शांति समिति की मीटिंग ईद उल अज़हा काफी अहम त्योहार है। मुंगेर में इस त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाए, इसके लिए शांति समिति की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। शांति समिति जिला प्रशासन की कदम से कदम मिला कर मदद करे। यह मीटिंग बहुत खास है जिसमें तमाम मुस्लिम भाइयों को हीरो राजन कुमार ने अग्रिम बधाई दी है। हम सब आपस मे मिलजुल कर अपने जिला, राज्य और अपने देश को आगे बढ़ाएं। ईद उल अज़हा की दिल से मुबारकबाद ! ईद-उल-अज़हा अर्थात् बकर ईद मुसलमानों का बेहद अहम और प्रमुख त्योहार है। ईद उल अज़हा कुर्बानी का दिन होता है और इस का मतलब है खुदा के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान कर देना। इसी भावना को उजागर करता है यह महत्वपूर्ण त्योहार ईद-उल-अज़हा जिसे हम बकर ईद के नाम से भी जानते हैं। हर त्योहार का अपना इतिहास और एक पैगाम भी होता है। इस दिन के लिए भी यह हुक्म दिया गया है कि कुर्बानी के हिस्से को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाए। एक हिस्सा खुद अपने लिए, एक हिस्सा दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए। अर्थात हर एक को एक हिस्सा गरीबों में बांटना है। जिस तरह हर त्योहार में गरीबों का खयाल जरूर रखने की बात कही गई है उसी तरह इस पर्व में भी उनका विशेष ख्याल रखने को कहा गया है ताकि उन्हें भी खुशी मिल सके। इस तरह यह ईद जहां सबको साथ लेकर चलने का सन्देश देती है, वहीं यह भी बताती है कि इंसान को खुदा का कहा मानने के लिए, सच्चाई की राह पे अपना सब कुछ कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। ईद-उल-अजहा के त्योहार के मौके पर सांप्रदायिक सद्भाव भी बनाए रखना जरूरी है। इस कोरोना काल मे मैं सभी मुस्लिम भाईयों से अपील करूँगा कि वे ईद पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें। कहीं भी एक जगह पर इकट्ठे न हों, यही सभी की सुरक्षा के लिए उचित रहेगा। शांतिपूर्ण ढंग से आप सभी ईद उल अज़हा मनाएं और इस महामारी से सभी को महफूज़ रहने की दुआ करें।

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आज दिनाँक 14 जुलाई को जिला राष्ट्रीय राष्ट्रीय जनता दल मुंगेर का शिष्टमंडल मुंगेर जिला के विकास से सम्बंधित 16 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन जिला अध्यक्ष डॉ देवक़ीनन्द सिंह के नेतृत्व में मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त को उनके कार्यालय में जाकर सौंपा। शिष्टमंडल में जिला अध्यक्ष के साथ जिला राजद के उपाध्यक्ष संजय पासवान राजद के राज्यपरिसद सदस्य नरेश सिंह यादव,प्रवक्ता मंटू शर्मा एवँ जिला महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने संयुक्त रूप से मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त को ज्ञापन सौपतें हुए कहा की आयुक्त महोदय मुंगेर को प्रमंडल का दर्जा मिले लगभग 20 वर्ष हो गया पर आजतक मुंगेर प्रमंडलीय मुख्यालय के साथ बिहार एवँ केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।बिहार के सभी प्रमंडलों में सरकार ने पूर्व में हीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोल चुकी है तथा खोलने की स्वीकृति प्रदान कर चुकी है पर मुंगेर के साथ राजनीति शाजिस के तहत मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने के लिए स्वीकृति नहीं दे रही है जबकि इसी प्रमंडल के अधीन बेगूसराय एवँ जमुई में सरकार ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने की स्वीकृति दे दिया है। अतः जिला राष्ट्रीय जनता मेडिकल कॉलेज अस्पताल मुंगेर में भी खुले इसके लिए आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए वर्षो से आंदोलन संघर्ष एवँ पत्राचार करते आ रहे हैं। साथ हीं मुंगेर में यूनिवर्सिटी खुले 4 वर्ष बीत गया पर आजतक बिहार सरकार एवँ विश्वविद्यालय प्रशासन के निष्क्रियता के वजह से मुंगेर विश्वविद्यालय के लिए आजतक न तो भूमि अधिग्रहण हो सका जिसके वजह से मुंगेर विश्वविद्यालय को