मुंगेर, 03 मई| प्रेस स्वत्रंता दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार ने राज्य भर के पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में मान्यता देते हुए कोविड वैक्सीनेशन का निर्देश दिया है। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में हर कोई एक योद्धा के रूप में अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहा है। इस संक्रमण के खिलाफ चिकित्सक, पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी के साथ- साथ जिले के पत्रकार भी योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में पत्रकारों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति चिंतित स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम निर्णय लेते हुए पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में शामिल कर कोविड-19 का टीकाकरण किए जाने का आदेश दिया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किया है। जारी किए गए पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों के साथ- साथ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर उन्हें कोविड-19 का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

पीएम स्वनिधि योजना का नहीं मिला लाभ। सुनें कारु मोची की दास्तान..विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

हीरो राजन कुमार ने वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना की मृत्यु पर संवेदना प्रकट की सुनने के लिए क्लिक करें

कर्फ्यू लागू से चरमराई घर की आर्थिक स्थिति,सुनें आनंदी साह का दर्द।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोरोना संक्रमण कि दूसरी लहर के बीच अब सुबह 10 बजे से शाम के 05 बजे तक लोगों को निःशुल्क ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श देंगे सदर अस्पताल मुंगेर के चिकित्सक - जिलाधिकारी रचना पाटिल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई बैठक में जारी किया गया आदेश - इस सम्बंध में जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर के द्वारा जारी की गई है चिट्ठी भी की गयी जारी मुंगेर, 29 अप्रैल 2021 : जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों किकी संख्या को देखते हुए अन्य रोग से बीमार लोगों के बेहतर इलाज में काफी परेशानी आ रही है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी रचना पाटिल ने वीडियो कॉन्फेंसिग के माध्यम से स्वास्थ्यय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम के 05 बजे तक मोबाइल के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श देने संबंधी ब्यवस्था व्यवस्था शुरू करने का आदेश जारी किया है। इस सबंध में जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर के द्वारा एक चिट्ठी जारी कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम के 05 बजे तक मोबाइल पर चिकित्सकीय परामर्श देने वाले डॉक्टर के नाम और मोबाइल नंबर जारी किया गया है। जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया, जिलाधिकारी के साथ हुई ऑनलाइन बैठक के बाद प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 05 बजे तक सदर अस्पताल मुंगेर सहित जिले के अन्य प्रखंडो में कार्यरत डॉक्टरों को मोबाइल पर लोगों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल मुंगेर के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. रामप्रीत सिंह से उनके मोबाइल नंबर 9431183158 पर दिन के 10 बजे से शाम के 05 बजे तक कभी भी उन्हें फोन कर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। इसी प्रकार से जिले के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के. रंजन से उनके मोबाइल नंबर 6206945943 पर, जिले के संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. ध्रुव शाह से उनके मोबाइल नंबर 7004664795 पर, सदर अस्पताल मुंगेर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार से उनके मोबाइल नंबर 9431237475 पर तथा प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र बरियारपुर मुंगेर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार से उनके मोबाइल 7903649865 से दिन के 10 बजे से शाम के 05 बजे तक कभी भी कॉल करके विभिन्न्न बीमारियों के बेहतर इलाज और दवाओं को लेकर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

धरहरा (संवाददाता):-सरकार कोविड -19 से आवाम को बचाने के लिए जहाँ कोरोना महामारी के मृतक के शव को अपने संरक्षण मे अन्तिम दाह संस्कार कराने के लिए वाहन मुहैया करा रही है वहीं मुगेंर के स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण धरहरा प्रखंड के ओडा़बगीचा गांव मे कोविड-19 के मृतक को सरकारी वाहन भी मिलना दुर्लभ हो गया है ।ओड़ाबगीचा वार्ड नंबर 1 में बुधवार की रात्रि लगभग 10 बजे कोविड-19 से संक्रमित महिला की मौत हो गई और गुरुवार दोपहर 3 बजे तक मृतक महिला सुनीता देवी का शव उसके घर में यूं ही पड़ा है ।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

धरहरा (संवाददाता):-प्रशासन को देखकर अनुशासन में रहने की आदत हो सकता है घातक।जी हां हमलोग करीब एक वर्षों से अधिक समय से कोरोना वायरस के प्रभाव एवं दुष्प्रभाव को हम लोग अच्छी तरह से देख रहे हैं। कुछ लोग इस वायरस को निष्प्रभावित करने वाले अनुशासन का पालन नहीं कर रहे हैं। आज भी प्रशासन को देखकर मास्क पहन लेना एक दूसरे के बीच दूरी बना लेना जैसी स्थिति बनी हुईं है। जिससे कोरोना वायरस मानव एवं मानवीय मूल्यों का संघार कर रही है। मानव को मानव से खतरा महसूस होने लगा है।कुछ दिन पूर्व तक जिसे हम नहीं पहचानते थे उनके ख़ोने की सूचना प्राप्त होती थी। आज अपनों को अपनों के बीच से जाने का गम सता रहा है। शायद ही कोई व्यक्ति होंगा जिन्होंने अपने पहचान वाले को नहीं खोया होगा। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

धरहरा (संवाददाता):-धरहरा प्रखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर ओड़ाबगीचा गांव में बुधवार की रात्रि करीब 10 बजे कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत हो गई थी,जिसकी जानकारी धरहरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी तक को दी गई किन्तु सिस्टम की उदासीनता देखते बन रही है अठारह घंटे बीतने बावजूद भी प्रशासन की तरफ से शव को उठाने की कोई ब्यवस्था नहीं की गई,जिस कारण इतनी गर्मी में अठारह घंटे से शव यूं ही पड़ा है, जिससे परिवार सहित पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

गुरुवार को मुंगेर जिले के विभिन्न प्रखंडों से नऐ करोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या पहुंची 164 इसमें 50 महिला तो 114 पुरुष शामिल है इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार आलोक ने दी उन्होंने बताया कि आज मुंगेर के विभिन्न क्षेत्रों से नए संक्रमित मरीजों की संख्या 164 है पर हमें ध्यान रखना है कि यह महामारी जोर शोर से चली है जरूरत के अनुसार ही हम घर से बाहर निकले मार्क्स पहने सैनिटाइजर लगाए तभी हम सुरक्षित रह सकेंगे

गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं द्वारा यह कहा गया कि मुंगेर जिले में अगर मेडिकल कॉलेज होते तो आज सैकड़ों लोगों की जान जा रही है या परेशानी हमें देखने को नहीं मिलती कोरोना ऐसी महामारी में हमें मेडिकल कॉलेज की कमी कमी खल रही है इस मौके पर जिला अध्यक्ष डॉक्टर देवकीनंदन सिंह ने कहा कि अगर मेडिकल कॉलेज होता तो इस तरह से लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना होता है प्रताप इस मौके पर प्रमोद यादव, नरेश यादव, मंटू शर्मा के साथ मीडिया प्रभारी राजेंद्र कुमार हिमांशु मुख्य रूप से उपस्थित थे और काफी दुख जताया कि मेडिकल कॉलेज होते तो लोगों को पटना या भागलपुर जाने की जरूरत नहीं होती लोग इस तरह से त्राहिमाम नहीं होती