्कर लगा लगा कर थक गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
जमालपुर विस क्षेत्र से राजद का भावी उम्मीदवार दुर्गेश के साथ वार्ता का अंश।
• जिले में एक से 30 सितम्बर तक पोषण माह है आयोजित • जागरूकता के साथ आयोजित होंगी कई स्वास्थ्य गतिविधियां • बच्चों, किशोर, किशोरियों तथा गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान मुंगेर: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने का काम लगातार जारी है। इसी क्रम में पोषण अभियान अंतर्गत पोषण माह का आयोजन 1 सितंबर से 30 सितंबर तक किया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने जिलाधिकारी व सिविल सर्जन को इस माह होने वाली गतिविधियों की सूची भेजा है और आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं। पत्र के माध्यम से भेजे गये निर्देश में कहा गया है कि कुपोषण की दर में सुधार लाने के लिए भारत सरकार द्वारा पोषण प्राइम मिनिस्टर ओवरआर्किंग स्कीम फॉर हॉलिस्टिक नॉरिशमेंट कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत अतिगंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन, स्तनपान को बढ़ावा, गृह आधारित नवजात की देखभाल, सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, राष्ट्रीय कृमिमुक्ति कार्यक्रम, विटामिन ए खुराक अभियान, आइएफए अनुपूरण, टीकाकारण व ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के आयोजनों को क्रियान्वित किया जाना है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत खबर।
- शारीरिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजर को बनाए जीवन का अहम हिस्सा - बाजार, दुकान में न करें हड़बड़ी में खरीदारी, अपनी बारी का करें इंतजार - जरूरत को देखते हुए मिली है छूट, संक्रमण खत्म नहीं हुआ है यह समझें - आम लोगों की सतर्कता और जागरूकता से ही समाज रहेगा संक्रमण से मुक्त मुंगेर । हवेली-खड़गपुर से मुंगेर व्यापार के सिलसिले में आने वाले व्यवसायी पंकज कुमार सिंह की दिनचर्या इन दिनों बदली हुई है। वह बताते हैं कि वह आयुष भारत के प्रोडक्ट के लिए कार्य करते हैं। कार्य के लिए यात्रा करना तो जरूरी है, लेकिन इस दौरान सुरक्षा और सतर्कता बरतना भी बेहद आवश्यक है। घर से बाहर जब वह निकलते हैं तो इस बात का सबसे ज्यादा ख्याल रखते हैं कि इस दौरान लोगों से प्रर्याप्त शारीरिक दूरी रखें। वह हर वक्त अपने साथ सैनिटाइजर रखते हैं। स्वयं तो हाथ साफ रखते ही हैं, मिलने वाले लोगों से भी इसके बारे में पूछते हैं और सैनिटाइजर ऑफर करते हैं। साथ ही लोगों से स्वच्छता और उनके द्वारा अपनाए जाने वाले सुरक्षा और सतर्कता के उपायों के बारे में भी पूछते हैं। इससे न केवल उनके आसपास के लोग जागरूक रहते हैं, बल्कि एक माहौल भी बनता है जो संक्रमण के खतरे से उनको और समाज को दूर रखता है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत खबर।
सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए इस पर अंकुश लगाया जा रहा है। सुरक्षित प्रसव को लेकर जागरुक्ता अभिशन चलाया जा रहा है और फील्ड वर्करों को इसके लिए विशेष मिशन के तहत लगाया जा रहा है। मातृ शिशु मृत्यु दर पर लगाम लगाने के लिए सरकार सुरक्षति प्रसव को लेकर कई योजनाएं चला रही है। सुरक्षित प्रसव के ऑकड़ों में वृद्धि लाकर मातृ शिशु मृत्यु दर पर विराम लगाने पर मंथन किया जा रहा है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन के लिए जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहें हैं, जिसका साकारात्मक असर भी दिख दिख रहा है। जागरुकता अभियान चलाए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं जागरुक होकर मुहिम को सफल बनाने में लगी हैं। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत खबर।
- सघन दस्त नियंत्रण पखवारा एवं विटामिन ए की खुराक वितरण अभियान के लिए पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण लखीसराय, सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने की कवायद में स्वास्थ्य विभाग लगा हुआ है। कोविड 19 के दौर में भी हरेक व्यक्ति चिकित्सा सेवा मिलने से वंचित न रह जाए यह सरकार की प्राथमिकता में है। विशेष रूप से बालक और बालिका के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर आंगनबाड़ी तक कार्यकर्ताओं को लगातार जागरूक और निर्देशित भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में सघन दस्त नियंत्रण पखवारा एवं विटामिन ए की खुराक वितरण अभियान को लेकर भी बड़ी योजना पर काम किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर बुधवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्चुअल एवं डिजिटल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण राज्य स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा दिया गया। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनको सही पोषण का मिलना जरूरी है. जन्म के बाद शिशुओं को 6 माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाता है. लेकिन 6 माह बाद उसे पोषण देने की जरूरत होती है. इसके लिए शिशुओं को स्तनपान के साथ साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है. शिशुओं को समय से सही आहार के मिलने पर ही बाल कुपोषण की समस्या का निदान हो सकेगा. लोगों के बीच पोषण की जानकारी और इसकी महत्वता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है. इस माह में आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग के सहयोग से पूरे माह पोषण गतिविधियाँ आयोजित कर पोषण पर अलख जगायी जाएगी. ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।