न अपना भवन है न विश्वविद्यालय में सभी विभागों के लिए समुचित पढ़ाई तथा छात्रों के अन्य सुविधाओं का विस्तार हो सक रहा है। न हीं यहाँ अस्थायी VC की नियुक्ति हो पाती है। साथ हीं साथ मुंगेर प्रमंडल का एक मात्र होमोयोपेथीक कॉलेज अस्पताल कॉलेज प्रबंधक के कुव्यवस्था तथा इस कॉलेज के नॉडल पदाधिकारी जो जिले के DM होते हैं कि शिथिल रवैये के कारण पिछले 4 वर्षों से नए शत्र में नामांकन प्रक्रिया बन्द है जिससे होमोयोपेथीक शिक्षा ग्रहण करने वाले हजारों छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। वहीँ राष्ट्रीय जनता मुंगेर के शिष्मण्डल के द्वारा मुंगेर आयुक्त महोदय को सौंपे ज्ञापन एवँ राजद नेताओं के द्वारा मौखिक रूप से भी जो बातें कहीं गई उसपर ध्यान पूर्वक पढ़ा व सुन कर आयुक्त महोदय मुंगेर ने कहा कि आपलोगों के द्वारा जो भी बाते ज्ञापन में लिखा व दिया गया है यह सभी मुंगेर के विकास से जुड़ा बहुत हीं जनउपयोगी तथा महत्वपूर्ण विषय है इन सभी 16 सूत्री मांगों पर मैं जल्द हीं जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर उक्त सभी विषयों पर जल्द से जल्द सकारात्मक करवाई हेतु बिहार एवँ केंद्र सरकार को भेजेगें।

निक्षय पोषण योजना से टीबी मरीजों को पोषक आहार के लिए मिलती है 500 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि - डायरेक्ट बेनिफिसरी ट्रांसफर का लाभ लेने को टीबी का इलाज करा रहे मरीजों को "निक्षय पोषण " वेबपोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद जारी करवाना पड़ता है नोटिफिकेशन - इस योजना के तहत टीबी मरीज के साथ- साथ प्राइवेट डॉक्टर और ट्रीटमेंट सपोर्टर को भी मिलती है आर्थिक प्रोत्साहन राशि मुंगेर, 14 जुलाई | सन 2018 के अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू की गई सरकार की महत्वकांक्षी योजना " निक्षय पोषण योजना " के तहत टीबी मरीजों को पोषक आहार के लिए 500 रुपये प्रति माह की दर से इलाज शुरू होने के छह महीने तक आर्थिक प्रोत्साहन राशि दी जाती है। डायरेक्ट बेनिफिसरी ट्रांसफ़र (डीबीटी) स्कीम के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि के लिए टीबी मरीजों को सबसे पहले जहां वो टीबी का इलाज करवा रहे हैं उस प्राइवेट डॉक्टर या अपने नजदीकी टीबी पर्यवेक्षक से मिलकर अपना सारा डिटेल्स (अकाउंट्स) " निक्षय पोषण" वेब पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद नोटिफिकेशन जारी करवा लेना आवश्यक है। " निक्षय पोषण योजना " का लाभ लेने के लिए टीबी मरीजों के लिए क्या कुछ है आवश्यक : इस योजना का लाभ सभी प्रकार के मरीजों जिनका इलाज सरकारी अस्पताल या प्राइवेट डॉक्टर के यहां चल रहा हो को इलाज कि अवधि तक 500 रुपए प्रति महीने पौष्टिक आहार के लिए दिया जाता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए टीबी मरीज के पास डॉक्टर का पुर्जा, आधार कार्ड या कोई भी सरकारी पहचान पत्र एवं बैंक पासबुक की छाया प्रति अपने अस्पताल या प्राइवेट डॉक्टर के यहां जहां टीबी मरीज का चल रहा हो वहां जमा करना होता है ताकि मरीज के नाम का नोटिफिकेशन जारी हो सके और उसे डीबीटी का लाभ मिल सके। डीबीटी के जरिये प्रोत्साहन राशि सिर्फ बचत (सेविंग) बैंक या पोस्ट ऑफिस ही मान्य है बैंक एफडी,आरडी, पीएफ, चालू खाता मान्य नहीं है। इसके साथ ही वैसा बैंक खाता ही मान्य है जिसमें पिछले तीन महीने के दौरान लेन देन की गई हो या फिर जिस खाता में विदेश से किसी तरह का पैसा का लेन देन नहीं किया गया हो। इसके विपरीत जिस बैंक खाते में पिछ्ले तीन महीने से कोई लेन देन नहीं किया गया हो या फिर जो बैंक एकाउंट बंद हो उसमें डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर नहीं हो सकती है। "निक्षय पोषण योजना" के तहत बेनिफिसरी के अलावे प्राइवेट डॉक्टर और ट्रीटमेंट सपोर्टर को भी जाती है आर्थिक प्रोत्साहन राशि : जिला यक्ष्मा केंद्र मुंगेर में जिला टीबी/ एचआइवी समन्वयक शलेन्दु कुमार ने बताया कि "निक्षय पोषण योजना" के तहत टीबी मरीजों के अलावा प्राइवेट डॉक्टर