बिहार राज्य के मुंगेर जिला के चण्डीकास्थान निषाद टोला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से मालती देवी से साक्षात्कार लिए है।जिसमे सीता देवी ने बताया है कि वह लोग गरीब बस्ती में रहने वाली है और अपना जीवन यापन मजदूरी कर के करती हैं।वह कहती है कि आंगनबाड़ी केंद्र लॉकडॉन के बाद नहीं खुला है।आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलने से न ही गर्भवती महिला और न ही धात्री महिला को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।उनके दो साल के बच्चे को चार पांच महीने पर आंगनबाड़ी केंद्र से चावल मिलता है लेकिन चावल ख़राब रहता है।ऐसी स्थिति में बच्चे को कुपोषण से कैसे बचाया जा सकता है।
