*संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर के खाद वितरक के द्वारा खुलेआम किया जा रहा है कालाबाजारी* जहां एक और बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार के द्वारा किसानों को आय दुगनी करने की बात कही जा रही है वहीं दूसरी ओर किसान यूरिया खाद के लिए तरस रही है। जिसके कारण किसानों का फसल बर्बाद हो रहा है। खाद के बिना किसान का रवि फसल नहीं हो सका हैं,वह भी आशा लगा कर के बैठे हैं की आज खाद मिलेगी तो खेत में रवि फसल लगाएंगे। जानकारी के अनुसार मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड के अंतर्गत खाद की जबरदस्त कालाबाजारी हो रही है। वही किसान शांति देवी उषा देवी सज्जन यादव इत्यादि लोगों ने बताया कि पतघाघर में दो खाद्य भंडार है पहला कृषि खाद भंडार दूसरा साहा कृषि खाद भंडार जिसमें की किसानों के द्वारा यह आरोप लगाया गया कि शाह कृषि खाद भंडार पतघाघर के द्वारा खाद्य ₹350 से लेकर के ₹580 तक यूरिया खाद बेचा गया है। इतना ही नहीं उनके द्वारा यह भी बताया गया कि किसानों को एक बोरिया यूरिया दिया गया और रजिस्टर पर 3 बोरा यूरिया लिखाया गया है वह इस संदर्भ में शाह कृषि केंद्र के मालिक गुड्डू शाह से जब पूछा गया तो उनके द्वारा यह बताया गया कि ऐसा कोई बात नहीं है जिस किसान को खाद नहीं मिला है वह मेरे ऊपर सारा सर झूठा इल्जाम लगा रहा है दूसरा किसान खाद भंडार के मालिक के द्वारा यह बताया गया कि हमारे यहां मात्र 120 बोरा ही यूरिया आया हुआ है जिसमें कि हमने एक सौ से अधिक आधार कार्ड पहले से जमा किया हुआ है उसी लोगों को आज खाद्य वितरण किया जाएगा बाकी लोगों का आधार कार्ड लेकर के हमने रख लिया है आगे खाद आने पर इन लोगों को भी दिया जाएगा वही इस संदर्भ में जब कृषि सलाहकार सीमा कुमारी से बात किया गया तो उनके द्वारा यह बताया गया कि साहा कृषि खाद भंडार में मेरे आने से पहले सारा खाद का वितरण हो चुका था। किसान खाद भंडार में मेरे देखरेख में खाद का वितरण किया जा रहा है। अब इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुकानदार कितना सच बोल रहा है अब देखने वाली बात यह होगी कि बाजार में जो खुलेआम खाद की कालाबाजारी हो रही है वह कब तक रुकेगा, और संबंधित पदाधिकारी इस पर क्या एक्शन लेने वाले हैं ?