को टीबी मरीज का नोटिफिकेशन कराने पर 500 रुपये और इलाज के बाद इलाज पूरी होने या आउटकम मिलने पर 500 रुपये कुल 1000 रुपये कि आर्थिक प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सरकार द्वारा दी जाती है। इसके साथ ही ट्रीटमेंट सपोर्टर के रूप में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका के साथ ही एनओआईसी से प्रशिक्षित वोलेंटियर को ड्रग सेंसेटिव फर्स्ट लाइन मरीज की पहचान कर नोटिफिकेशन करवाने पर 1000 रुपये और ड्रग रेस्टेन्ट सेकेंड लाइन मरीज की पहचान कर नोटिफिकेशन करवाने पर 5000 रुपये तक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सरकार के द्वारा दी जाती है। जिले के सभी टीबी मरीज जिनका इलाज सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर के यहां चल रहा है और जो इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं से अपील करते हुए जिला टीबी/ एचआईवी समन्यक शैलेन्दु कुमार ने कहा कि जिले भर के वैसे सभी मरीज जो टीबी की दवा खा रहे हैं और उन्हें 'निक्षय पोषण योजना' के तहत डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है वो सभी लोग तत्काल अपने प्राइवेट डॉक्टर जहां से वो टीबी कि दवा कहा रहे हैं या नजदीकी यक्ष्मा पर्यवेक्षक से मिलकर अपना नाम और पूरा डिटेल्स ( बैंक डिटेल्स) सहित निक्षय पोषण ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाने के साथ नोटिफिकेशन जारी करवा लें ताकि उन्हें डीबीटी के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा दी जारी आर्थिक प्रोत्साहन राशि मिल सके।

नरेश आनंन्द

उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं के आत्मनिर्भर बनाने में ट्रेडर प्रकोष्ठ का अहम योगदान–अशोक कुमार वर्मा आज दिनांक 14/07/ 2021 दिन बुधवार को जनता दल यूनाइटेड के कर्पूरी सभागार ,मुंगेर में ट्रेडर्स प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा का आगमन मुंगेर जिला दौरा के दरमियान हुआ ट्रेडर्स प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नितिन राज की अध्यक्षता में एक बैठक की गई । जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष संतोष सहनी ,जिला अभियान प्रभारी मिथिलेश मंडल, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जी सत्यजीत प्रकाश ,युवा मुख्य प्रवक्ता शिवम मंडल ,बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव मुख्य रूप से उपस्थित थे । मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि सबको वैक्सीन लेना और दूसरों को वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित करना अति आवश्यक है वहीं उन्होंने महिला उद्यमी योजना के बारे में उपस्थित कार्यकर्ताओं के बीच विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को बताया कि ट्रेडर्स प्रकोष्ठ के माध्यम से पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर इस योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी । वही रिन लेने वाले इच्छुक लोगों का रजिस्ट्रेशन भी करवाया जाएगा । जिला अध्यक्ष संतोष सहनी ने कहा कि करोना की वजह से जो वेबसाइयो का नुकसान हुआ है उससे उबरने में ट्रेडर्स प्रकोष्ठ की अहम भूमिका रहेगी। वहीं जिला अध्यक्ष संतोष सहनी एवं उपस्थित जदयू पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष का अंग वस्त्र भेंट कर एवं माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रेडर्स प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नितिन राज ने कहा कि उन्होंने जो जिम्मेदारी मिली है उसे ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने का कार्य करेंगे मौके पर उपस्थित पार्टी कार्यालय मुंगेर में कार्यकारिणी सदस्य अमित कुमार महिला उपाध्यक्ष रेखा देवी समाज सुधार सेनानी प्रकोष्ठ के जिला प्रवक्ता वीणा सिंह अति पिछड़ा उपाध्यक्ष मोहम्मद ईतेजार अहमद उर्फ चांद महासचिव सुजीत मंडल संजय भगत दिनेश पंडित सुनील मंडल आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे

