रेडक्रॉस सोसाइटी, टीबी मुक्त भारत अभियान में निभायेगी निक्षय मित्र की भूमिका - आम आदमी, एनजीओ,व्यावसायिक और सहकारी संस्थान के साथ निर्वाचित प्रतिनिधि भी निक्षय मित्र बन टीबी रोगियों से निभा सकते हैं सच्ची मित्रता - जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने की निक्षय मित्र योजना से जुड़कर टीबी मुक्त समाज बनाने में योगदान देने की अपील मुंगेर, टीबी रोग के उन्मूलन में सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, गैर सरकारी संस्थान, कॉर्पोरेट संस्थान सहित अन्य संस्थाएं अपनी मजबूत भागीदारी निभा सकते हैं। इसके लिए सरकार “निक्षय मित्र” बनने का मौका दे रही है। अभियान के तहत निक्षय मित्र बनने वाले व्यक्ति या संस्थान मरीजों को पोषण, डायग्नोस्टिक और रोजगार के स्तर पर मदद कर उनसे सच्ची मित्रता निभा सकते हैं। जिला प्रशासन और जिला यक्ष्मा केंद्र ने अपील की है कि जिला के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाएं निक्षय मित्र बनकर टीबी रोगियों की सहायता करने का संकल्प लें। इसके तहत कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल, गैर सरकारी संस्थान, कॉर्पोरेट संस्थान निक्षय मित्र बनकर टीबी रोगियों की सहमति से उनकी विभिन्न तरीके से मदद कर सकते हैं। इसके अलावा पोषण, जांच व रोजगार से जुड़ी मदद कर टीबी मुक्त जिला बनाने में अपना योगदान कर सकते हैं। राज्यपाल सचिवालय से जारी पत्र में संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के राज्य अध्यक्ष डॉ बी के सिन्हा को जारी पत्र में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की राज्य शाखा सहित सभी जिलों में कार्यरत शाखा की भूमिका के बारे में चर्चा की है। पत्र में बताया गया है कि बिहार के सभी जिलों में कार्यरत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला इकाई निक्षय मित्र के रूप में टीबी से ग्रसित मरीजों के इलाज एवम पोषण सहायता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है । इसके अलावा सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकती है। निक्षय मित्र योजना की पूरी प्रक्रिया मरीजों की सहमति पर निर्भर - जिला यक्ष्मा एवम एचआईवी कॉर्डिनेटर शैलेंदु कुमार ने बताया कि निक्षय मित्र योजना की पूरी प्रक्रिया मरीजों की इच्छा और उसकी सहमति पर आधारित होगी। निक्षय मित्र योजना के तहत सामुदायिक सहयोग प्राप्त करने के लिए इच्छुक जिला के मरीजों से सहमति प्राप्त की जा रही है। मरीजों की सहमति प्राप्त करते हुए उनका डिटेल्स निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। जिले में निबंधित टीबी मरीजों से सहमति प्राप्त की जा रही है। जिला के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द से जल्द शत प्रतिशत मरीजों की सहमति पत्र निक्षय पोर्टल पर अपडेट करने का आदेश जिला यक्ष्मा पदाधिकारी के द्वारा दिया गया है। इसके साथ ही अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाते हुए उनकी भी सहमति पत्र प्राप्त कर निक्षय पोर्टल पर अपलोड करने की मुहिम भी शुरू हो चुकी है। निक्षय मित्र रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कर योजना से जुड़ सकते हैं - उन्होंने बताया कि निक्षय मित्र बनने के लिए सबसे पहले communitysupport.nikshay.in पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान पर क्लिक करने के बाद निक्षय मित्र रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद सुविधानुसार निक्षय सहायता के लिए टीबी रोगियों का चयन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में टीबी की बीमारी से जुड़ी हर तरह की जानकारी के लिए निक्षय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6666 पर भी संपर्क कर सकते हैं। टीबी बीमारी कैसे होती है, टीबी कितने प्रकार की होती है, टीबी से बचाव, इलाज, दवा संबंधी सभी प्रकार की जानकारी निक्षय हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कर सकते हैं। पोषण, आजीविका के स्तर पर करेंगे मदद- उन्होंने बताया कि निक्षय मित्र योजना एक तरह से टीबी रोग से पीड़ित लोगों को गोद लेने की योजना है। इस योजना के तहत कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल, गैर सरकारी संस्थान, कॉर्पोरेट संस्थान टीबी के मरीज को गोद ले सकता है। इस अभियान के तहत व्यवस्था की गई है कि निक्षय मित्र बनने वाला व्यक्ति या संस्था कम से कम एक वर्ष के लिए और अधिक से अधिक तीन साल के लिए किसी गांव, वार्ड, पंचायत, ब्लॉक या जिले के किसी टीबी रोगी/रोगियों को गोद लेकर उन्हें भोजन, पोषण, आजीविका के स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध करा सकते हैं। लोग सामाजिक दायित्व के तहत निक्षय मित्र योजना से जुड़कर भारत को टीबी मुक्त करने में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
