*लावारिस शवों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार करता है शाश्वत संस्कार - केशरी* लावारिस शवों को गंगा नदी में प्रवाहित करने से जहां उन मृतकों को मुक्ति नहीं मिलती थी वहीं गंगा नदी भी प्रदूषित होती थी जिसे रोकने में महती भूमिका निभा रहा है शाश्वत संस्कार। उपर्युक्त बातें शाश्वत संस्कार के संस्थापक अध्यक्ष संजय केशरी ने अपने आवास पर संस्था की आयोजित विस्तारित बैठक को संबोधित करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि देश में सबसे प्रदूषित मुंगेर को रेल सह सड़क पुल चालू होने के बाद अप्रत्याशित रूप से बढ़ने वाले ट्रैफिक के कारण और अधिक प्रदूषित होने से बचाने के लिए संस्था द्वारा अब तक जलाए गए शवों की याद में तीन सौ अस्सी वृक्ष लगाए जायेंगे। सचिव नरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि हमलोग समाज में बड़ी तेजी से घटते जा रहे संस्कार की रक्षा हेतु आस-पास के बच्चों में संस्कार का अलख जगाने के लिए भी अभियान चलाने जा रहे हैं। संस्था के कोषाध्यक्ष अमरनाथ प्रसाद ललन ने कहा कि लावारिस शवों के साथ-साथ हमलोग वैसे गरीबों के शवों का भी विधिपूर्वक अंतिम संस्कार करते हैं जिन्हें उनके परिजन गंगा नदी में प्रवाहित कर देते हैं। कार्यक्रम को इनके अलावे सुनील कुमार सिंह, अजय भगत, संयुक्ता कुमारी, रामकुमार सिंह, सोनी सिन्हा, सत्यनारायण साह, अजय प्रसाद सिंह, प्रकाश नारायण सिन्हा, बाल्मिकी यादव आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अधिवक्ता समीष वर्मा, भोला यादव, सखीचंद यादव, शंकर यादव, अजय सिन्हा, विश्वनाथ राम, बबलु गुप्ता, दीपक मल्होत्रा, रंजना शर्मा, किरण देवी, शोभा देवी, बेबी देवी, बीणा देवी, इन्दू देवी, रामविनय कुमार एवं केशव केशरी सहित अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।