अब टीबी मरीजों को ट्रूनेट मशीन से किया जायेगा चिह्नितः मंगल पांडेय ऽजिलों को 170 ट्रूनेट मशीन कोविड टेस्ट के लिए कराए गए थे उपलब्ध ऽसंस्थानों में ट्रूनेट मशीन लगाने के निर्देश ऽसंचारी रोग पदाधिकारी व एसीएमओ को जांच की जिम्मेदारी पटना, 13 जुलाई। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि कोविड काल में टीबी के मरीजों को चिन्हित करना अब पहले से और अधिक आसान होगा। इसके लिए ट्रूनेट मशनी का कोविड 19 की जांच के साथ-साथ टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंस टीबी जांच में उपयोग करने का आदेश दिया गया है। इसको लेकर आइजीआइएमएस तथा एम्स सहित पीएमसीएच और राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पताल के प्राचार्य व सिविल सर्जन को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। श्री पांडेय ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दूसरे दौर में कम होने पर राज्य में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी केस नोटिफिकेशन को बढ़ाने की अब पहल की गयी है। बीएमएसआइसीएल एवं कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसब्लिटी के अंतर्गत वर्ष 2020 एवं 2021 में जिलों के विभिन्न अस्पतालों को कुल 170 ट्रूनेट मशीन कोविड 19 टेस्ट के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इन मशीनों द्वारा कोविड के अतिरिक्ति टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी की भी जांच की जा सकती है। राज्य यक्ष्मा भंडार एवं जिला यक्ष्मा केंद्रों में टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी जांच के लिए आवश्यक चिप्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में राज्य के अंतर्गत कोविड टेस्टिंग के लिए आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजेन टेस्ट एवं डायग्नोस्टिक मोबाइल वैन की पर्याप्त क्षमता को देखते हुए मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, जिला यक्ष्मा केंद्रों में उपलब्ध सभी ट्रूनेट मशीन की संलग्न सूची के अनुसार संस्थानों में ट्रूनेट मशीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर एक मशीन से आवश्यकतानुसार कोविड टेस्ट तथा अन्य संस्थानों में ट्रूनेट द्वारा टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी की जांच करने का निर्णय लिया गया है। श्री पांडेय ने कहा कि ट्रूनेट मशीन द्वारा टीबी एंव रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी की जांच के लिए सूची अनुसार ट्रूनेट मशीन लगाने एवं अधिकतम क्षमता तक उपयोग के लिए जिला स्तर पर अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, संचारी रोग, यक्ष्मा तथा प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष उत्तरदायी बनाए गए हैं. वहीं, यह निर्देश दिया गया है कि जिला स्तर पर कोविड-19 जांच के लिए एक ट्रूनेट मशीन को छोड़ कर बाकी सभी मशीनों का संलग्न सूची अनुसार संस्थानों को स्थापित करने के लिए एक हवादार कमरा, रनिंग वाटर स्प्लाई सिंक एवं मशीन को रखने के लिए प्लेटफॉर्म, बिजली आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक सामानों की इसकी स्थापना पर होने वाले खर्च एनटीईपी के अंतर्गत बजट शीर्ष सीविल वर्क से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा किए जाएं। ट्रूनेट मशीन की स्थापना एवं उक्त मशीन की प्रविष्टि निक्षय औषधि के वेब पोर्टल पर करने के बाद जिला यक्ष्मा औषधि भंडार से आवश्यक मात्रा में चिप्स की आपूर्ति की जायेगी। इस प्रयास से राज्य में टीबी मरीजों की पहचान की संख्या बढ़ेगी एवं मरीजांे का बेहतर उपचार हो सकेगा।

