शांति समिति की मीटिंग ईद उल अज़हा काफी अहम त्योहार है। मुंगेर में इस त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाए, इसके लिए शांति समिति की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। शांति समिति जिला प्रशासन की कदम से कदम मिला कर मदद करे। यह मीटिंग बहुत खास है जिसमें तमाम मुस्लिम भाइयों को हीरो राजन कुमार ने अग्रिम बधाई दी है। हम सब आपस मे मिलजुल कर अपने जिला, राज्य और अपने देश को आगे बढ़ाएं। ईद उल अज़हा की दिल से मुबारकबाद ! ईद-उल-अज़हा अर्थात् बकर ईद मुसलमानों का बेहद अहम और प्रमुख त्योहार है। ईद उल अज़हा कुर्बानी का दिन होता है और इस का मतलब है खुदा के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान कर देना। इसी भावना को उजागर करता है यह महत्वपूर्ण त्योहार ईद-उल-अज़हा जिसे हम बकर ईद के नाम से भी जानते हैं। हर त्योहार का अपना इतिहास और एक पैगाम भी होता है। इस दिन के लिए भी यह हुक्म दिया गया है कि कुर्बानी के हिस्से को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाए। एक हिस्सा खुद अपने लिए, एक हिस्सा दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए। अर्थात हर एक को एक हिस्सा गरीबों में बांटना है। जिस तरह हर त्योहार में गरीबों का खयाल जरूर रखने की बात कही गई है उसी तरह इस पर्व में भी उनका विशेष ख्याल रखने को कहा गया है ताकि उन्हें भी खुशी मिल सके। इस तरह यह ईद जहां सबको साथ लेकर चलने का सन्देश देती है, वहीं यह भी बताती है कि इंसान को खुदा का कहा मानने के लिए, सच्चाई की राह पे अपना सब कुछ कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। ईद-उल-अजहा के त्योहार के मौके पर सांप्रदायिक सद्भाव भी बनाए रखना जरूरी है। इस कोरोना काल मे मैं सभी मुस्लिम भाईयों से अपील करूँगा कि वे ईद पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें। कहीं भी एक जगह पर इकट्ठे न हों, यही सभी की सुरक्षा के लिए उचित रहेगा। शांतिपूर्ण ढंग से आप सभी ईद उल अज़हा मनाएं और इस महामारी से सभी को महफूज़ रहने की दुआ करें।
