माताओं को छ्ह महीने तक सिर्फ और सिर्फ अपना स्तनपान कराने के लिए ही करें प्रेरित : जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने स्वास्थ्य कर्मियों को शिशु को नियमित स्तनपान कराने के दौरान माता के द्वारा बरती जानी वाली सावधानी और इससे होने वाले फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए बताया । उन्होंने बताया कि आप सभी क्षेत्र में स्तनपान कराने वाली माताओं को कम से कम छ्ह महीने तक सिर्फ और सिर्फ अपना स्तनपान कराने के लिए ही प्रेरित करें| इसके बाद नियमित स्तनपान के साथ ऊपरी आहार खिलाने की सलाह दें ताकि शिशु को सही पोषण मिल सके और वो कुपोषण का शिकार न होने पाए। नियमित स्तनपान से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता - इस अवसर पर प्रशिक्षक के तौर पर बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत करहरिया हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ विशाखा कुमारी ने सभी लोगों को ब्रेस्ट की एनाटॉमी के साथ-साथ बेनिफिट ऑफ ब्रेस्टफीडिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु को नियमित स्तनपान कराने से उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता जिससे वो कई बीमारियों से लड़ पाता है। इसके साथ ही उन्होंने सभी को वर्बल और नॉन वर्बल कम्युनिकेशन जिसके अंतर्गत पोस्चर, डिस्टेंस, आई कॉन्टेक्ट, बैरियर,टेकिंग टाइम टच, ओपन प्रश्न करना, यूज़ रेस्पॉन्स, रिफ्लेक्ट बैक सिहित कई तकनीकी पहलूओं की बारीकी से जानकारी दी।