मुंगेर जिले में परिवार नियोजन के लिए उपयोगी साधनों को अपनाने वालों की संख्या में हुई बढ़ोतरी - नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे- 5 से खुलासा - आंकड़ों के अनुसार मुंगेर का टोटल फर्टिलिटी रेट 3.4 से घटकर 3.0 पर आया - जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत मंगलवार को जिला के बरियारपुर पीएचसी से एएनएम ने निकाली जागरुकता रैली मुंगेर, 13 जुलाई| मुंगेर जिले में परिवार नियोजन के प्रति लोगों में काफी जागरूकता आई है। नवदम्पतियों सहित जिले के सभी लोगों में परिवार नियोजन के लिए स्थाई और अस्थाई साधनों के इस्तेमाल के प्रति काफी उत्सुकता देखी जा रही है। काफी संख्या में लोग परिवार नियोजन के लिए दोनों साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि एनएफएचएस 5 के आंकड़ों के अनुसार जिले की टोटल फर्टीलिटी रेट 3.4 से घटकर 3.0 पर आ गयी है। टोटल फर्टिलिटी रेट को 3.0 से घटाकर 2.0 पर लाने के लिए विश्व जनसंख्या दिवस 11 से 31जुलाई तक जिले भर में जोर-शोर से जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। मंगलवार को बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एएनएम ने जागरुकता रैली निकाली। लोगों में परिवार नियोजन के प्रति काफी जागरूकता देखी जा रही है- केयर इंडिया की फैमिली प्लांनिग को - ऑर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया कि जिले के लोगों में परिवार नियोजन के प्रति काफी जागरूकता देखी जा रही है। इसका प्रमाण है कि अब सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में परिवार नियोजन के लिए ऑपरेशन करवाने के लिए काफी संख्या में महिला और पुरुष पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिले में परिवार नियोजन के लिए अन्य स्थाई और अस्थाई साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में भी काफी सुधार हुआ है। इसका खुलासा राष्ट्रीय परिवार सर्वे 5 2019- 2020 के आंकड़ों के अनुसार हुआ है। एनएफएचएस- 5 2019- 2020 के आंकड़ों के अनुसार परिवार नियोजन के लिए उपयोगी साधन अपनाने वाले लोगों की संख्या में हुआ सुधार : उन्होंने बताया कि एनएफएचएस 4- 2015 - 16 की तुलना में एनएफएचएस 5- 2019- 2020 के आंकड़ों के अनुसार जिले में परिवार नियोजन के लिए उपयोगी साधन अपनाने वाले लोगों की संख्या में सुधार हुआ है। एनएफएचएस 4 की तुलना में एनएचएफएस 5 2019 - 2020 के आंकड़े इस प्रकार से हैं - 1. परिवार नियोजन के लिए कोई भी साधन अपनाने वाले लोगों की संख्या 35.4% से बढ़कर 68.% हुई है। 2. परिवार नियोजन के लिए कोई भी आधुनिक साधन अपनाने वाले लोगों कि संख्या 33.6% से बढ़कर 49.0% हो गई है। 3. परिवार नियोजन के लिए महिला बंध्याकरण (फीमेल स्टरलाइजेशन) कराने वालों की संख्या 30.7% से बढ़कर 33.7% हो गई है। 4. परिवार नियोजन के लिए पुरुष नसबंदी (मेल स्टरलाइजेशन) कराने वालों की संख्या 0.0% से बढ़कर 0.2% हुई है। 5.परिवार नियोजन के लिए आईयूडी,पीपीएयूडी साधन इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 0.3% से 0.6% हो गई है। 6. परिवार नियोजन के लिए पिल का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 0.3% से बढ़कर 3.1% हो गई है। 7.परिवार नियोजन के लिए कंडोम इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 1.7% से बढ़कर 8.6% हो गई है। 8. परिवार नियोजन के लिए सुई (इंजेक्शन) लगवाने वाली महिलाओं की कुल संख्या 0.4% से बढ़कर 1.1% हो गई है। इसके साथ ही परिवार नियोजन के लिए सुविधाओं में हुआ सुधार 19.8% से बढ़कर 23.3% हो गया है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार जिला में परिवार नियोजन के साधन अपनाने वाले लोगों की संख्या में भले ही बढ़ोतरी हुई है लेकिन जिले की टोटल फर्टिलिटी रेट अभी भी 3.0 से अधिक है। इसे 3.0 से घटाकर 2.0 पर लाने के उद्देश्य से विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक जिला भर में जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को मुंगेर के बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एएनएम ने जनसंख्या स्थिरीकरण को ले जागरुकता रैली निकाली। इस अवसर पर बरियारपुर पीएचसी के एमओआईसी विजय कुमार, बीएचएम मो.अफाक , केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर आकाश कुमार और केयर इंडिया के आईसीटी संतोष कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। इस दौरान दो बच्चों में कम से कम तीन साल के अंतराल के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।

