*समुचित मुआवजा के मुद्दे पर किसानों ने निकाला किसान तिरंगा पदयात्रा* (सुप्रीम कोर्ट के अभिनिर्णय के खिलाफ जाकर ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं पदाधिकारी - केशरी) सुप्रीम कोर्ट के अभिनिर्णय के अनुसार किसानों को जमीन के बाजार मूल्य का चार गुणा राशि में दस प्रतिशत जोड़ते हुए बारह प्रतिशत ब्याज मिलाकर मुआवजा से कम राशि किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उपर्युक्त बातें किसान समुचित मुआवजा संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय केशरी ने किसान तिरंगा पदयात्रा निकालते हुए किसानों को संबोधित करते हुए कहा। नौवागढ़ी के महमदा पाटम दुर्गास्थान से प्रारंभ होकर पदयात्रा प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंचा और आमसभा में परिणत हो गया। समुचित मुआवजा से वंचित किसान "सुप्रीम कोर्ट के अनुसार मुआवजा देना होगा", "किसान एकता जिंदाबाद", "पहले मुआवजा फिर काम नहीं तो होगा चक्का जाम" आदि नारे लगा रहे थे। किसान तिरंगा पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। बाद में श्री केशरी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल प्रमंडलीय आयुक्त के सचिव से मिलकर सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। श्री केशरी ने आगे कहा कि आर्बिट्रेटर के रूप में प्रमंडलीय आयुक्त के यहां सुनवाई के पहले तिरंगा पदयात्रा निकालकर किसानों ने शासन-प्रशासन को आगाह कर दिया कि अब हम अपनी हकमारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। सचिव विश्वजीत मल्ल तथा कोषाध्यक्ष डब्लू मालाकार ने कहा कि किसी पूर्ववर्ती पदाधिकारी की गलती का खामियाजा किसान क्यों भुगते। उन पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए जिनके कारण किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। डॉ० शैल कुमारी, मीना देवी एवं सावित्री देवी ने कहा कि सरकार किसानों के समुचित मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान करें नहीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसान तिरंगा पदयात्रा में प्रवक्ता संतोष कुमार चौधरी, मनोज कुमार, पवन कुमार सिंह, मो० जियाउद्दीन, मो० जुल्फिकार, शेखर मल्ल, उपेन्द्र मंडल, रामबहादुर चौधरी, संतोष कुमार, दिलीप मल्ल, पिंटू कुमार मंडल, बीरेंद्र मंडल, वार्ड सदस्य निर्मला देवी, रेखा देवी, इन्द्रा देवी, मंजू देवी, उषा देवी, अशोक कुमार मंडल, रंजीत मंडल, नीलेश मल्ल, सुनील कुमार गुप्ता, किशोर पंडित एवं रवीन्द्र मुखिया सहित सैकड़ों किसान शामिल थे।