नरेश आनंन्द

कोरोना काल में अब ई. संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम से घर बैठे ले सकेंगे चिकित्सकीय सलाह - गूगल प्ले स्टोर से एप डॉउनलोड करने के बाद मरीजों को अब नहीं लगाने पड़ेंगे डॉक्टरों के चक्कर - कोरोना काल में मरीजों को उसके घर पर ही ऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने की स्वास्थ्य विभाग की पहल मुंगेर, 12 जुलाई| कोरोना काल में ई. संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम से विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज अब घर बैठे चिकित्सकीय सलाह ले सकेंगे। इस एप के जरिये मरीज कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए भीड़ - भाड़ में जाने के बजाय घर बैठे ही ऑनलाइन तरीके से ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाते हुए डॉक्टरों से सम्पर्क कर आवश्यक सलाह ले सकते हैं। मालूम हो कि कोरोना काल में इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर उमड़ने वाली भीड़ और इस दौरान कोरोना गाइड लाइन के तहत शारीरिक दूरी के नियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से केन्द्र और बिहार सरकार के द्वारा ई. संजीवनी ओपीडी मोबाइल एप के रूप में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में अनूठी पहल की गई है। एप या वेबसाइट के जरिये मरीज खुद का रजिस्ट्रेशन करके ओपीडी सेवाओं का लाभ ले सकता जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक ( डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि ई. संजीवनी ओपीडी मोबाइल एप के रूप में नेशनल टेली कंसल्टेशन सर्विसेस (टेलीमेडिसिन) सेवाओं को विस्तार दिया गया है। इस एप या वेबसाइट के जरिये मरीज खुद का रजिस्ट्रेशन करके ओपीडी सेवाओं का लाभ ले सकता है। इसमें डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के साथ- साथ कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, प्राइमरी हेल्थ सेंटर, मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और प्राइवेट डॉक्टरों को भी रजिस्टर्ड किया गया है। इसमें मरीजों को डॉक्टरों का पूरा टाइम और कंसल्टेशन मिले इसका पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर और एएनएम को भी रजिस्टर्ड किया गया है ताकि मरीज और उनके अटेंडेंट को वो जानकारी दे सकें । इस एप में डॉक्टरों को कॉल करने की भी सुविधा दी गई है। क्या है प्रक्रिया ? गूगल प्ले स्टोर से ई. संजीवनी ओपीडी मोबाइल एप डाउनलोड करने के बाद अपना, नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। इसके बाद डॉक्टरों की लिस्ट चेक करें और उपलब्धता के आधार पर डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लें। इसके बाद डॉक्टर के फीड किए गए मोबाइल नंबर पर कॉल कर अपनी परेशानी के बारे में सलाह ले सकते हैं। यहां यदि डॉक्टर को पुरानी जांच रिपोर्ट, एक्स रे, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सहित अन्य रिपोर्ट दिखाना हो तो एप पर उसे अपलोड करने का भी विकल्प मौजूद है। एप के जरिये ही डॉक्टर अपना प्रिस्क्रिप्शन भी भेजेंगे जिसमें डॉक्टर का डिजिटल साइन भी होगा ताकि मरीज को दवाइयां लेने और जांच में कोई परेशानी नहीं हो। सप्ताह में तीन दिन मिलेगी इस एप के जरिये ओपीडी की सुविधा : उन्होने बताया कि जिला में मरीजों को ई. संजीवनी ओपीडी की सुविधा सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 09 बजे से दोपहर 02 बजे तक मिलेगी। इस एप के जरिये मुंगेर की अन्नू कुमारी ने ली चिकित्सकीय सलाह : उन्होंने बताया कि मुंगेर की गलिमपुर निवासी 25 वर्षीय अन्नू कुमारी ने विगत 09 जुलाई को 11. 56 बजे चिकित्सकीय सलाह ली। इन्हें पूरे शरीर में दर्द और उल्टी की परेशानी थी। इनका पेशेंट आईडी 1001360218868144 कॉन्सल्टेशन आईडी 7432868 है। इन्हें डॉक्टर के द्वारा पांच दिनों के लिए दवा भी दी गई है।